बंद नहीं हो रहा कर्मियों का शोषण ड्यूटी के दौरान मौत पर भी परिवार को नहीं मिल रही मदद

  • कार्यदायी संस्था के जरिए तैनात कर्मियों को लेकर संवेदनहीन निगम प्रशासन
  • ईपीएफ और ईएसआई के दायरे में लाने की मांग भी नहीं हुई पूरी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नगर निगम में कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से तैनात कर्मचारियों का शोषण बंद नहीं हो रहा है। संवेदनहीनता का आलम यह है कि ड्यूटी के दौरान मौत होने के बावजूद ऐसे कर्मचारियों के परिवारों को किसी भी प्रकार की आर्थिक या कोई अन्य सहायता तक नहीं मिल रही है। इन कर्मियों को आज तक ईपीएफ और ईएसआई के दायरे में भी नहीं लाया गया है।
नगर निगम में कार्यदायी संस्थाओं के जरिए काम करने वाले कर्मचारियों की हालत बदतर है। कई बार मांग उठाने के बाद भी ऐसे कर्मचारियों को ईपीएफ और ईएसआई के दायरे में नहीं लाया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में नगर निगम कर्मचारी संघ ने नगर निगम के अफसरों से लेकर नगर विकास मंत्री तक को कई पत्र लिखे हैं, लेकिन इसका कोई असर नहीं पड़ा। निगम प्रशासन ने भी इस मामले पर कोई सहानुभूति पूर्ण रवैया नहीं अपनाया। लिहाजा कार्य के दौरान किसी दुर्घटना में मौत या घायल हो जाने की स्थिति में नगर निगम प्रशासन ऐसे कर्मचारियों और उनके परिवारों की कोई मदद नहीं करता है। पिछले दिनों नगर निगम के आरआर विभाग में कार्यदायी संस्था के माध्यम से तैनात एक कर्मचारी की करंट लगने से मौत हो गई थी लेकिन कर्मचारी के परिवार को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं दी गई। निगम के कर्मचारियों ने अपने वेतन से मृतक के परिवार की कुछ सहायता जरूर की। कर्मचारियों का कहना है कि अगर नगर निगम में कर्मचारियों को ईपीएफ व ईएसआई के दायरे में लाया जाता तो उसके परिवार की मदद में समस्या नहीं आती।

पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं

इस वर्ष नगर निगम में कार्यदायी संस्था के माध्यम से टेलीफोन ऑपरेटर के पद पर तैनात एक महिला कर्मचारी की बीमारी के कारण मौत हो गई थी लेकिन आज तक उसके परिवार को कोई मदद नहीं मिली। वर्ष 2017 में मार्ग प्रकाश विभाग में तैनात लाइन मैन की मौत कार्य के दौरान हो गई लेकिन मृतक के परिवार को कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली।

कर्मचारी संघ ने नगर विकास मंत्री को लिखा पत्र

नगर निगम कर्मचारी संघ ने नगर विकास मंत्री को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया कि कर्मचारियों को ईपीएफ व ईएसआई के दायरे में न लाए जाने के कारण कार्य के दौरान कर्मचारियों की मौत हो जाने के बाद उनको निगम प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता नहीं मिलती है। कर्मचारियों की समस्या से नगर निगम के अफसरों को अवगत कराया गया लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। पत्र के जरिए मंत्री से कर्मचारियों को ईएसआई व ईपीएफ के तहत लाने की मांग की गई है।

कार्यदायी संस्थाओं के जरिए तैनात कर्मचारियों के संदर्भ में नगर विकास मंत्री को पत्र लिखा गया है। साथ ही यह बताया गया है कि मृतक शिवकुमार के तीन छोटे बच्चे हैं, जिनको तत्काल आर्थिक सहायता की आवश्यकता है।
आनंद वर्मा
अध्यक्ष, कर्मचारी संघ

 

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