साक्षी के साथ सुरक्षा मांगने हाई कोर्ट पहुंचे अजितेश पर हमला

  • अज्ञात हमलावरों ने की मारपीट, कोर्ट ने यूपी पुलिस को सुरक्षा उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
  • कड़ी सुरक्षा के बीच दंपति को भेजा गया सुरक्षित स्थान, कोर्ट ने दोनों की शादी को बताया वैध
  • बरेली के भाजपा विधायक राजेश कुमार मिश्रा की बेटी साक्षी ने अजितेश से की है लव मैरिज

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। पत्नी साक्षी के साथ सुरक्षा की गुहार लगाने इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचे अजितेश पर अज्ञात हमलावरों ने हमला कर दिया। अजितेश से मारपीट की गई। कोर्ट ने दोनों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें कोर्ट रूम में बैठा लिया। साथ ही यूपी पुलिस के अधिकारियों को तलब करते हुए दोनों को सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया। कोर्ट ने इससे पहले साक्षी और अजितेश के शैक्षिक प्रमाणपत्र की जांच की। जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा की पीठ ने उनकी शादी को वैध करार देते हुए उन्हें पति-पत्नी के तौर पर रहने की इजाजत दे दी। बता दें कि साक्षी ने अपनी और पति अजितेश की जान को अपने विधायक पिता राजेश मिश्रा से खतरा बताते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस को सिक्योरिटी देने के निर्देश दिए। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान साक्षी के पिता और भाजपा विधायक राजेश मिश्रा को कड़ी फटकार भी लगाई। याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद साक्षी और अजितेश को कड़ी सुरक्षा के बीच सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। साक्षी मिश्रा और अजितेश कुमार के वकील ने कहा कि साक्षी और अजितेश की सुरक्षा के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिए हैं। उनके वकील का कहना है कि केवल अजितेश को पीटा गया था। हालांकि, हमलावर कौन था ये नहीं पता है।

क्या है मामला
बरेली के बिथरी चैनपुर सीट से विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल की बेटी साक्षी मिश्रा ने दलित युवक अजितेश कुमार से शादी करने के बाद दो वीडियो जारी कर अपने और पति की सुरक्षा की गुहार लगाया था। इस वीडियो में साक्षी ने अपने पिता से जान का खतरा बताया था। उसने अपने पिता, भाई और उनके मित्र से अपनी और पति के जान को खतरा बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। साथ ही दो वीडियो वायरल कर बरेली के एसपी से भी सुरक्षा की मांगी की थी।

सीएम योगी ने तलब की रिपोर्ट
भाजपा विधायक राजेश मिश्रा की बेटी साक्षी मिश्रा की अजितेश से शादी प्रकरण पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन के आला अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। प्रकरण में राजनीतिक साजिश है या नहीं, इसको लेकर भी सीएम ने पार्टी और स्थानीय नेताओं से रिपोर्ट तलब की है। इस मामले में भाजपा के ही एक अन्य विधायक का नाम सामने आ रहा है। सोशल मीडिया पर एक स्क्रीन शॉट वायरल हुआ है, जिसमें भाजपा के ही विधायक श्याम बिहारी लाल पर साक्षी मिश्रा के पिता राजेश मिश्रा के खिलाफ साजिश का आरोप लगाया गया है।
क्या कहना है विधायक का
इस मामले में विधायक राजेश कुमार मिश्रा का कहना है कि जो मीडिया में चल रहा है सब गलत है। मेरी बेटी बालिग है। उसको निर्णय लेने का अधिकार है। किसी को धमकी नहीं दी गई है।

बाबरी विध्वंस केस पर ’सुप्रीम‘आदेश फैसला आने तक रिटायर न हों जज

  • मामले की सुनवाई कर रहे सीबीआई जज एसके यादव को सितंबर में होना है रिटायर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में चल रहे मुकदमे के जज के रिटायरमेंट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को आदेश दिया है कि जब तक इस मामले पर फैसला नहीं आ जाता है तब तक सीबीआई जज रिटायर न हों। सीबीआई के जज एसके यादव हैं और उन्हें 30 सितंबर को रिटायर होना है। शीर्ष अदालत ने यूपी सरकार को 19 जुलाई तक यह बताने को कहा कि पूरे मामले की सुनवाई कर रहे जज के रिटायर होने के क्या नियम और कानून हैं। सूचित किया गया है कि ट्रायल कोर्ट के जज को 30 सितंबर को रिटायर होना था लेकिन उन्होंने मुकदमे को पूरा करने के लिए और समय मांगा है। गौरतलब है कि बाबरी विध्वंस मामले में लखनऊ की निचली अदालत में भाजपा नेताओं लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार के खिलाफ मुकदमा चल रहा है।

एक साथ मुकदमा चलाने का दिया था आदेश
अप्रैल 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में रायबरेली और लखनऊ में दर्ज मुकदमों को लखनऊ में एक साथ चलाने का आदेश दिया था।

हाई कोर्ट के बाहर से युवक और युवती के अपहरण से मचा हडक़ंप

  • फतेहपुर से अपहरणकर्ता गिरफ्तार, युवक-युवती भी बरामद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट के गेट नंबर तीन से एक युवक और युवती के अपहरण से हडक़ंप मच गया। अपहरण करने वालों को फतेहपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की सक्रियता से युवक-युवती को बदमाशों की गिरफ्त से छुड़ा लिया गया है। प्रयागराज से अगवा हुए युवक और युवती को कानपुर के कल्यानपुर थाने की पुलिस ने बैरिकेडिंग कर गाड़ी रोकने के बाद छुड़ाने में सफलता प्राप्त की है। दोनों मुस्लिम परिवार के बताए जा रहे हैं। इनको फतेहपुर की खागा कोतवाली में रखा गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पीले रंग की एसयूवी का नम्बर यूपी 82 ही दिखा और उसके पीछे चेयरमैन लिखा था। गेट नंबर तीन से युवक व युवती कोर्ट परिसर में दाखिल होने जा रहे थे। इसी दौरान दोनों का अपहरण कर लिया गया।

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