प्रतिबंधित पॉलीथिन: अब होगी बड़ी कार्यवाई फैक्ट्रियां भी होंगी सील

  • मंडलायुक्त, जिला अधिकारी, नगर आयुक्त और पालिका परिषद व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को मिले निर्देश
  • राज्य में दूसरे प्रदेश से आने वाली प्रतिबंधित पॉलीथिन की भी होगी निगरानी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शहर में लगातार प्रतिबंधित पॉलीथिन के इस्तेमाल को रोकने के लिए सरकार सख्त है। अब शासन ने साफ कह दिया है कि पॉलीथिन के खिलाफ छिट-पुट कार्रवाई की जगह दुकानदारों और होलसेलरों पर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा प्रतिबंधित पॉलीथिन का उत्पादन करने वाली फैक्ट्रियों पर भी सख्ती की जाएगी, ताकि मार्केट में पॉलीथिन पहुंचने पर पूरी तरह से रोक लग सके।
नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह ने सभी अधिकारियों से कहा है कि अगर किसी फैक्ट्री की एक यूनिट में पॉलीथिन बन रही है जबकि अन्य यूनिट्स में दूसरे उत्पादन बनाए जा रहे हैं तो केवल पॉलीथीन वाली यूनिट पर ही कार्रवाई हो, न कि पूरी फैक्ट्री सील की जाए। साथ ही पॉलीथिन बनाने से संबंधित जितनी भी इकाइयां चल रही हैं या पूर्व में बंद की गई हैं तो उनका निरीक्षण समय से हो। यह सुनिश्चित किया जाए कि पॉलीथिन का उत्पादन नहीं हो रहा है। नगर विकास विभाग ने सभी अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि हर रोज की कार्रवाई से शासन को अवगत कराया जाए। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आदेशों का कड़ाई से पालन हो रहा है। इसके अलावा दूसरे प्रदेश से आयात पर भी लगे प्रतिबंध लगाने की तैयारी है।

2018 में सरकार ने लगाया प्रतिबंध
लखनऊ। (4पीएम न्यूज़ नेटवर्क) प्रदेश सरकार ने 2018 में यूपी में पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस नियम का कड़ाई से पालन कराने की जिम्मेदारी भी संबंधित विभागों के अधिकारियों को सौंपी गई थी, लेकिन हर बार की तरह कुछ दिनों तक छापेमारी की गई। छोटे-मोटे दुकानदारों के यहां छापेमारी कर पॉलीथिन जब्त की गई। अधिकारियों ने न सिर्फ फोटो खिंचवाए बल्कि अखबारों और चैनलों में अपनी वाहवाही बताने में भी काफी रुचि दिखाई। इसके बाद अभियान हवा-हवाई हो गया। जिम्मेदारों ने अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। जबकि सरकार ने तीन चरणों में लगे पॉलीथिन प्रतिबंध में हर तरह के पॉलीथिन इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। थर्माकोल और प्लास्टिक के उत्पाद भी प्रतिबंधित हैं। इसके बावजूद बाजारों में धड़ल्ले से बिक रहे हैं। हर जगह अब भी पॉलीथिन का इस्तेमाल हो रहा है।

छोटे दुकानदारों की समस्या
लखनऊ। (4पीएम न्यूज़ नेटवर्क) प्रतिबंधित पॉलीथिन का इस्तेमाल करने पर नगर निगम और प्रशासन के अधिकारी सबसे पहले छोटे दुकानदारों को अपना चारा बनाते हैं। उनके यहां से दो-चार किग्रा. पॉलीथिन बरामद कर और वसूली करके अपनी आंखें मूंद लेते हैं। जबकि छोटे दुकानदारों का कहना है कि सरकार सचमुच पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाना चाहती है, तो सबसे पहले पॉलीथिन बनाने वाली फैक्ट्रियों को बंद करे। इसके साथ ही लोगों को पॉलीथिन का इस्तेमाल नहीं करने को लेकर जागरूक करे। यदि पॉलीथिन नहीं बनेगी और लोग अपने साथ बैग लेकर आएंगे तो हम भी पॉलीथिन का इस्तेमाल नहीं करेंगे।

बॉर्डर एरिया पर चेकिंग बढ़ाने का निर्णय
लखनऊ। (4पीएम न्यूज़ नेटवर्क) सरकार ने आदेश दिए हैं कि दूसरे प्रदेशों से पॉलीथीन के आयात पर भी प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए। सभी अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि प्रदेश के बॉर्डर एरिया पर जीएसटी अधिकारियों की तरफ से चेकिंग तेज की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि पैकेजिंग आइटम के नाम पर आयात हो रही वस्तुओं वाले वाहनों की चेकिंग हो। मालूम हो कि एक साल पहले पॉलीथीन इस्तेमाल पर लगे प्रतिबंध को प्रभावी करने के लिए सरकार ने फैक्ट्रियों पर छापेमारी के आदेश दिए हैं। सभी मंडलायुक्त, जिला अधिकारी, नगर आयुक्त और पालिका परिषद व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे फैक्ट्रियों को चेक करें और अगर कहीं पर प्रतिबंधित पॉलीथिन बनती पाई जा रही है तो उसे सील किया जाए। यही नहीं, जहां पहले कार्रवाई की जा चुकी है, वहां दोबारा इन्हें चेक किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सील के बाद फिर से चोरी छिपे उत्पादन तो नहीं हो रहा है।

 

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