हाल-ए-पीपीपी मॉडल राहत की जगह मरीजों को दर्द दे रहीं जांच मशीनें

  • बंद पड़ी हैं केजीएमयू में लगी चार डायलिसिस मशीनें, रोगी हो रहे परेशान
  • लोहिया अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन खराब होने से लटकी जांच
  • गरीब मरीजों को जांच के लिए लगाने पड़ रहे अस्पतालों के चक्कर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। राजधानी के सरकारी अस्पतालों में पीपीपी मॉडल के तहत लगाई गई मशीनें मरीजों को राहत की जगह दर्द दे रही है। केजीएमयू में डायलिसिस मशीनें तो लोहिया अस्पताल में लगी सीटी स्कैन मशीनें काम नहीं कर रही हैं। इसके कारण इलाज और जांच दोनों अटक गए हैं। इसके चलते मरीजों को रोजाना अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। दूसरी ओर कंपनियां पैसा नहीं मिलने का रोना रो रही हैं।
राजधानीवासियों को बेहतर और सस्ती चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने यहां के कुछ अस्पतालों में पीपीपी मॉडल पर जांच उपकरणों को लगवाने का फैसला लिया था। सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कई मंत्रियों ने इनका बाकायदा उद्घाटन किया था। कुछ दिन बाद यह व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई है। एसपीजीआई, केजीएमयू और लोहिया अस्पताल में लगी पीपीपी मॉडल वाले जांच उपकरण बंद पड़े हैं। पीपीपी मॉडल पर काम करने वाली कम्पनियों और अस्पतालों के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण मरीजों की जांच और इलाज अटक गया है। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे के निर्देश के बाद भी केजीएमयू में पीपीपी मॉडल पर लगी डायलिसिस की सभी मशीनें शुरू नहीं हो पाई हैं। यही नहीं पिछले दो दिनों से यहां की चार अन्य डायलिसिस मशीनों को बंद कर दिया गया हैं। लोहिया अस्पताल में 8 अप्रैल से सीटी स्कैन मशीन खराब पड़ी है। मशीन खराब होने के चलते राजधानी सहित दूसरे जिलों से आ रहे गंभीर मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। वहीं पीपीपी मॉडल पर काम करने वाली कंपनी पेमेंट न मिलने का रोना रो रही है। केजीएमयू प्रशासन का कहना हैं कि कंपनी अपना पिछला हिसाब नहीं दे पा रही है। जाहिर है कंपनी और अस्पताल प्रशासन के इस ढीले रवैये के कारण मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि अस्पताल में नेशनल हेल्थ मिशन के तहत 8 जुलाई 2018 को मशीनों को लगाया गया था।

रोगियों को फंसा रहे दलाल

सरकारी अस्पतालों में जांच उपकरणों के खराब होने का फायदा प्राइवेट अस्पताल और डायग्नोस्टिक सेंटर उठा रहे हैं। इन्होंने अस्पतालों के गेट पर अपने दलालों को लगा दिया है। ये दलाल मरीजों को जल्दी जांच करवाने का प्रलोभन देकर इन केंद्रों पर ले जा रहे हैं और इसके एवज में मोटी रकम वसूली जा रही है।

 

 

 

 

लोहिया अस्पताल में 8 अप्रैल से सीटी स्कैन मशीन खराब पड़ी है। मशीन खराब होने के चलते राजधानी सहित दूसरे जिलों से आ रहे गंभीर मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा हैं।

 

 

 

 

कंपनी को अस्पताल में सिर्फ जगह दी गई है। मशीनों को संचालित करने की जिम्मेदारी कंपनी की है।
-डॉ. डीएस नेगी
लोहिया अस्पताल

 

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