ग्रामीण क्षेत्रों को स्मार्ट मीटर से लैस करने की कवायद शुरू बढ़ेगा राजस्व

  • चरण बद्ध तरीके से हो रहा काम, उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत
  • बिलिंग प्रतिशत में भी आएगा सुधार, मैसेज से मिलेगी जानकारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। अब शहर की तर्ज पर ग्रामीण उपभोक्ताओं के घरों में भी स्मार्ट मीटर लगाने की कवायद शुरू हो गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता भी फोन पर आने वाले मैसेज के जरिये अपना बिल जमा कर सकेंगे और हाईटेक सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। विद्युत विभाग ने फिलहाल यह काम चरणबद्ध तरीके से शुरू कर दिया है।
चौक, कानपुर रोड, रहीम नगर, ठाकुरगंज, अपट्रॉन के साथ-साथ चिनहट, बीकेटी व सेस वन के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ताओं की रीडिंग प्रतिशत बढऩे के साथ ही राजस्व का ग्राफ बढऩा भी तय है। राजधानी के दस लाख उपभोक्ताओं के यहां आने वाले दो वर्षों में यह टारगेट पूरा करना है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिलिंग का प्रतिशत कम होने के कारण हर साल सेस क्षेत्र अन्य डिवीजनों से पीछे रहता है। चंद महीनों में जब मीटर लग जाएंगे, तो बिलिंग प्रतिशत में सुधार तय है। मध्यांचल के एमडी के मुताबिक जिन डिवीजनों में बिलिंग प्रतिशत ठीक है, उसे सेकेंड फेज में लिया जाएगा। स्थिति बेहतर न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों को लिया गया है। जल्द ही मोहनलालगंज और नादरगंज में भी स्मार्ट मीटर के काम को गति दी जाएगी।

दिसंबर तक 3.65 लाख मीटर लगाने का लक्ष्य

दिसंबर 2019 तक 3.65 लाख मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 78 हजार मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें 70 हजार मीटर के बिल भी बनने लगे हैं। इसके अलावा जो भी शेष बचे हैं जल्द ही उनके भी बिल बनेंगे। जिस माह मीटर बदला गया है और उपभोक्ता के यहां बिल नहीं आए हैं, उन्हें उनके बिल अगले माह को निर्धारित तिथि पर मिलेंगे। इसके लिए आला अधिकारियों ने संबंधित अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिए हैं।

स्मार्ट मीटर से ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। समय से बिल, विद्युत लोड जैसी सुविधा मिल सकेगी।
संजय गोयल, एमडी, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम

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