मरीजों की देखभाल, बेहतर चिकित्सा और गुणवत्ता की कसौटी पर खरा उतरा रेडियस अस्पताल

  • चिकित्सा सेवा के 516 बिंदुओं को परखने के बाद एनएबीएच ने दी मान्यता
  • सीईओ डॉ. संजय श्रीवास्तव बोले, राज्य की चिकित्सा सेवा को मिलेगी नई पहचान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में जब लगातार प्राइवेट अस्पतालों पर उंगलियां उठ रही हो उस दौरान गोमतीनगर के विभूतिखंड स्थित रेडियस अस्पताल अपने अच्छे इलाज, सुविधा और मरीजों के साथ अच्छे बर्ताव के लिए न केवल सम्मानित किया गया बल्कि उसे एनएबीएच की मान्यता भी मिली है।
अस्पताल के सीईओ डॉ. संजय श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल को नेशनल एक्रिडेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल एंड हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) की मान्यता मिल गयी है। एनएबीएच की मान्यता देश के सिर्फ कुछ चुनिंदा अस्पतालों को ही प्राप्त है। डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि हॉस्पिटल को अर्थोपेडिक में एनएबीएच की फुल एक्रेडेशन की मान्यता मिलने से हमें काफी खुशी मिली है। राज्य के कुछ अस्पतालों को ही यह मान्यता मिली है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर राज्य की चिकित्सा सेवा को पहचान मिलेगी। डॉ. रूपाली श्रीवास्तव ने कहा कि टीम की कड़ी मेहनत से रेडियस अब सुपरस्पेशलिटी ज्वाइंट सर्जरी अस्पताल बन गया है। संयुक्त सर्जरी और प्रतिस्थापन की उच्चतम गुणवत्ता प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त करना हमारे लिए गर्व का क्षण है और हम अच्छी गुणवत्ता देखभाल और उपचार के साथ अपने रोगियों की सेवा करते रहेंगे। गौरतलब है कि क्वॉलिटी काउंसिल ऑफ इंडिया से संबद्ध एनएबीएच स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों को उत्कृष्ट सेवाओं, गुणवत्ता और कड़े मापदंडों पर खरा उतरने के बाद यह सर्टिफिकेट देता है। इसके तहत कुल 516 बिंदुओं का पालन किया जाता है। अस्पताल में कई कमेटियों का गठन होता है। ये कमेटियां अस्पताल में मरीजों के अधिकार, उनकी देखभाल, संक्रमण नियंत्रण की व्यवस्था समेत 516 बिंदुओं पर नजर रखती हैं।

 

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