ये लखनऊ पुलिस है जनाब, पहले करती है अपमानित, दबाव पडऩे पर मांगती है माफी

  • मीडिया में खबर आई तो सुबह ही पहुंच गए माफी मांगने
  • बीकेटी इंस्पेक्टर अमरनाथ वर्मा ने प्रिंसिपल से की थी अभद्रता

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। यह लखनऊ पुलिस है जनाब, नवाबों के शहर में यह अपने व्यवहार से कुछ ऐसा करती है कि पूरे विभाग को शर्मिंदगी उठानी पड़ती है। लखनऊ पुलिस पहले अपमानित करती है और जब अधिकारियों का दबाव पड़ता है तो इज्जत देने लगती है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां बीकेटी इंस्पेक्टर ने पहले प्रिंसिपल को वर्दी की धौंस दिखाई बाद में जब दबाव पड़ा तो माफी मांगी।
बीकेटी कोतवाल अमरनाथ वर्मा अपने क्षेत्र के एक स्कूल में एडमिशन के संदर्भ में प्रिंसिपल से मिलने गए थे। वहां प्रिंसिपल ने सीट नहीं होने की बात कही और एडमिशन से मना कर दिया। इतने में साहब भडक़ गए और वर्दी की धौंस दे डाली। इस मामले को जब मीडिया ने प्रमुखता से उठाया तो कोतवाल साहब पर दबाव पडऩे लगा। पुलिस सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि उनसे कहा गया है कि यदि माफी नहीं मांगी हो तुमको पुलिस लाइन जाना पड़ेगा। साहब के समझ में कुछ आया नहीं और वे सुबह ही स्कूल पहुंच गए। वहां सामूहिक रूप से माफी मांगते हुए कहा हमको अपने किए पर आत्मग्लानि है। उनके पिताजी भी प्रिंसिपल हैं और उनकी धर्मपत्नी भी शिक्षिका हैं। जब मीडिया में आई खबर को उनके पिताजी ने देखा तो उन्हें बहुत डांटा। मैं शर्मिंदगी महसूस कर रहा हूं। मैं इसके लिए माफी चाहता हूं। प्रिंसिपल साहब ने उनको माफ कर दिया है। इस मौके पर स्कूल के सभी स्टूडेंट्स और सीओ बीकेटी बीनू सिंह भी मौजूद रहीं।

आरटीआई में खुले देश के बड़े बकायेदारों के नाम

  • एबीजी, भूषण स्टील, शक्तिभोग, एमटेक, एस्सार और जेपी समेत कई ग्रुप शामिल
  • आरटीआई एक्टिविस्ट नूतन ठाकुर ने मांगी थी जानकारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। केंद्रीय सूचना आयोग के आदेशों के अनुपालन में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक्टिविस्ट डॉ. नूतन ठाकुर को देश के 41 बड़े बकायेदारों की सूची प्रदान की है। नूतन ने देश के बड़े बकायेदारों के संबंध में आरबीआई द्वारा बनाई गई दो सूची से जुड़ी सूचना मांगी थी। बड़े बकायेदारों की प्रथम सूची में 12 कम्पनियां, एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड, आलोक इंडस्ट्रीज लिमिटेड, एमटेक ऑटो लिमिटेड, भूषण पॉवर एंड स्टील लिमिटेड, भूषण स्टील लिमिटेड, इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स लिमिटेड, इरा इन्फ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड, एस्सार स्टील इंडिया लिमिटेड, जेपी इन्फ्राटेक लिमिटेड, ज्योति स्ट्रक्चर लिमिटेड, लैंको इन्फ्राटेक लिमिटेड तथा मोंनेट इस्पात एंड एनर्जी लिमिटेड शामिल हैं। जबकि बड़े बकायेदारों की दूसरी सूची में 29 कंपनी हैं। जिसमें एनरेक एल्युमीनियम लिमिटेड, एशियन कलर कोटेड इस्पात लिमिटेड, बिल्ट ग्राफिक पेपर्स प्रोडक्ट्स लिमिटेड, कैसटेक्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड, कोस्टल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड समेत कई अन्य शामिल हैं।
बता दें, आरबीआई के जन सूचना अधिकारी ने आरटीआई एक्ट की धारा 8(1)(डी) में सूचना देने से मना कर दिया था, जबकि अपीलीय अधिकारी ने बैंकों द्वारा दी गयी ऋण विषयक सूचना बताते हुए इसे आरबीआई एक्ट की धारा 45ई में निषिद्ध बताया था। सूचना आयुक्त सुरेश चंद्रा ने नूतन की इस बात से सहमति व्यक्त की थी कि यह सूचना पूरी तरह जनहित से जुड़ी है क्योंकि बड़े बकायेदारों की सूची का लोकहित में विशेष महत्व है तथा लोगों को इनके नाम जानने का पूरा अधिकार है। अत: इन बड़े बकायेदारों का नाम छिपाया जाना आरबीआई एक्ट के विपरीत होगा। फिलहाल आरटीआई में मिली जानकारी के मुताबिक देश की नामचीन कंपनियों के साथ ही इस्ट कोस्ट एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, एस्सार पॉवर (झारखण्ड) लिमिटेड, एस्सार प्रोजेक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड, जीईटी पॉवर लिमिटेड, आइवीआरसीएल लिमिटेड, जय बालाजी इंडस्ट्रीज लिमिटेड, जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड, जायसवाल नेको इंडस्ट्रीज लिमिटेड, मोंनेट पॉवर कंपनी लिमिटेड तथा नागार्जुन आयल कारपोरेशन लिमिटेड भी बड़े बकायेदारों में शामिल हैं। इसके अलावा आर्किड केमिकल एंड फार्मासिटिकल लिमिटेड, रूचि सोया इंडस्ट्रीज लिमिटेड, सेल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी लिमिटेड, शक्ति भोग फूड लिमिटेड, सोमा एंटरप्राइज लिमिटेड, ट्रांसस्ट्रॉय (इंडिया) लिमिटेड, यूनिटी इन्फ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड, उषदेव इंटरनेशनल लिमिटेड, उत्तम गलवा मैटेलिक लिमिटेड, उत्तम गलवा स्टील्स लिमिटेड, विडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड, विडियोकॉन टेलीकम्यूनिकेशन लिमिटेड, विसा स्टील लिमिटेड तथा विंड पॉवर (इंडिया) लिमिटेड भी इस सूची में हैं।

निगम कर्मी की मौत पर कर्मचारियों में आक्रोश

  • कर्मचारी संघ ने नगर विकास मंत्री को पत्र लिखकर उजागर की लापरवाही

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नगर निगम के आरआर विभाग में कार्यदायी संस्था के माध्यम से तैनात कर्मचारी शिवकुमार की करंट लगने से मौत होने के बाद साथी कर्मचारियों ने ऐसे कर्मियों के हक की लड़ाई तेज कर दी है। कर्मचारियों को ईपीएफ व ईएसआई की परिधि में न लाए जाने पर नगर निगम कर्मचारी संघ ने नगर विकास मंत्री को पत्र लिखकर निगम की कार्यप्रणाली की हकीकत उजागर की है।
संघ की ओर से नगर विकास मंत्री को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि कर्मचारियों को ईपीएफ व ईएसआई की पररिधि में न लाए जाने के कारण कार्य के दौरान कर्मचारियों की मौत होने के बाद उनको निगम प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता में दिक्कत आती है। संघ ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की समस्या को लेकर कई बार नगर निगम के अफसरों को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

मायावती के ट्वीट का इंतजार कर रही जनता: मनीष शुक्ला

  • चीनी मिल घोटाले को लेकर साधा निशाना

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लकनऊ। प्रदेश में बसपा शासन काल के दौरान चीनी मिल घोटाले की जांच में बड़े-बड़े खुलासे हो रहे हैं। इन खुलासों पर तंज कसते हुए भाजपा प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने कहा है कि प्रदेश की जनता बसपा सुप्रीमो मायावती के ट्वीट का इंतजार कर रही है। क्योंकि देश और प्रदेश में हर छोटी बड़ी घटना पर ट्वीट करने वाली मायावती चीनी मिल घोटाले को लेकर चुप्पी साधे हैं।
मनीष शुक्ला ने कहा कि चीनी मिल घोटाला जनता की प्रॉपर्टी और उसके धन के दुरुपयोग की कहानी बयां कर रहा है। चीनी मिलों को अपने करीबियों को बसपा शासन में औने-पौने दामों में बेचा गया और बसपा सुप्रीमो के शासन काल में भष्टाचार पर कार्रवाई के नाम पर 2012 में मुख्यमंत्री बने अखिलेश यादव पांच साल तक इस भ्रष्टाचार पर परदे डाल रखे थे। आज भाजपा सरकार में सब की कलई खुल गई है । उन्होंने कहा कि बसपा-सपा ने किसानों के साथ छल किया है। चीनी मिलों को बेचा गया। जान बूझकर कई चीनी मिलों को ठप किया गया, जिससे उसको भी बेचने की स्थिति में लाया जा सके। परिणामस्वरूप प्रदेश में गन्ना की बुवाई का रकबा घट गया। वहीं 19 मार्च 2017 को जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी तो इस ढाई साल के कार्यकाल में नई चीनी मिलों को खोला गया। मिलों की पेराई की क्षमता बढ़ायी गई। गन्ना किसानों के बकाए का और वर्तमान गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया। इसलिए अल्पकाल में ही उत्तर प्रदेश में गन्ना बुवाई का रकबा बढ़ गया।

जारी है सीबीआर्ई की छापेमारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। देश भर में सीबीआई के छापों का दौर अभी भी जारी हैं। आज बुलंदशहर के डीएम और कौशल विकास निगम के एमडी के घर भी छापेमारी की गई। इन दोनों मामलों में सीबीआई के अफसर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं, पर बताया जा रहा है कि यह छापे खनन के पट्टों को लेकर चल रही सीबीआई जांच के संबंध में मारे गये है। आईएएस बी चंद्रकला के निवास पर पहले ही सीबीआई छापेमारी कर चुकी है।
उल्लेखनीय है कि सपा सरकार में अवैध खनन को लेकर कई बार खनन का मामला देश भर में सुर्खियां बटोर चुका है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाला गायत्री प्रजापति रातोंरात अरबपति बन गया था। तब इकबाल जैसे खनन के ठेकेदारों ने जम कर पैसा कमाया था और खनन की लूट मचा दी थी। कई जिलों में खनन माफियाओं ने सरकार के समकक्ष साम्राज्य खड़ा कर दिया था। इस बीच सरकार बदली और बलात्कार के आरोप में गायत्री को जेल जाना पड़ा। गायत्री अभी भी जेल में ही है। माना जा रहा है कि आज के सीबीआई छापे भी इसी कड़ी का एक हिस्सा हैं।

 

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