ईवीएम की सुरक्षा को लेकर चौकन्ना रहने की जरूरत: प्रियंका गांधी

  • कहा, एग्जिट पोल पर बिल्कुल भी ध्यान न दें कार्यकर्ता

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आंध्र प्रदेश के सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू के एग्जिट पोल के अनुमानों को खारिज करने के बाद अब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। प्रियंका ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे न्यूज चैनलों की ओर से प्रसारित एग्जिट पोल में एनडीए को बहुमत मिलने के अनुमान पर बिल्कुल भी ध्यान न दें। पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता अपना पूरा ध्यान स्ट्रांग रूम और मतगणना केंद्रों पर लगायें।
प्रियंका गांधी ने ऑडियो संदेश के माध्यम से कार्यकर्ताओं से कहा कि आप लोग, अफवाहों और एग्जिट पोल से हिम्मत मत हारिए। ये अफवाहें आपका हौसला तोडऩे के लिए फैलाई जा रही हैं। इस बीच आपकी सावधानी और भी महत्वपूर्ण बन जाती है। स्ट्रांग रूम और मतगणना केंद्रों पर डटे रहिए और चौकन्न रहिए। हमें पूरी उम्मीद है कि हमारी और आपकी मेहनत का फल मिलेगा। बता दें कि 19 मई को आए लगभग सभी प्रमुख एग्जिट पोल में एनडीए को बहुमत मिलने का अनुमान लगाया गया है। एग्जिट पोल के अनुमान जारी होते ही विपक्षी दलों में खलबली मच गई है। विपक्ष के नेताओं ने एक स्वर में एग्जिट पोल से नाइत्तेफाकी जाहिर की है। वहीं विरोधियों ने ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल भी उठाए हैं।

राजभर के खिलाफ विवश होकर निर्णय

  • कहा, बड़े भाई की तरह भाजपा ने निभाई जिम्मेदारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

Actor Navdeep, Co Founder C Space Along With Rakesh Rudravanka – CEO – C Space

लखनऊ। सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर को कैबिनेट से बर्खास्त किए जाने के बाद भाजपा ने अपना रुख स्पष्ट किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय ने कहा कि भाजपा गठबंधन धर्म निभाने वाली पार्टी है। पार्टी ने गठबंधन धर्म निभाते हुए हमेशा बड़े भाई की तरह जिम्मेदारी निभायी। वहीं, ओमप्रकाश राजभर लगातार अपनी हदें पार कर रहे थे। जिस पर विवश होकर पार्टी और सरकार को निर्णय लेना पड़ा।
डॉ. पांडेय ने अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ओमप्रकाश ने गठबंधन में रहते हुए लगातार भाजपा व सरकार के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए। उन्होंने नीतियों का विरोध किया। संवैधानिक दायित्वों की भी धज्जियां उड़ाईं। यह भी कहा कि जिस समाज ने इन्हें पहचान दी, उससे भी धोखा किया। आरोप लगाया कि ओमप्रकाश ने पारिवारिक व निजी हितों को ही प्राथमिकता दी। हद तो तब पार कर दी जब उन्होंने भाजपा के खिलाफ लोकसभा चुनाव में न केवल उम्मीदवार खड़े किए, बल्कि कुछ सीटों पर उन्होंने खुलकर विपक्ष का समर्थन भी किया। पार्टी व कार्यकर्ताओं के खिलाफ अमर्यादित भाषा व बयानों का इस्तेमाल किया। यह भी कहा कि उन्हें सुधरने के लिए हमने कई मौके दिए। उनके बयानों और सरकार के खिलाफ अडिय़ल रवैये को नजरअंदाज करते गए। यह भी कहा कि उन्होंने कई मंचों पर पीएम व सीएम के खिलाफ भी विवादित बयान दिए। लेना पड़ा: महेंद्र नाथ

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