प्रतिबंधित पिस्टल से मारी गई थी गोली मौके से मिले नाइन एमएम के खोखे

  • मुख्तार अंसारी के प्रतिनिधि व उसके भाई को गोली मारने का मामला
  • पूर्व सांसद धनंजय सिंह व सहयोगी आलोक सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। राजधानी में आये दिन गोलियों की तड़तड़ाहट से लोगों में दहशत व्याप्त है। हालात ये हंै कि राजभवन हो या एसएसपी का आवास कहीं भी लोग सुरक्षित नहीं है। मंगलवार की रात बदमाशों ने एसएसपी आवास के पास मुख्तार अंसारी के प्रतिनिधि शाहिद जाफरी (45) और नामवर जाफरी (35) को गोली मार दी। दोनों को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया गया है। शाहिद की तहरीर पर देर रात हजरतगंज पुलिस ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह व उनके सहयोगी आलोक सिंह पर जानलेवा हमला करवाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस हमले में प्रतिबंधित पिस्टल से हमला किया गया था। मौके पर नाइन एमएम के खोखे बरामद हुए हैं।
एसएसपी का कहना है कि हमलावरों को पकडऩे के लिए कई टीमें गठित की गई है। गोली लगने से घायल शाहिद साल 2017 में मऊ जिले में एक हत्या के मामले में आरोपित था। इस हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी गठित कर जांच की जा रही थी। शाहिद और नामवर उस रंजिश को भी हमले की एक वजह बता रहे हैं। एएसपी पूर्वी सुरेश चंद्र रावत के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है। रंजिश और रुपये के लेनदेन का मामला लग रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोप के आधार पर जांच की जा रही है। आसिफ का दावा है कि उसने भाग रहे बदमाशों पर पत्थर फेंके। बाइक पर पीछे बैठे बदमाश के हेलमेट पर पत्थर लगा तो उसका हेलमेट मौके पर गिर गया, जिससे उसका चेहरा खुल गया। पुलिस आस-पास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक कर रही है। घटनास्थल से 9एमएम के खोखे मिले हैं। इस घटना से एक बार फिर लखनऊ पुलिस की गश्त पर सवालिया प्रश्न उठ रहे है।

ठेंगे पर आदेश, बिना ढके कूड़ा ले जा रहे निगम के वाहन

  • बदबू और गंदगी से परेशान हो रहे सडक़ पर चलने वाले

लखनऊ।(4पीएम न्यूज़ नेटवर्क) शहर की सफाई पर नगर निगम करोड़ों खर्च कर रहा है लेकिन सफाई व्यवस्था के दौरान निगम कर्मी नियमों को ठेंगा दिख रहे है। कर्मियों की लापरवाही सडक़ पर निकलने वालों पर भारी पड़ रही है। नगर निगम शहर से निकलने वाले कूड़े को गाडिय़ों के जरिए डंपिंग ग्राउंड पर भेजता है मगर कूड़ा ले जाते समय इसको तिरपाल से नहीं ढका जाता है। ऐसे में सडक़ पर चलने वाले वाहन चालकों को बदबू और गंदगी का सामना करना पड़ता है जबकि हाईकोर्ट ने इस संबंध में आदेश दे रखा है कि कोई भी वाहन बिना तिरपाल ढके कूड़ा लेकर सडक़ पर न निकले। यह हाल तब है जब नगर निगम के सभी कूड़ा वाहन चालकों को तिरपाल दिया गया है।

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