केजीएमयू में निजी अस्पताल के मरीजों को नहीं मिलेगा खून

  • अस्पताल प्रशासन ने खून की कमी के कारण लगाई पाबंदी
  • क्षमता में सुधार नहीं होने तक जारी रहेगी नई व्यवस्था

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। ब्लड बैंक में खून की कमी के चलते केजीएमयू ने निजी अस्पतालों के मरीजों को खून देने पर पाबंदी लगा दी है। प्रशासन का दावा है कि यह फैसला खून की कमी पूरी होने तक लिया गया है। इसके साथ ही लोगों से अपील की गई है कि जनता स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़वा दें, ताकि समस्या से निपटा जा सके।
केजीएमयू के ब्लड एवं ट्रांसफ्यूजन विभाग की ओर से अभी तक निजी अस्पतालों से आने वाले मरीजों को केजीएमयू से निर्धारित शुल्क से कुछ अधिक कीमत लेकर खून दिया जाता रहा है। इसकी विभाग की ओर से बाकायदा रसीद भी दी जाती है। जबकि केजीएमयू में भर्ती मरीजों को निर्धारित शुल्क के आधार पर ही खून दिया जाता है। केजीएमयू के ब्लड बैंक में ए व एबी पॉजिटिव, ए, बी, एबी, ओ निगेटिव ग्रुप की काफी कमी हो गई है। वैसे भी यह रेअर ग्रुप हैं। पहले से ही इन ग्रुप के खून की कमी रहती है। इन सभी ग्रुप के अवयव की भी अधिक कमी हो गई है। विभाग की प्रमुख डॉ. तूलिका चंद्रा ने बताया कि इस समय रक्तकोष में तीन हजार यूनिट की जगह महज 15 सौ यूनिट खून ही बचा हुआ है। इससे केजीएमयू के मरीजों को ही खून दिया जा सकेगा। सभी मरीजों को संबंधित ब्लड ग्रुप का डोनर साथ लाना होगा।

अस्पताल में ही कार्टून देखेंगे बीमार बच्चे

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बलरामपुर अस्पताल में विजय श्री फाउंडेशन की ओर से क्रीड़म सेवा की शुरुआत की गई है। अस्पताल के निदेशक डॉ. राजीव लोचन ने फाउंडेशन के काम की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों को अस्पताल में भी अच्छा माहौल मिलेगा और वे जल्दी सेहतमंद हो जाएंगे। यहां पर रोज प्रोजेक्टर पर सराउंड साउण्ड के साथ बीमार बच्चों व तीमारदारों के साथ आए हुए बच्चों को ज्ञान वर्धक कार्टून व फिल्में दिखाई जाएंगी। यहां बैटरी चालित कारें, मोटर साइकल , साइकल, कैरम , बास्केटबाल, व झूलों की व्यवस्था भी है। संस्था के प्रबंधक विशाल सिंह ने बताया कि अभी तक किसी भी अस्पताल में ऐसा मिनी थिएटर नहीं है।

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