यमुना एक्सप्रेस-वे पर पुल से गिरी जनरथ बस, 29 की मौत

  • लखनऊ से दिल्ली जा रही बस आगरा में हुई हादसे का शिकार, कई अन्य घायल
  • सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख की आर्थिक मदद का किया ऐलान
  • डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा मौके पर पहुंचे, घायलों का लिया हालचाल
  • पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जताया दुख

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
आगरा। लखनऊ से दिल्ली जा रही यूपीएसआरटीसी रोडवेज बस यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसे का शिकार हो गई। बस 30 फुट गहरे झरना नाले में गिर गई जिसके कारण बस में सवार 29 लोगों की मौत हो गई जबकि 20 लोग घायल हो गए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। वहीं डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने अस्पताल में घायलों का हाल-चाल जाना। उनके साथ परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह व प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ला भी मौजूद रहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हादसे पर दुख जताया है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री पंकज सिंह भी मौके पर पहुंचे।
अवध डिपो की जनरथ बस यूपी 33 एटी 5877 रविवार रात दस बजे आलमबाग रोडवेज बस स्टैंड से सवारियों को लेकर दिल्ली के लिए निकली थी। यह तडक़े 3.30 बजे यमुना एक्सप्रेस वे पर पहुंच गई। यहां से करीब दो-तीन किलोमीटर चलते ही चालक को झपकी लग गई। इसके बाद अनियंत्रित होकर बस यमुना एक्सप्रेस वे पुल से 30 फुट गहराई में झरना नाले में जाकर गिर पड़ी। हादसे के समय अधिकतर यात्री सो रहे थे। सूचना पर पुलिस पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा गया। हादसे में मरने वालों में कई लखनऊ के हैं।

संसद में उठा मुद्दा
सदन में सपा सांसद रामगोपाल यादव ने आगरा एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ड्राइवर स्पीड लिमिट का पालन नहीं करते और शराब पीकर गाड़ी चलाते हैं। सीसीटीवी कैमरे वहां लगे हुए हैं लेकिन ओवर स्पीडिंग पर चालान होता है या नहीं इसकी जांच होनी चाहिए, जुर्माना लगता है या नहीं, क्षमता से ज्यादा सवारियां भरते हैं, इस पर जुर्माना लगता है या नहीं, इन बिंदुओं की जानकारी परिवहन मंत्रालय को लेनी चाहिए।

सीएम योगी ने 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट
लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ इस हादसे से बेहद दुखी हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे की 24 घंटे में रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने परिवहन आयुक्त धीरज साहू, आगरा के मंडलायुक्त अनिल कुमार और पुलिस महानिरीक्षक आईजी के. सतीश गणेश की एक समिति बनाने का निर्देश दिया है। इस समिति को 24 घंटे में घटना की जांच करने के साथ ही इस दुर्घटना के कारण की रिपोर्ट देनी होगी। इसके साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचने के लिए एक दीर्घकालिक सिफारिशों पर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीएम से की बात
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हादसे पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी बात की है। साथ ही जिलाधिकारी से बात कर घायलों के उचित इलाज के लिए निर्देश दिए हैं। राजनाथ सिंह लखनऊ के सांसद हैं।

अखिलेश ने जताया दुख, मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि वे इस दुख की घड़ी में शोक संतृप्त परिवार के साथ हैं। अखिलेश ने सरकार से मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख की मुआवजा राशि देनी चाहिए। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की।

कर्नाटक: कुमार स्वामी सरकार पर संकट, लोक सभा में कांग्रेस ने भाजपा को घेरा

  • निर्दलीय विधायक ने भी दिया इस्तीफा, बागी विधायकों ने लौटने से किया इंकार
  • कांग्रेस ने कहा सरकार को अस्थिर कर रहे भाजपा के राष्टï्रीय नेता, भाजपा ने आरोपों को किया खारिज

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कर्नाटक में 13 विधायकों के इस्तीफे के बाद राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है। कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार को बचाने की हर संभव कोशिशें जारी हैं। वहीं आज एकमात्र निर्दलीय विधायक नागेश ने अपना मंत्रीपद छोड़ दिया है, उन्होंने अपना इस्तीफा भी राज्यपाल को भेज दिया है। गहराते संकट के बीच कांग्रेस के सभी मंत्रियों ने भी इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस भाजपा पर सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगा रही है। लोक सभा में कांग्रेस सांसद ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर हमला बोला है।
बागी विधायकों को मनाने के लिए गठबंधन सरकार की ओर से उन्हें मंत्री पद देने का वादा किया जा रहा है लेकिन, कांग्रेस के 10 और जेडीएस के 3 विधायकों ने ये ऑफर ठुकरा दिया है। ऐसे में अब गठबंधन सरकार ने आखिरी दांव चला है। निर्दलीय विधायक नागेश के इस्तीफे के बाद कांग्रेस सांसद डीके सुरेश कहा कि इसके पीछे भाजपा के राष्ट्रीय नेता हैं। भाजपा के लोग यह सरकार नहीं चाहते। यह मुद्दा संसद में भी गूंजा। कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने भाजपा को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कर्नाटक में जो कुछ हो रहा उससे भाजपा का कोई संबंध नहीं है, हमने कभी भी इस तरह से किसी पर दबाब नहीं बनाया।

क्या है गणित
कर्नाटक में कुल 224 विधानसभा सीटें हैं, बहुमत का आंकड़ा 113 है। इसमें भाजपा के 105 विधायक हैं जबकि कांग्रेस के पास 80 और जेडीएस के पास 37 विधायक हैं। इस तरह से दोनों के पास कुल 117 विधायक हैं। बसपा और निर्दलीय विधायक भी गठबंधन का समर्थन कर रहे हैं लेकिन, 13 विधायकों को इस्तीफे से गठबंधन सरकार के पास 104 विधायक रह जाते हैं। इससे वह अल्पमत में आ जाएगी।

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