जोखिम में जर्जर भवनों में रहने वालों की जान

  • सूची के आदान-प्रदान से की जा रही खानापूर्ति, बारिश से कभी भी जमीदोंज हो सकते जर्जर भवन
  • चिन्हित किए जाने के बाद भी नगर निगम ने नहीं जारी की नोटिस भवन छोडऩे को तैयार नहीं लोग

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शहर में हर साल बरसात का मौसम जर्जर भवनों में रहने वालों की धडक़नें तेज कर देता है। यहां जर्जर भवनों के धराशायी हो जाने की घटनाएं होती हैं फिर भी ऐसे भवनों में लोग रह रहे हैं। वहीं नगर निगम और जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
पिछले कुछ सालों से बारिश के दौरान यहां जर्जर भवनों के जमींदोज होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे ऐसे भवनों में निवास करने वाले सैकड़ों परिवारों में दहशत हैं। इन भवनों में रहने वालों के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम कुछ करता नहीं नजर आ रहा है। मानसून से पहले नगर निगम ने शहर के 232 जर्जर भवनों की सूची तैयार की है लेकिन इन भवनों में लोग अपनी जान जोखिम में डाल कर रह रहे हैं। पिछले साल निगम ने भवनों को गिराने के लिए भवन स्वामियों को नोटिस भेजा था। इस साल भी ऐसी ही तैयारी चल रही है लेकिन इस बार ऐसे भवन स्वामियों को नोटिस तक जारी नहीं किया गया है। नगर निगम के एक अफसर ने बताया कि शहर में तमाम जर्जर भवन गिरने की कगार पर हैं लेकिन इसमें रहने वालों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। लोग भवन छोडऩे को तैयार नहीं हैं। सैकड़ों परिवार मजबूरी के चलते जर्जर भवनों में रहने को मजबूर हैं।

जिला प्रशासन को करनी है कार्रवाई
नगर निगम की ओर से हर साल जर्जर भवनों पर कार्रवाई के लिए सूची प्रशासन को भेजी जाती है जिससे हादसे की कगार पर पहुंच चुके भवनों को खाली कराकर उसको गिराया जा सके। नगर निगम के अपर नगर आयुक्तअमित कुमार का कहना है कि जर्जर भवनों की सूची बनाकर जिला प्रशासन को भेजी गई है।

हर साल बढ़ रहे आंकड़े
2016-17: 93 जर्जर भवन
2017-18 : 121 जर्जर भवन
2018-19: 232 जर्जर भवन

जोनवार जर्जर भवनों की संख्या

जोन-एक : 99
जोन दो : 43
जोन तीन : 09
जोन चार : 07
जोन पांच : 00
जोन छह : 73
जोन सात : 00
जोन आठ : 01

हो चुके हैं हादसे

ड्ड8 जून 2018 को आकाशीय बिजली से बड़े इमामबाड़े के भूलभुलैया का छज्जा गिर गया था, जिससे दो लोग घायल हो गए थे।
ड्ड 29 अगस्त 2017 चिनहट स्थित हरदासी खेड़ा में संजय रावत के मकान का बीम गिर गया। इसकी चपेट में आकर पप्पू, सुमन तिवारी और शर्मा देवी घायल हो गई थीं।
ड्ड 27 अगस्त 2017 को ठाकुरगंज के तहसीनगंज में बारिश के कारण दीवार गिरने से तीन बच्चे घायल हो गए थे।
ड्ड 6 जुलाई 2015 को बर्लिंग्टन चौराहे से चंद कदम दूर ओडियन सिनेमा के पास बारिश व आंधी के कारण जर्जर मकान की दीवार ढह गई थी। सडक़ पर खड़े कुछ वाहन मलबे में दब गए थे।
ड्ड 9 अगस्त 2015 को हसनगंज कोतवाली के ठीक सामने पुराने मकान का छज्जा ढह गया। एक बच्ची मलबे में दब गई थी।
ड्ड 17 अगस्त 2015 को बारिश के कारण जलकल कॉलोनी में एक मकान का छज्जा गिर गया था।
ड्ड19 अगस्त 2015 को आईटी चौराहे पर एक मकान की 8 फिट ऊंची दीवार गिर गई थी। इसके मलबे में एक कार दब गई थी।

 

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