शर्मनाक: प्रदेश के कई जिलों में डीएम रह चुके अधिकारी कर रहे चोरों की पैरवी

  • न्यायिक अधिकारी राजर्षि शुक्ला के पास कई पुलिस अधिकारियों की रिकॉर्डिंग मौजूद
  • पीएमओ, गृह मंत्रालय ने लिया संज्ञान, यूपी सरकार को कार्रवाई के लिए भेजी चिट्ठी
  • आईपीसी की धारा 186 के तहत पैरवी करने वाले आईएएस पर हो सकती है कार्रवाई

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। किसी भी प्रदेश में प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी कानून व्यवस्था को बनाये रखने की होती है। लेकिन जब जिलाधिकारी जैसे पद पर बैठने वाले अधिकारी ही चोरों और डकैतों की पैरवी करने लगें तो कानून व्यवस्था भगवान भरोसे ही रहती है। ताजा मामला यूपी से जुड़ा है, यहां के एक आईएएस अधिकारी पर चोर को बचाने की पैरवी करने का आरोप लगा है। इस संबंध में न्यायिक अधिकारी राजर्षि शुक्ला ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को पत्र लिखकर चोरों की पैरवी करने वाले अधिकारी की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। जिसे गंभीरता से लेकर पीएमओ ने यूपी सरकार को पत्र भेजकर कार्रवाई के लिए चिट्ठी भेजी है।
राजधानी के गोमतीनगर इलाके में आईएएस अफसरों की कॉलोनी सीएसआई टावर में कुछ महीनों पूर्व राजनीतिक पेंशन विभाग के प्रमुख सचिव राजन शुक्ला के फ्लैट का ताला तोडक़र चोर नगदी व गहनों समेत लाखों का माल लेकर फरार हो गए। इसके साथ ही उनके भाई व न्यायिक अधिकारी राजर्षि शुक्ला का असलहा भी चोरी हुआ था। सबसे खास बात है कि सीएसआई टॉवर में चौबीसो घंटे कड़ी सुरक्षा रहती है। यहां किसी भी बाहरी व्यक्ति के आगमन पर गेट पर पूछताछ की जाती है। उसका नाम-पता और वाहन का नंबर नोट किया जाता है। सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं। ऐसे में वरिष्ठ आईएएस अफसर के फ्लैट का ताला तोडक़र चोरी करके बदमाशों ने सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दे डाली है। इस मामले में पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है, लेकिन इस जांच में जिन गार्डों पर पुलिस शक कर रही है या जिनके ऊपर पीडि़त परिवार के लोग शक जता रहे हैं उनको उठाने की हिम्मत लखनऊ पुलिस के पास नहीं है। इस मामले में पुलिस के कई अधिकारियों ने न्यायिक अधिकारी राजर्षि शुक्ला से मुलाकात कर उन अधिकारियों के नाम बताए हैं, जो घटना की जांच में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। इस मामले को लेकर राजर्षि शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर ऐसे अधिकारियों के बारे में बताया है। पीएमओ व गृह मंत्रालय से इस मामले में यूपी सरकार को पत्र लिखकर बताया गया है कि ऐसे अधिकारियों के ऊपर कार्रवाई की जाये और चोरों का पता लगाया जाए। वहीं पीएमओ व गृहमंत्रालय ने राजर्षि शुक्ला को पत्र भेजकर आश्वस्त किया है कि कोई भी हो उसके ऊपर कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि राजधानी में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के कारण आम आदमी से लेकर खास तक दहशत में है।

क्या है धारा 186

आईपीसी की धारा 186 ऐसे लोगों पर लगती है जो विवेचना में बाधा उत्पन्न करते हैं। पुलिस के ऊपर दबाव बनाते हैं कि वह जिसके ऊपर शक करती है उससे कोई पूछताछ न करे और न ही उसे हिरासत में रखे। इस मामले में तीन माह की जेल और 500 रूपये जुर्माने की सजा का प्रावधान है।

जल्द सामने आएंगे अधिकारियों के नाम: राजर्षि

न्यायिक अधिकारी राजर्षि शुक्ला ने कहा कि चोरों की पैरवी करने वालों में चार आईएएस अधिकारी हैं। इसमें एक सेवानिवृत्त हो गए हैं। इन अधिकारियों के बारे में जानकारी देने वाले पुलिस अधिकारियों ने पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं। हाईकोर्ट में उन साक्ष्यों को दाखिल करूंगा। इन लोगों के कारण जांच में बाधा आ रही है और पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर पा रही है। यह भी कहा कि आईएएस हो या सामान्य व्यक्ति कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।

 

Loading...
Pin It