बंगाल में कांग्रेस-टीएमसी के बीच खूनी संघर्ष, टीएमसी के तीन कार्यकर्ताओं की मौत

  • बदमाशों ने तडक़े सोते समय अचानक बमों से किया हमला
  • लोकसभा चुनाव के बाद से ही नहीं थम रही राजनीतिक हिंसा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई है। इसमें टीएमसी के तीन कार्यकर्ताओं की मौत हो गई है। पुलिस के मुताबिक आज सुबह टीएमसी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प का मामला सामने आया है। इसमें टीएमसी कार्यकर्ता खैरुद्दीन शेख, सोहेल राणा और रहीदुल शेख की मौत हो गई है। इससे पूर्व लोकसभा चुनाव से पहले ढोमकोल पंचायत समिति के अल्ताफ हुसैन की भी हत्या कर दी गई थी। जिसमें घटना के मुख्य आरोपी को कुछ दिन बाद रिहा कर दिया गया था। बताया जा रहा है कि सोहेल राणा अल्ताफ हुसैन का बेटा है और खैरुद्दीन शेख उसका बड़ा भाई है। इस घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है।
तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की मौत के पीछे टीएमसी ने कांग्रेस का हाथ बताया है। खैरुद्दीन के बेटे ने कहा कि हम सो रहे थे, तभी अचानक घर पर बम से हमला हुआ। उन्होंने हमारे पिता पर हमला किया। इसी प्रकार कुछ दिन पहले मेरे चाचा की भी हत्या कर दी गई थी। उन्होंने इस हत्या के पीछे कांग्रेस का हाथ बताया है। बता दें कि लोकसभा चुनाव के बाद बंगाल में राजनीतिक हिंसा थमने का नाम ही नहीं ले रही है। अब तक लगभग 10 राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है। इससे पूर्व यहां बीजेपी और तृणमूल के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प होती रही है, लेकिन अब कांग्रेस और तृणमूल के बीच भी ऐसी घटना सामने आई है।

डॉक्टरों की हड़ताल जारी

नई दिल्ली। (4पीएम न्यूज़ नेटवर्क) पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा के बीच डॉक्टरों की हड़ताल भी जारी है। सीएम की कड़ी फटकार और चेतावनी के बाद भी डॉक्टर काम पर लौटने को तैयार नहीं है। उनकी मांग है कि जब तक मुख्यमंत्री माफी नहीं मांगेंगी वे काम पर नहीं लौटेंगे। अब तक करीब 700 डॉक्टर अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों को काम पर लौटने के लिए अंतिम समय सीमा आज दोपहर तक निर्धारित की है। इसके बाद उन्होंने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को फटकारते हुए डॉक्टरों को मनाकर हड़ताल वापस कराने के निर्देश दिए हैं। लेकिन ममता के रुख में कोई नरमी नहीं दिख रही है।

राज्यपाल से मिले अखिलेश कहा प्रदेश को जंगलराज से बचाएं

  • राजभवन में राम नाईक से मिले सपा मुखिया
  • प्रदेश की घटनाओं के संबंध में सौंपा ज्ञापन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज कानून व्यवस्था के मुद्दे पर राज्यपाल रामनाईक से मुलाकात की। मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने बताया कि उन्होंने राज्यपाल से कहा कि वह यूपी सरकार को निर्देश दें कि प्रदेश में बने जंगलराज पर नियंत्रण पाएं। उन्होंने कहा कि हमने राज्यपाल से कहा कि इस सरकार को जगाने का काम करें, प्रदेश में कानून नाम की कोई चीज नहीं है। कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। जंगलराज की स्थिति है।
अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जंगलराज जैसे हालात हैं। लखनऊ में खराब कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए बैठकें हो रही हैं, लेकिन जिलों में उसका कोई असर नहीं है। जिलों में लगातार हत्याएं हो रही हैं। उत्तर प्रदेश बार एसोसिएशन के अध्यक्ष की कचहरी में हत्या हो गई। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की हत्याएं हो रही हैं। बच्चियों के साथ प्रदेश में बलात्कार हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी तो महामहिम कानून व्यवस्था को लेकर बात करते थे उन्हें अब उत्तर प्रदेश में बने जंगलराज को लेकर राज्य सरकार को निर्देश देना चाहिए कि जंगलराज पर नियंत्रण पाएं। समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का प्रदेश में उत्पीडऩ बंद होना चाहिए। सपा नेता आजम खां पर बदले की भावना से कार्रवाई हो रही है। सपा नेताओं और पार्टी की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है। जो गलत है।

 

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