जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश

अब सरकार एटीएम पर लगने वाला चार्ज कम करने की तैयारी में है। इतना ही नहीं जम्मू कश्मीर के मुद्दे को लेकर भी सरकार गंभीर दिख रही है, क्योंकि अमित शाह ने गृहमंत्री का पदभार संभालने के साथ ही कश्मीर मुद्दे में रुचि दिखानी शुरू कर दी है। वह पांच दिन में कश्मीर मुद्दे को लेकर चार बड़ी बैठकें कर चुके हैं।

Sanjay Sharma

भारतीय जनता पार्टी को देश की जनता ने दोबारा दिल्ली की कुर्सी पर बैठा दिया है। इस बार भाजपा को 303 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत मिला। जो निश्चित तौर पर नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार के प्रति जनता में बढ़ते विश्वास का प्रतिफल माना जा रहा है। ऐसे में भाजपा सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में एक के बाद एक घोषणाएं करके जनता को खुश करने में जुट गई है। किसानों को मिलने वाली सम्मान निधि में बढ़ोत्तरी, हर किसानं को सम्मान निधि का लाभ देने का निर्णय, छोटे व्यापारियों को 60 साल की उम्र के बाद मिलने वाली पेंशन और पांच साल में 5 करोड़ अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति देने का ऐलान हो या तीन बार रेपो रेट में कमी का मामला, सरकार ने अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है। वह जनता के मन को अच्छी तरह भांप चुकी है। इसलिए दोबारा सत्ता में आने के बाद जनता की इच्छा के अनुकूल काम कर रही है।
आपको याद होगा कि नोटबंदी के बाद मोदी सरकार जनता और विपक्ष दोनों के निशाने पर आ गई थी। नोटबंदी के कारण रोजगार के आंकड़ों में लगातार गिरावट दर्ज की गई। लेकिन सरकार का राजस्व बढ़ा। वहीं बैंकों ने अपना घाटा कम करने के लिए बैंक खाते में मिनिमम बैलेंस रखने और एक लिमिट से अधिक एटीएम से कैश निकालने पर एक्स्ट्रा चार्ज लेने का निर्णय लिया। जिससे बैंकों के राजस्व में काफी इजाफा हुआ। इस टैक्स को लेकर आम जनता में नाराजगी है, क्योंकि बैंकों के घाटे का सबसे बड़ा कारण एनपीए है, जो लोन लेने के बाद उसको वापस नहीं लौटाने वालों की वजह से बढ़ा है। इस बोझ को आम जनता पर डाला जा रहा है। जो कहीं मिनिमम बैलेंस के रूप में तो कहीं एटीएम चार्ज के रूप में तो कहीं बैंक डिटेल के बदले कटने वाले चार्ज के रूप में वसूला जा रहा है। अब सरकार एटीएम पर लगने वाला चार्ज कम करने की तैयारी में है। इतना ही नहीं जम्मू कश्मीर के मुद्दे को लेकर भी सरकार गंभीर दिख रही है, क्योंकि अमित शाह ने गृहमंत्री का पदभार संभालने के साथ ही कश्मीर मुद्दे में रुचि दिखानी शुरू कर दी है। वह पांच दिन में कश्मीर मुद्दे को लेकर चार बड़ी बैठकें कर चुके हैं, जो संकेत है कि सरकार अनुच्छेद 370 और 35 ए पर जल्द ही कुछ बड़ा करने वाली है।
यदि केंद्र सरकार ने सचमुच आने वाले समय में जनता से किए वादों को पूरा कर दिया। बेरोजगारी, राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, महंगाई और किसानों की समस्या को दूर करने का सार्थक प्रयास किया तो निश्चित तौर पर बदलाव दिखेगा। जाति और धर्म से परे हटकर भाजपा को प्रचंड बहुमत देने वाली जनता मोदी को आगे भी मौका जरूर देगी।

 

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