इंडिया हॉस्पिटल: जिंदा युवक को बता दिया मुर्दा, हडक़ंप

  • इलाज के नाम पर वसूल लिए छह लाख
  • परिजनों ने कर दी थी दफनाने की तैयारी
  • सांस चलती देख युवक को अस्पताल में कराया भर्ती

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी के प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों को लूटने और इलाज में लापरवाही का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसा ही एक मामला सोमवार को सामने आया। निराला नगर स्थित इंडिया हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर के डॉक्टरों ने सोमवार को एक मरीज को जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। तीमारदार युवक को लेकर घर पहुंचे। जब घर में उसे लिटाया तो देखा उसकी सांसें चल रही थीं। आनन-फानन में मरीज को उठाकर लोहिया संस्थान की इमरजेंसी ले जाया गया। जहां पर डॉक्टरों ने बेड खाली न होने का हवाला देकर वापस कर दिया। इसके बाद तीमारदार मरीज को लेकर इंदिरा नगर स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे और वहां भर्ती कराया है। तीमारदारों का कहना है कि नौ दिन के उपचार के दौरान करीब छह लाख रुपए वसूल लिए और बाद में मरीज को मृत बताकर हमें सौंप दिया। इंदिरा नगर सी ब्लॉक के रहने वाले खालिद का बेटा फुरकान (24) बीती 22 जून को हादसे में जख्मी हो गया था। तीमारदार मरीज को लेकर ट्रॉमा सेंटर आए। जहां बेड नहीं मिला। इसी दौरान एक निजी एंबुलेंस चालक ने उसे निराला नगर स्थित इंडिया हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। करीब 9 दिन तक भर्ती रखने बाद सोमवार सुबह दोपहर करीब एक बजे डॉक्टरों ने मरीज को मृत घोषित कर दिया। तीमारदार उसे घर चले आए। दफनाने के लिए कब्रिस्तान में कब्र खोदी जा चुकी थी। खालिद का आरोप है कि निजी अस्पताल ने नौ दिन में वेंटिलेटर शुल्क व दवाओं का खर्चा मिलाकर करीब छह लाख रुपए वसूल लिए। वह बेटे को दफनाने की तैयारी कर रहे थे तभी उसकी सांसें चलने लगी। उसे इंदिरा नगर स्थित सीएनएस अस्पताल में भर्ती कराया है। पिता का कहना है कि वह मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से करेंगे।

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