मायावती का ‘नया नाटक’, अब सभी चुनाव अकेले लड़ेगी बसपा

  • राजनीति में सबसे अविश्वसनीय चेहरा बन गई हैं मायावती
  • पहले दावा किया कि परिवार का कोई व्यक्ति नहीं आयेगा राजनीति में पर अब परिवार को लाकर कमान सौंपने की हो गई तैयारी
  • मतलब देखकर पाला बदलने में माहिर हैं माया मैम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
सपा मुखिया अखिलेश यादव को जोर का झटका जोर से ही देकर मायावती किनारे हो गईं हैं। सपा मुखिया पर लंबे चौड़े आरोप लगाकर मायावती ने आज ऐलान कर दिया है कि अब वे भविष्य में सभी चुनाव अकेले लड़ेंगी। यह बात दीगर है कि माया के इन बयानों को कोई भी गंभीरता से नहीं लेता क्योंकि मायावती अपने बयान से पलटने के लिए माहिर मानी जाती हैं। अलबत्ता यह बात सभी मान रहे हैं कि रणनीति के लिहाज से अखिलेश यादव ने बसपा का साथ लेकर बहुत बड़ी चूक कर दी। वहीं माया के इस फैसले पर भाजपा के नेता चुटकी लेने से बाज नहीं आ रहे हैं।लोकसभा चुनाव से पहले जब सपा और बसपा ने हाथ मिलाया था तो इसे बहुत बड़ी राजनीतिक ताकत माना गया था। राजनीतिक विश्लेषक दोनों पार्टियों के परम्परागत वोटों को जोडक़र भविष्यवाणी करने लगे थे कि इन दोनों के साथ आने से राजनीतिक परिदृश्य ही बदल जायेगा। शुरुआती दौर में भाजपा भी इस गठबंधन से परेशान थी, मगर जब नतीजे निकले तो मोदी लहर ने इस गठबंधन को हवा में उड़ा दिया।सपा को इस गठबंधन से भारी नुकसान हुआ। अलबत्ता मायावती खासे फायदे में रहीं और उनकी सीट शून्य से बढक़र 10 तक पहुंच गई, मगर राजनीति की चतुर खिलाड़ी मायावती ने मौके का फायदा उठाकर फिर पलटी मारी। उनको लगा कि सपा को निपटाने का इससे बढिय़ा कोई तरीका नहीं है। उन्होंने मुस्लिमों को अपनी ओर लुभाने के लिए आनन-फानन में अखिलेश यादव पर यह कह कर हमला बोल दिया कि उन्होंने मुसलमानों को कम टिकट देने की बात कही थी। मायावती की यह रणनीति इसलिए थी कि वह मुस्लिमों को यह संदेश दे सकें कि वह मुस्लिमों के ज्यादा करीब हैं। ऐसा करने से मुस्लिमों के मन में उनके भाजपा के साथ सरकार बनाने की जो पीड़ा है वह कम हो जायेगी। माया बार-बार अखिलेश पर यह कहकर भी हमला कर रही हैं कि यादवों ने उनका साथ नहीं दिया और साथ ही वह उपचुनाव लडऩे की तैयारी भी वह कर रही हैं, जाहिर है मायावती का यह नया राजनीतिक दांव है जो उनके भविष्य को तय करेगा।

स्वार्थ पर आधारित गठबंधनों का यही भविष्य होता है। माया भी मुलायम की राह पर चलकर अपनी पार्टी को परिवार की पार्टी बनाने में जुटी हैं। मगर जनता ने उनको नकार दिया है।
-मनीष शुक्ला, प्रवक्ता, भाजपा

लोकतंत्र में सबको अकेले चुनाव लडऩे का अधिकार है। कांग्रेस अकेले लड़ेगी। बसपा भी अकेले लड़े इसमें कोई समस्या नहीं है, मगर मायावती अब तक सब पर परिवारवाद का आरोप लगाती थी तो क्या अब बहुजन परिवारवाद पार्टी नहीं हो गई।
-सुरेन्द्र सिंह राजपूत, प्रवक्ता, कांग्रेस

मायावती ने मुस्लिमों को टिकट वाली बात कहकर बहुत हल्की बात कही हैं। मायावती को इतनी हल्की बात नहीं कहनी चाहिए थी। राजनीतिक समझौते में नफा और नुकसान तो होते ही रहते हैं।
-आजम खां, सांसद, सपा

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा बिहार सरकार से कैसे मर गए इतने बच्चे

  • बिहार और यूपी सरकार को 7 दिन में शपथ पत्र देने के दिए निर्देश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
दिल्ली। बिहार में 170 बच्चों की मौत ने देश को दहला दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आज एक जनहित याचिका में बिहार और उत्तर प्रदेश सरकार को 7 दिन में शपथ पत्र देने के निर्देश जारी किए हैं। बिहार में बच्चों की मौत का सिलसिला रूकने का नाम ही नहीं ले रहा है। बिहार सरकार की लापरवाही से बच्चे तड़प-तड़प कर दम तोड़ रहे हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सात दिनों के भीतर दोनों सरकारें बच्चों के इलाज के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता से संबंधित सुविधाओं का सीलबंद लिफाफा प्रस्तुत करें। कोर्ट बच्चों की मौत पर बहुत चिंतित भी दिखी। बिहार के सीएम नीतीश कुमार बच्चों की मौत पर लगातार चुप्पी साधे हैं। पत्रकारों के सवाल पूछने पर वह भडक़ जा रहे हैं। साफ है कि बच्चों की मौत का मामला अब सरकार के गले की फांस बन गया है।

अमित शाह का ऑपरेशन कश्मीर शुरू, संसद में प्रस्ताव पेश

  • कालेधन पर पेश की गई रिपोर्ट, जल संकट पर भी हुई चर्चा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही जारी है। आज के सत्र में सदन में काले धन पर रिपोर्ट पेश की गई। इसके अलावा जम्मू और कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक 2019 को पुर्नस्थापित करने का प्रस्ताव भी पेश किया गया। इसी के साथ गृहमंत्री अमित शाह का ऑपरेशन कश्मीर शुरू हो गया। कार्यवाही शुरू होते ही केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आधार और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक, 2019 को पुर्नस्थापित करने का प्रस्ताव किया। गृह मंत्री अमित शाह की तरह से गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने जम्मू और कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक को पुर्नस्थापित करने का प्रस्ताव सदन में पेश किया। वहीं राज्यसभा सांसद मनोज झा ने बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से हो रही बच्चों की मौत पर चर्चा के लिए राज्यसभा में नोटिस दिया। डीएमके सांसद टी आर बालू ने तमिलनाडु में चल रहे पानी के संकट पर चर्चा करने के लिए लोकसभा में नोटिस दिया है।

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