बारिश: डेंगू-मलेरिया का बढ़ा खतरा, रोगों से निपटने की तैयारी में जुटे सरकारी अस्पताल

  • बेड आरक्षित करने के साथ दवाओं व अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश
  • चिकित्सकों को दिया गया प्रशिक्षण, लोगों से भी सतर्क रहने की अपील
  • संवेदनशील क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें कर रही हैं दौरा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बारिश के साथ ही संक्रामक रोगों समेत डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के फैलने का खतरा बढ़ गया है। इन रोगों से निपटने के लिए राजधानी के सरकारी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। डेंगू पीडि़त मरीजों के लिए बेड आरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं दवाओं समेत अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा गया है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में टीमों को भेजा जा रहा है।
बरसात के मौसम के साथ मच्छर और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों के काटने से होने वाली डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से निपटने के लिए अलर्ट जारी किया गया है। रोगों के प्रति जागरूकता फैलाने, साफ-सफाई व बचाव के पर्याप्त इंतजाम करने के लिए अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं। जुलाई व अगस्त में डेंगू-मलेरिया व टायफाइड जैसे घातक रोगों का प्रकोप सबसे अधिक होता है। पिछले साल कई लोगों की मौत डेंगू से हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी की रोकथाम के साथ बेहतर इलाज के इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। लोहिया अस्पताल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी का कहना है कि अभी मलेरिया के एकाध मरीज आ रहे हैं। डेंगू का अभी कोई मरीज नहीं आया है मगर बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। एहतियातन मरीजों की डेंगू, मलेरिया की जांच की जा रही है। वहीं बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डॉ. राजीव लोचन का कहना है कि पैथोलॉजी में डेंगू, मलेरिया की पहचान के लिए पर्याप्त जांच किट हैं। साथ ही दवाओं व अन्य व्यवस्थाएं पूरी तरह चाक-चौबंद कर दी गई है। उनका कहना है कि इस मौसम में लोगों को मच्छर और जलजनित बीमारियों से सतर्क रहना चाहिए। राजधानी के सिविल अस्पताल में भी मौसमी बीमारियों से निपटने के दावे किए जा रहे हैं। वहीं प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी अलर्ट पर रखा गया है। पिछले वर्ष राजधानी में डेंगू और चिकनगुनिया ने काफी लोगों को चपेट में ले लिया था।

लगाए जा रहे स्वास्थ्य शिविर

मच्छरजनित और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा संवेदनशील क्षेत्रों में टीमों को निरीक्षण के लिए भेजा जा रहा है। पिछले दिनों फैजुल्लागंज में स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर शिविर लगाया गया था और लोगों की जांच पड़ताल की गई थी। इस दौरान स्वास्थ्य टीमों ने लोगों को दवाइयां वितरित की और रोगों से बचाव के कई टिप्स भी दिए।

सभी अस्पतालों में डेंगू व मलेरिया के मरीजों के लिए बेड आरक्षित करने को कहा गया है। इन बीमारियों से पीडि़तों को मच्छरदानी लगे बेड पर भर्ती करने के आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही अन्य संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. पद्माकर सिंह
महानिदेशक, स्वास्थ्य विभाग

सिविल के चिकित्सा अधीक्षक
डॉ. आशुतोष दुबे का कहना है कि डेंगू मरीजों के लिए अस्पताल में 12 बेड आरक्षित किए गए हैं। दो डॉक्टरों और स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

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