हमारा गठबंधन बदल देगा देश की राजनीति की दिशा: अखिलेश यादव

भाजपा के रथ को दिल्ली तक पहुंचने के लिये अगर कहीं सबसे बड़ी बाधा मिली है तो वह यूपी है। सालों से दुश्मनी की आग को अपनी विनम्रता से खत्म करके एक मजबूत गठबंधन बनाने वाले समाजवादी पार्टी के राष्टï्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को यकीन है कि 23 मई को देश में नयी सरकार और नया प्रधानमंत्री मिलने जा रहा है। चुनाव प्रचार के आखिरी दिन अपने चार्टर प्लेन और हेलीकॉप्टर में उन्होंने 4पीएम के संपादक संजय शर्मा से विभिन्न राजनैतिक मुद््दों पर बातचीत की। पेश है उसके अंश:-

4PM News Network

पूरे देश की निगाह यूपी पर लगी है। गठबंधन को लेकर तमाम लोगों के मन में उत्सुकता है। क्या सच में कुछ बदलाव कर पायेगा आपका गठबंधन…
मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि लोगों का हम पर भरोसा बढ़ा है। जब से सपा-बसपा और रालोद का गठबंधन हुआ है, लोगों को यह यकीन हो गया है कि भाजपा को रोका जा सकता है।

मगर उत्तर प्रदेश में तो भाजपा बड़ी ताकत है ऐसा लोग मानते हैं…
यूपी ने ही दिल्ली की सरकार बनवायी थी। सबसे ज्यादा सांसद यहां से जीतकर गये। सबसे जयादा विधायक यहां से जीते। यूपी को बहुत उम्मीद थी पीएम से, सीएम से उनके मंत्रियों से पर दिल्ली की पांच साल की सरकार ने और यूपी की दो साल की सरकार ने बहुत निराश कर दिया। प्रदेश को दस साल पीछे कर दिया।

मगर उनका तो दावा है कि उन्होंने यूपी के लिए बहुत काम किया…
आपको पूरे यूपी में एक भी बड़ा विकास का काम दिख रहा हो तो बताइये? प्रदेश को खुशहाली के रास्ते पर जाना था पर यह लोग बर्बादी की तरफ ले गये। हर बार भाजपा के लेागों ने जनता का ध्यान हटाने के लिए मुद्दों को भटका दिया जिससे लोगों का ध्याान बंट जाये।

भाजपा का दावा है कि उसकी नीतियों से गांव में खुशहाली आ गयी है?
आप किसी भी गांव में चले जाइये। मेरा दावा है कि यूपी का ऐसा कोई गांव नहीं होगा जहां का किसान परेशान न हो। पूरे प्रदेश के हर गांव में जानवर किसानों की फसल तबाह कर दे रहे हैं। शहरों में भी सांड़ लोगों की जान ले रहे हैं। मगर सरकार को होश ही नहीं है। ऐसी लापरवाह सरकार शायद ही किसी ने कभी देखी हो।

भाजपा के नेता कहते हैं कि आपकी सरकार में भी विकास का काम नहीं हुआ बल्कि लोग ज्यादा परेशान थे…
भाजपा के लोगों को झूठ फैलाने के अलावा कुछ नहीं आता। जिस सडक़ से यह लोग दिल्ली से लखनऊ आते हैं। उस आगरा एक्सप्रेस-वे को हमारी सरकार ने बनवाया। मेरा दावा है कि उस एक्सप्रेस-वे पर जो एक बार चल लेगा वो हमको वोट दिए बिना नहीं रह सकेगा। कैंसर अस्पताल, जनेश्वर मिश्र पार्क, विशाल स्टेडियम जिसमें पहली बार मैच भी हुआ और पूरी दुनिया के लोग देखने आए, वह हमारी सरकार ने ही बनवाया था। केन्द्र की सरकार ने बहुत अडंग़ा लगाने की कोशिश की मगर हमने मेट्रो भी यहां चलाकर दिखा दी। रिवर फ्रंट जो इतना सुन्दर था कि देश भर के बालीवुड के लोग यहां शूटिंग करने आते थे वो रिवर फ्रंट भी दो साल में सरकार की लापरवाही के कारण गंदगी का ढेर बन गया है।

अगर इतना ही विकास था तो आप चुनाव क्यों हारे…
भाजपा के लोग लोगों को गुमराह करना जरूर जानते हैं। यह लोग मार्केटिंग के तरीके जानते हैं। हम दो साल पहले विकास के मुद्दे पर चुनाव लडऩा चाहते थे लेकिन केंद्र सरकार ने विकास के नाम पर कुछ किया नहीं था तो यह लोग चुनाव श्मशान-कब्रिस्तान और धर्म तथा जाति पर ले गये। विकास के मुद्दे पर यह लोग हमारा मुकाबला कर ही नहीं सकते थे।

तभी आप भी जाति के मुद्दे पर आ गये और आपने गठबंधन कर लिया…
यह गठबंधन जाति के लिए नहीं किया बल्कि देश को बचाने के लिए किया गया। हमने भाजपा को उसी की शैली में जवाब दे दिया। हमारा गठबंधन देश की राजनीति की दिशा बदल देगा यह मेरा दावा है।

लोग कह रहे हैं कि आप और मायावती जी साथ तो आ गये हैं पर आप लोगों का वोट ग्रामीण स्तर पर एक-दूसरे को ट्रांसफर नहीं हो रहा है…
मैं जानता हूं भाजपा हमारे गठबंधन से डर गई है और उनके लोग ऐसा प्रचार करने में जुट गये हैं। वे कह रहे हैं कि सपा का वोट बसपा को और बसपा का वोट सपा को नहीं जाएगा। हमने लोकसभा के उपचुनावों में देखा कि दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे का बहुत सम्मान रखा। आज मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे का पूरा सम्मान करते हुए पूरा वोट गठबंधन प्रत्याशी को दिया।

आपके गठबंधन को लेकर कहा जा रहा था कि यह नहीं हो पायेगा क्योंकि दोनों दलों पर सीबीआई का बहुत दबाव है…
यह दबाव इसलिए नहीं है क्योंकि यह फैसला देश के लिए है हमारे लिए नहीं है। आज देश भर में संस्थाएं खत्म हो रही हैं। तब कहा था कि अच्छे दिन आयेंगे। विकास की तरफ ले जायेंगे। करोड़ों नौकरी देंगे। नोटबंदी से भ्रष्टïाचार खत्म हो जायेगा। आतंकवाद खत्म हो जायेगा। काला धन वापस आयेगा। मगर यह सारा झूठ था इसलिए हम दोनों ने साथ आकर गठबंधन बनाया और खासतौर पर जो दलित हैं, पिछड़े हैं, अल्पसंख्यक हैं उनके साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है। जिन्होंने इन लोगों को सत्ता तक पहुंचाया वेे सत्ता पाते ही इन्हीं पिछड़ों और दलितों के हक छीनने में जुट गए। यही नाराजगी अब जमीन पर दिखने लगी है।

पीएम ने आरोप लगाया है कि आप कांग्रेस के लिए कुछ नरम हैं…
मैं बिलकुल सॉफ्ट नहीं हूं। मैंने जनता से भी स्पष्ट कहा है कि हमारा जो सिद्धांत है उसमें भाजपा और कांग्रेस में कोई फर्क नजर नहीं आता। दोनों दलों ने इस देश के पिछड़े और दलितों तथा अल्पसंख्यकों को धोखा दिया है।

मगर आप इतना नाराज हैं कांग्रेस से तो कांग्रेस के लिए दो सीटें क्यों छोड़ीं…
समाजवादी पार्टी अमेठी और रायबरेली सीटें पहले से ही कांग्रेस के लिए छोड़ती आई है। नेता जी ने भी इस परंपरा का पालन किया है।
अगर केन्द्र में गठबंधन की सरकार बनी तो आपके गठबंधन की क्या भूमिका रहेगी? आप सरकार में शामिल रहेंगे या बाहर से समर्थन करेंगे…
नतीजे आने के बाद गठबंधन में तीनों लोग बैठकर तय करेंगे कि हमको क्या करना है।

सोनिया गांधी ने विपक्षी दलों की मीटिंग बुलाई है। क्या आप शामिल होंगे इसमें…
मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है। मैं इधर चुनाव दौरे में बहुत व्यस्त रहा। यह सारी बातें हम लोग बैठकर तय करेंगे।
इस लोकसभा चुनाव की सबसे खतरनाक तस्वीर बंगाल से आ रही है। ममता बनर्जी आपके बहुत करीबी हैं क्या लगता है आपको कि लोकतंत्र के लिए

यह सही है…
मुझे बहुत दुख हो रहा है यह देखकर कि भाजपा किस तरह लोकतंत्र की हत्या कर रही है। भाजपा हर जगह यही करती है। जहां वो हारती है तो हिंसा पर उतर आती है। इसी तरह के हथकंडे अपनाती है। बंगाल में जो कुछ हुआ वह बेहद दुख है। इसके लिए अगर कोई जिम्मेदार है तो वह भाजपा ही है। चुनाव आयोग ने भी पीएम के दबाव में बहुत भेदभाव किया। जिस जगह पीएम की सभा हुई वहां ममता जी को अनुमति नहीं दी गई। यही नहीं चुनाव प्रचार भी एक दिन पहले खत्म कर दिया गया। यह लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है।

मगर बंगाल सरकार की भी तो कई जगह गलती रही है…
ममता जी और उनकी पार्टी कभी भी ईश्वर चंद्र विद्यासागर जैसे महापुरूष की मूर्ति नहीं तोड़ सकती। बंगाल ने आजादी के बाद से बहुत महापुरूष जनता को दिए हैं, न जाने कितने समाजसेवी दिए हैं, न जाने कितने साहित्यकार दिए हैं। रवीन्द्र नाथ टैगोर जी को पूरी दुनिया श्रद्धा से नमन करती है। नोबेल पुरस्कार पाकर बंगाल का नाम बढ़ाया है। मुझे यकीन है कि बंगाल के लोग एक बार फिर ममता जी को पूरा समर्थन देंगे।

हिंसा की बातें यूपी तक आ गई हैं। रायबरेली की विधायक अदिति सिंह पर हुआ हमला इसका उदाहरण है। राजनीति में हिंसा कैसे रुकेगी…
यह सीएम की ठोको नीति का असर है। जब सीएम कहते है पुलिस को ठोको तो लोगो को समझ नहीं आता कि किसको ठोक दें। जनता को समझ नहीं आ रहा कि किसको ठोक दें। उसी का परिणाम रायबरेली की घटना है। भाजपा के मंत्री, विधायक सब कानून की भाषा भूल गए और सिर्फ सीएम की ठोको नीति याद रही। उसी का परिणाम यह ङ्क्षहसा थी वो तो गनीमत है कि विधायक की जान बच गई। मैं फिर कह रहा कि यह प्रदेश जंगलराज की तरफ बढ़ रहा है।

अच्छा आखिरी सवाल गठबंधन को कितनी सीटें मिल रही हैं…
मुझे लग रहा है कि सबसे ज्यादा सीटें गठबंधन को मिलेंगी और लोगों को आश्चर्य होगा कि इतनी सीटें कहां से मिल गईं। यह गठबंधन मजबूत है और सफलता की ओर है।

 

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