शासन ने 28 और पुलिसकर्मियों को दिया जबरन रिटायरमेंट

  • आईजी मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में नियुक्त कमेटी की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई
  • स्क्रीनिंग में फेल होने पर 50 की उम्र पार कर चुके पुलिसकर्मियों को दिखाया बाहर का रास्ता

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के सभी सरकारी विभागों से नाकारा एवं भ्रष्ट कर्मचारियों और अधिकारियों को सेवानिवृत्ति देने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में आईजी मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में बनी स्क्रीनिंग कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर 28 पुलिसकर्मियों को जबरन रियारमेंट दे दिया गया है। इसमें कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, औरैया और कन्नौज व फतेहगढ़ के पुलिसकर्मी शामिल हैं। साथ ही सभी पुलिसकर्मी 50 वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं।
जानकारी के मुताबिक जबरन सेवानिवृत्ति के लिए शासन के आदेश के बाद आईजी मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी। इस स्क्रीनिंग कमेटी में एसएसपी अनंत देव व एसपी कन्नौज अमरेंद्र प्रसाद सिंह सदस्य थे। कमेटी ने रेंज से शासन को दागी पुलिसकर्मियों की सूची भेजी थी। इसमें ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले, भ्रष्टाचारी, घूसखोर तथा काम न करने वाले पुलिसकर्मी शामिल थे। शासन स्तर पर रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद 28 पुलिसकर्मियों को जबरन सेवानिवृत्ति का आदेश जारी कर दिया गया है। इससे विभाग में हडक़ंप मचा हुआ है।

पुलिसकर्मियों की लिस्ट

कानपुर नगर
एलआईयू के हेड कांस्टेबल उदय प्रताप, सिपाही उदयवीर सिंह, केशव सिंह भदौरिया, समरपाल, बनमाली, जगदीश सिंह, संतराम यादव।
कानपुर देहात
सिपाही अवधेश कुमार यादव, नवरतन सिंह, रामराज यादव, मित्र प्रकाश यादव, पुष्पेंद्र सिंह, अनिल कुमार।
इटावा
दारोगा गुलाब सिंह, हेड कांस्टेबल मौकम सिंह, सिपाही जोखन प्रसाद, बृजेंद्र सिंह।
औरैया
दारोगा राजेश चंद्र पांडेय, दारोगा अजय कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल सरिता सिंह चंदेल व आशाराम।
फतेहगढ़
सिपाही विजय प्रताप सिंह, लालाराम, अवधेश कुमार।
कन्नौज
दारोगा बालादीन, हेड कांस्टेबल देशराज व शिव बहादुर सिंह और सिपाही बाबूराम यादव।

विवादों के ‘चैंपियन’ पर गिरी गाज बीजेपी ने दिखाया बाहर का रास्ता

  • अपनी हरकतों के चलते तीन महीने के लिए पहले से ही चल रहे थे निलंबित

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पिस्टल और बंदूक लहराकर डांस करने वाले उत्तराखंड के बहुचर्चित और खानपुर से विधायक प्रणव सिंह चैंपियन को बीजेपी ने स्थाई रूप से निलंबित कर दिया है। पहले से ही अपनी हरकतों के चलते तीन महीने के लिए बीजेपी से निलंबित चल रहे विधायक को अब पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। बीजेपी की ओर से कहा गया कि किसी भी जनप्रतिनिधि का गैर-जिम्मेदराना व्यवहार पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी। एमएलए का वायरल वीडियो देखने के बाद पार्टी की ओर से तत्काल कार्रवाई की गई है।
बता दें, हाल ही में प्रणव सिंह चैंपियन का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह अन्य लोगों के साथ खुलेआम बंदूक और पिस्टल लहराते हुए फिल्मी गानों पर डांस करते नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं वीडियो में प्रणव सिंह चैंपियन मुंह में भी पिस्टल दबाए दिख रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने दोनों हाथों में असलहे लेकर खूब मौज-मस्ती और डांस किया है। इससे पूर्व चैंपियन के खिलाफ एक पत्रकार के साथ बदसलूकी का मामला भी सामने आया था।

बरेली की महिला सिपाही बनी ‘मिसेज भारत’

  • 35 प्रतियोगियों को पीछे छोडक़र हासिल किया खिताब
  • पूजा की इस सफलता से पुलिस विभाग में खुशी की लहर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
बरेली। खाकी में मनचलों और बदमाशों को सबक सिखाने वाली बरेली की महिला सिपाही पूजा सक्सेना ने ‘मिसेज भारत’ का खिताब अपने नाम कर लिया है। महिला थाने में तैनात एंटी रोमियो स्क्वॉड की सिपाही पूजा सक्सेना ने दिल्ली में हुई एक बड़ी प्रतियोगिता में 35 प्रतिभागियों को पछाडक़र मिसेज भारत का खिताब जीता है। पूजा की इस सफलता से पुलिस विभाग में खुशी की लहर है।
बरेली में सुभाषनगर थाने की राजीव कॉलोनी निवासी अनिल कुमार सक्सेना मुरादाबाद जिले में दारोगा हैं। उनकी बेटी पूजा सक्सेना पिता के नक्शेकदम पर चलकर साल 2011 में कांस्टेबल बनीं और फिलहाल महिला थाने में तैनात हैं। महिला सिपाही पूजा की शादी लखीमपुर खीरी निवासी अमित कुमार से हुई है जो लखनऊ में रहकर व्यवसाय करते हैं। उनका एक बेटा और एक बेटी है। अपनी इस सफलता से पूजा काफी खुश हैं। पुलिस विभाग से अवकाश और अधिकारियों से अनुमति लेकर पूजा प्रतियोगिता में शामिल हुई थीं।

बुलंदशहर हादसे पर सीएम ने जताया दुख

  • दो हादसों में एक महिला समेत पांच लोगों की मृत्यु का मामला

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो अलग-अलग सडक़ हादसों में एक महिला सहित पांच लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने हादसे में घायल व्यक्तियों का बेहतर इलाज कराने और उनकी हर संभव सहायता करने के निर्देश दिए हैं। इस हादसे में घायल व्यक्तियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिसमें तीन लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक पहला हादसा पहासू थाना क्षेत्र में मारूति वैन और टैंकर की टक्कर के कारण हुआ था। जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। वहीं दूसरी घटना में दो रोडवेज बसें आपस में भिड़ीं, जिसमें एक महिला समेत तीन की मौत हो गई।

अब इटावा जेल में कैदियों का जुआ खेलते वीडियो वायरल

  • वीडियो में खाकी वर्दी पहने पुलिसवाले भी मौजूद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
इटावा। यूपी की जेलों के एक के बाद एक कारनामे सामने आ रहे हैं। ताजा मामला इटावा जेल का है जिसका एक वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में कैदियों का एक झुंड ताश खेलते हुए नजर आ रहा है। ताश के खेल में पैसे का भी इस्तेमाल हो रहा है, यानी जुआ खेला जा रहा है। वीडियो जेल के ही किसी कैदी ने चोरी छुपे बनाया है। हैरान कर देने वाली बात ये है कि कैदियों का जुआ खेलना चोरी छुपे नहीं बल्कि जेल प्रशासन की शह पर हो रहा है। वीडियो में खाकी वर्दी पहने पुलिसवाला जुआ खेलने वालों से पैसों की वसूली भी कर रहा है। हालांकि, इटावा के डीएम इस तरह की किसी घटना से इनकार कर रहे हैं।
इटावा डीएम का कहना कि हर महीने हम जेल का निरीक्षण करते रहे हैं जुए जैसी कोई चीज नहीं पाई गई। वहीं जेल अधीक्षक ने इस मामले में फोन पर कुछ भी स्पष्ट बोलने से इनकार कर दिया। बता दें कि इटावा जेल से 7 जुलाई की तडक़े सुबह करीब 3 बजे इटावा जिला जेल में हत्या के आरोप में आजीवन सजा काट रहे दो कैदी जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए जेल से फरार हो गए थे। उनमें से एक कैदी की ट्रेन से कट कर मौत हो गई थी तो वहीं दूसरा कैदी फरार हो गया था। इस घटना के बाद जेल डीआईजी ने तीन वार्डेन और एक बंदी रक्षक को निलंबित कर दिया था। वहीं दो दिन पूर्व मऊ जिला जेल में कैदियों का अपनी मर्जी के मुताबिक खाना खाने से लेकर नशा करने तक का वीडियो जारी किया गया था। इस वीडियो में जेल प्रशासन पर हर सुविधा के बदले पैसे लेने के गंभीर आरोप भी लगाये गये थे। इस प्रकरण की जांच डीआईजी को सौंपी गई है।

कन्नौज: एंबुलेंस नहीं मिली तो मरीज को साइकिल पर बिठाकर पहुंचाया अस्पताल

  • जिला अस्पताल में मरीजों के लिए स्ट्रेचर तक की सुविधा नहीं

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कन्नौज। सरकार भले ही एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने और मरीजों की कॉल पर जल्द से जल्द मदद पहुंचाने की कोशिशों में लगी है, लेकिन हकीकत में सरकारी तंत्र की लापरवाही के कारण सरकार की खूब किरकिरी हो रही है। ताजा मामला कन्नौज जिले का है, जहां घायल मरीज को ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं पहुंची तो मजबूरन उसे साइकिल पर बैठाकर अस्पताल ले जाना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक एक मरीज पैर में चोट लगने के कारण चलने में असमर्थ था। उसे अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलाई गई लेकिन नहीं मिली। इसलिए तीमारदार उसे साइकिल से ले गये। हकीकत यह है कि कन्नौज के जिला अस्पताल में मरीजों के लिए न तो स्ट्रेचर है, न डॉक्टर है, न एंबुलेंस और न ही सामान्य सुविधाएं। इस वजह से मरीजों को मजबूरन सब कुछ अपने दम पर करना पड़ता है। वहीं इस घटना की जानकारी होने के बाद से ही अस्पताल प्रशासन में हडक़म्प मच गया है। अधिकारी खुद को बचाने की कोशिशों में जुट गये हैं। इतना ही नहीं जिस घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली वह अस्पताल का ही स्टाफ मेंबर निकला। ऐसे में आम जनता की स्थिति को आसानी से समझा जा सकता है। बता दें, जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं की समस्या नई नहीं है। यहां रोजाना मरीजों को डॉक्टर न होने, स्ट्रेचर और एंबुलेंस नहीं मिलने की समस्या को झेलना पड़ता है।

स्टाफ ने की बदसलूकी

जिला अस्पताल की लापरवाही के चलते तीमारदार घायल मरीज को साइकिल पर अस्पताल ले गये थे। इसके बाद एक्सरे करवाने ले गये। लेकिन एक्सरे रूम के बाहर साइकिल खड़ी करने पर स्टाफ के कर्मचारियों ने मरीज और तीमारदारों से बदसलूकी की। इतना ही नहीं स्टाफ के लोगों ने बाहर आकर कार्यवाही की धमकी दी। मरीज को एक्सरे रूम में जाने के लिए स्ट्रेचर तक नहीं दी गई। तब भी परिजनों ने किसी तरह मरीज को उठाकर वहां पहुंचाया और जांच करवाई।

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