खुद चुनाव हारे मगर अब यूपी में क्यों हारे इसकी समीक्षा कर रहे हैं सिंधिया

  • यूपी में भगवान भरोसे अब भी चल रही है कांग्रेस
  • राज बब्बर अध्यक्ष रहेेंगे या नहीं इसको लेकर कांग्रेसी दिन भर करते हैं पंचायत
  • पूरे सूबे में गुटबाजी चरम पर, सिंधिया की समीक्षा बैठक का मजाक उड़ा रहे हैं कांग्रेसी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। कांग्रेस के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया आज लखनऊ पहुंचे और कांग्रेस के जिलाध्यक्षों समेत तमाम पदाधिकारियों के साथ यूपी में लोकसभा चुनाव की करारी हार की समीक्षा शुरू की। मगर समीक्षा से पहले ही कांग्रेसी नेताओं ने कहना शुरू कर दिया कि जो शख्स खुद चुनाव हार गया वह कांग्रेस के हारने की समीक्षा करने आया है। यही कांग्रेस की हार का मुख्य कारण है।
लोकसभा चुनाव से कुछ समय पहले ही प्रियंका गांधी को पूर्वी उत्तर प्रदेश और ज्योतिरादित्य को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कमान सौंपी गई थी, मगर दोनों जगह कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया था। मजे की बात यह रही कि जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को लोक सभा चुनाव जिताने आए थे वह खुद लोक सभा का चुनाव हार गए। जाहिर है इन्हीं हालातों के चलते कांग्रेस की यह दुर्गति हो रही है।
प्रदेश में कांग्रेस संगठन का बुरा हाल है। अधिकांश जिलों में नेता एक दूसरे की टांग खिंचाई में जुटे हुए हैं और बड़े नेता भी इसी को और बढ़ावा दे रहे हैं। कांग्रेस के जिन नेताओं को चुनाव जिताने की जिम्मेदारी दी गई थी वह अभी भी कांग्रेस को खड़ा करने में जुटने की जगह आपसी लड़ाई में ही व्यस्त हैं।
यूपी के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर की उदासीनता से महीनों पहले ही साफ हो गया था कि कांग्रेस प्रदेश में कुछ खास प्रदर्शन नहीं करने वाली है। राज बब्बर के खुद चुनाव हार जाने से यह बात और पुष्ट हो गई। महीनों से कांग्रेस के कार्यकर्ता और पदाधिकारियों में एक बात को लेकर संशय बना हुआ है कि राज बब्बर प्रदेश अध्यक्ष रहेंगे भी या नहीं और यदि नहीं तो उनकी जगह नया अध्यक्ष कब नियुक्ति होगा। आज की मीटिंग से पहले ही फिर इन बातों की चर्चा साबित करती है कि इस समीक्षा बैठक का भी कोई अर्थ नहीं निकलने वाला।

प्रमोद कृष्णम ने की मोदी की तारीफ

लखनऊ। (4पीएम न्यूज़ नेटवर्क) लखनऊ संसदीय सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे प्रमोद कृष्णम अपनी हार का ठीकरा पार्टी कार्यकर्ताओं पर फोड़ चुके हैं। कांग्रेस हार की समीक्षा में जुटी है, लेकिन प्रमोद कृष्णम के सुर बदले हुए हैं। अब प्रमोद कृष्णम ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ शुरू कर दी है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि पूरा देश चाहता है कि पाकिस्तान से कोई सम्बंध ना रखा जाये, पीएम मोदी ने इमरान खान से बातचीत ना करके, करोड़ों भारतीयों की भावनाओं का सम्मान किया है।

2017 में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कांग्रेस को उसकी हैसियत से कहीं ज्यादा सीटें दी थीं, मगर कांग्रेस बड़ा दिल नहीं दिखाती। यूपी में कांग्रेस का कहीं पर भी जनाधार नहीं बचा है। आने वाला समय सपा का होगा।
-अरविन्द सिंह गोप, पूर्व मंत्री, सपा

कांग्रेस सिर्फ वंशवाद और परिवारवाद की पार्टी है। इनकी समीक्षा बैठक सिर्फ एक तमाशा है। कांग्रेस का पूरे देश में जनाधार खत्म हो गया है क्योंकि उन्होंने सिर्फ अपने परिवार की सोची है देश की नहीं।
-अशोक पांडेय, प्रवक्ता, भाजपा

आज के तबादलों से दिखा डीजीपी का दम, पीएस होम का खेमा पसीने-पसीने

  • प्रदेश में 6 बड़े आईपीएस अफसरों का तबादला
  • पीएस होम के करीबी माने जाने वाले अफसरों को किया गया साइड लाइन
  • आज की सूची में चली सिर्फ डीजीपी की
  • डीजीपी और पीएस होम के बीच चल रहे शीत युद्ध की चर्चा फैली निचले स्तर तक
  • सीएम ने मीटिंग में भी डीजीपी को अपने पास बिठाकर दे दिए थे साफ संदेश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आज 6 आईपीएस अफसरों के तबादले कर दिए। तबादलों से ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि आज की सूची में अधिकांश अच्छी जगह तैनात किए गए अफसर डीजीपी कैंप के माने जाते हैं। पीएस होम और डीजीपी के बीच चल रहे शीत युद्ध के दौरान इस सूची ने साफ कर दिया कि सीएम ने डीजीपी को ज्यादा महत्व देते हुृए उनसे कानून व्यवस्था दुरुस्त करने का आदेश दिया है।
आज हुए तबादले में आनन्द कुमार को डीजी जेल बनाया गया है। जबकि स्वभाव से शांत माने जाने वाले पीवी रामाशस्त्री अगले अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था होंगे। विजिलेंस में तैनात बृजभूषण शर्मा की छवि साफ सुथरी मानी जाती है। इसलिए उन्हें अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी बनाया गया है। दीपेश जुनेजा अपर पुलिस महानिदेशक सुरक्षा होंगे, विजय कुमार को अपर पुलिस महानिदेशक पुलिस भर्ती बोर्ड बनाया गया है। चन्द्र प्रकाश हालांकि तेज तर्रार अफसर हैं, मगर फिर भी उन्हें अपर पुलिस महानिदेशक नियम एवं ग्रंथ बनाया गया है। आज की सूची से यह बात और साफ है कि आने वाले दिनों में भी जो तैनाती होगी उसमें डीजीपी की सलाह को ही ज्यादा महत्व दिया जायेगा।
सूत्रों के मुताबिक सीएम तक यह शिकायत पहुंच रही थी कि डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह की लड़ाई में नीचे जिलों तक अफसरों में खराब संदेश जा रहा है और इसका असर कानून व्यवस्था पर पड़ रहा है। चार दिन पहले समीक्षा बैठक में भी सीएम ने डीजीपी को अपने पास और पीएस होम को किनारे बिठाकर यह संदेश दे दिया था।

 

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