पुलिस और नगर निगम की शह पर अतिक्रमण से गुलजार राजधानी की सडक़ें

  • नगर आयुक्त ने खुद खड़े होकर हटवाया अतिक्रमण, दोबारा सजी दुकानों के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी की सडक़ों से आखिर कब अतिक्रमण हटेगा, यह समस्या सडक़ चलते अतिक्रमण की वजह से जाम से जूझते लोगों को टीस देती है, लेकिन शायद शहर में अतिक्रमण के लिए जिम्मेदार नगर निगम को इससे कोई वास्ता नहीं है, तभी तो नगर निगम केवल सडक़ों के अतिक्रमण पर फार्मेलिटी कर अपना पल्ला झाड़ लेता है। शहर में सडक़ों के किनारे दुकान चलाने वालों का आलम यह है कि उन्हें शायद सडक़ों या फुटपाथ से कोई मतलब नहीं है। तभी तो शहर के अधिकांश एरिया में सडक़ें अतिक्रमण से घिरी हैं, लेकिन इसके लिए जिम्मेदार नगर निगम कोई नियमित व्यवस्था नहीं बना पा रहा है। वहीं पुलिस भी अतिक्रमण करने वालों को शह देती है।
निशातगंज फ्लाई ओवर के नीचे, चांदगंज फ्लाई ओवर, डंडहिया चौराहा के चारों तरफ, गोमतीनगर स्थित मनोज पाण्डेय चौराहा, मिठाई वाला चौराहा पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण है। इनमें मुख्य रूप से फल, सब्जी और खाद्य सामग्री की दुकानें हैं। इनपर नगर निगम कभी अतिक्रमण अभियान नहीं चलता है। हमेशा छिट पुट कार्रवाई की जाती है। वह भी कभी कभार होती है। अतिक्रमण पर नगर निगम की साल में एक या दो बार नींद टूटती है। उस दौरान तो नगर निगम की जेसीबी कुछ एरिया में चलती है। उसके बाद लंबे समय के लिए शांति हो जाती है। जेसीबी चलाते वक्त निगम के अधिकारी व्यापारियों को आगे अतिक्रमण करने पर नोटिस देने और एफआईआर कराने कीम चेतावनी देते हैं।

नगर आयुक्त की चेतावनी बेअसर
पिछले महीने नगर आयुक्त इन्द्रमणि त्रिपाठी ने कैप्टन मनोज पाण्डेय चौराहा समेत कई स्थानों पर खुद खड़े होकर अतिक्रमण हटवाया था लेकिन तीसरे दिन दोबारा से अतिक्रमण हो गया। उस समय नगर आयुक्त ने सभी को चेतावनी दी थी कि अगर दोबारा अतिक्रमण हुआ तो सभी के खिलाफ एफआईआर होगी और सामान भी जब्त किया जाएगा। लेकिन नगर निगम की ओर से किसी एक दुकानदार के खिलाफ एफआईआर कराना तो दूर अतिक्रमण पर नोटिस तक नहीं दिया गया।

पुरनिया पुलिस चौकी के बगल में सजती हैं दुकानें

पुरनिया पुलिस चौकी के ठीक बगल मे फुटपाथ पर करीब एक दर्जन दुकानें हैं। इनमें फल, सब व अन्य दुकानें शामिल हैं। पुलिस और नगर निगम के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से ये दुकानें चल रही हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब पुलिस की नाक के नीचे अतिक्रमण का यह हाल है तो दूरदराज के क्षेत्रों में अतिक्रमण का क्या आलम होगा।

यहां सबसे अधिक अतिक्रमण
शहर में पुरनिया पुलिस चौकी, पुरनिया फ्लाई ओवर, निशातगंज फ्लाई ओवर और चांदगंज फ्लाई ओवर के नीचे, डंडहिया चौराहा के चारों तरफ, गोल मार्केट चौराहा, वायरलेस चौराहा, गोमतीनगर स्थित मनोज पाण्डेय चौराहा, मिठाई वाला चौराहा, पत्रकार पुरम चौराहा, गोमतीनगर रेलवे स्टेशन रोड समेत हुसडिय़ा चौराहा पर सर्वाधिक अतिक्रमण है।

 

Loading...
Pin It

Comments are closed.