परीक्षा की शुचिता और भ्रष्टïाचारी तंत्र

सवाल यह है कि क्या भर्ती व अन्य परीक्षाओं की शुचिता समाप्त हो चुकी है? क्या परीक्षाओं को पारदर्शिता के साथ आयोजित कराने की जिम्मेदारी निभाने वाले ही भ्रष्टïाचार में डूबे हुए हैं? क्या रुपयों के लिए प्रतिभाशाली छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है? क्या यह घटना भर्ती परीक्षाओं की साख को गहरा चोट नहीं पहुंचाएगी?

Sanjay Sharma

उत्तर प्रदेश लोकसेवा चयन आयोग की एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक होने के मामले में एसटीएफ ने परीक्षा नियंत्रक को गिरफ्तार किया है। खुलासा हुआ है कि एक गिरोह के साथ मिलीभगत कर पेपर आउट किए गए और इसके एवज में परीक्षार्थियों से मोटी रकम वसूली गई। इसने विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की शुचिता और पारदर्शिता के सरकार के दावे की पोल खोल दी है। साथ ही सरकारी तंत्र में गहरे तक जड़ जमाये भ्रष्टïाचार की परतें भी खुलने लगी हैं। सवाल यह है कि क्या भर्ती व अन्य परीक्षाओं की शुचिता समाप्त हो चुकी है? क्या परीक्षाओं को पारदर्शिता के साथ आयोजित कराने की जिम्मेदारी निभाने वाले ही भ्रष्टïाचार में डूबे हुए हैं? क्या रुपयों के लिए प्रतिभाशाली छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है? क्या यह घटना भर्ती परीक्षाओं की साख को गहरा चोट नहीं पहुंचाएगी? क्या आम आदमी सरकारी तंत्र द्वारा आयोजित परीक्षाओं की निष्पक्षता पर विश्वास कर पाएगा? क्या यह सरकार के भ्रष्टïाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का माखौल नहीं उड़ा रही है? क्या नकल माफियाओं और सॉल्वर गिरोहों ने सरकारी तंत्र को अपनी जकड़ में ले लिया है?
प्रदेश में बोर्ड से लेकर भर्ती परीक्षाएं तक मोटी कमाई का जरिया बनती जा रही हैं। इस नेटवर्क में परीक्षा आयोजित करने वाली सरकारी संस्थाओं से लेकर लीक पेपर को परीक्षार्थियों तक पहुंचाने और उसके एवज में पैसा वसूलने के लिए पूरा गिरोह काम कर रहा है। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले ने पूरे परीक्षा तंत्र पर सवालिया निशान लगा दिया है। इस मामले में भर्ती परीक्षा के पेपर छापने वाले प्रिटिंग प्रेस के मालिक से लेकर परीक्षा नियंत्रक तक का शामिल होना चिंता का विषय है। यह न केवल गिरोह बनाकर मोटा लाभ कमाने बल्कि लोक हित के खिलाफ गंभीर अपराध है। इस गिरोह ने परीक्षार्थियों से पास कराने का सौदा किया था और उनको पेपर बेचे थे । 29 जुलाई 2018 को वाराणसी में आयोजित एलटी ग्रेड परीक्षा के हिंदी व सामाजिक विज्ञान का पेपर आउट हुआ था। इस पेपर को सॉल्वर गैंग तक पहुंचाया गया था। इस खुलासे ने पूरे सरकारी परीक्षा तंत्र की साख पर बट्टा लगा दिया है। यही नहीं कई अन्य परीक्षाएं भी शक के दायरे में आ गई हैं। यदि ऐसी ही स्थिति रही तो सरकारी भर्ती परीक्षाओं पर से लोगों का विश्वास उठ जाएगा। यदि जल्द ही परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए ठोस व्यवस्था नहीं की गई तो स्थितियां विस्फोटक हो जाएंगी। सरकार को चाहिए कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई करे जो दूसरों के लिए सबक बने।

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