ठेंगे पर कानून बिना पंजीकरण फिर खोल दिए अस्पताल

  • स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से चल रहा खेल
  • खामियां मिलने पर सात अस्पतालों को किया गया था बंद, कुछ माह बाद फिर शुरू हो गया संचालन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में निजी अस्पतालों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पिछले साल सात अस्पतालों को मानक व पंजीकरण न होने पर बंद कराया था। इन अस्पतालों में मरीजों के साथ गलत व्यवहार करने की भी शिकायत मिली थी। एक-दो माह बंद रखने के बाद अस्पताल संचालकों ने बिना पंजीकरण इनका फिर से संचालन शुरू कर दिया। यह सारा खेल स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से चल रहा है। सीएम पोर्टल पर मामले की शिकायत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। विभाग अब ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
मडिय़ांव के आईआईएम रोड स्थित सिटी लाइफ हॉस्पिटल और सीतापुर रोड स्थित वेलकम अस्पताल समेत सात अस्पताल में जमकर मनमानी की जा रही थी। शिकायत मिलने पर सीएमओ की टीम ने पिछले साल इन सभी हॉस्पिटल्स का निरीक्षण किया था। इन अस्पतालों में खामियां मिलने के बाद इसे बंद करा दिया गया था लेकिन एक माह के बाद अस्पताल संचालक ने इसे दोबारा शुरू कर दिया। इसी तरह मडिय़ांव के भिठौली के पास स्थित एक निजी अस्पताल ने गत वर्ष सितंबर में ट्रॉमा से एचआईवी मरीज को डिस्चार्ज कराकर अपने यहां भर्ती किया था। आरोप है कि अस्पताल संचालक ने झोलाछाप डॉक्टरों से मरीज का उपचार कराया था। इससे उसकी मौत हो गई थी। नाराज तीमारदारों ने हंगामा करते हुए अस्पताल पर एफआईआर दर्ज कराई थी। कुछ दिन बंद रहने के बाद अस्पताल संचालक ने दोबारा यहां मरीजों की भर्ती शुरू कर दी। इसी तरह राजाजीपुरम के निजी अस्पताल को पिछले साल बंद कराया गया था। इसी तरह गोसाईगंज के निजी अस्पताल में महिला मरीज के ऑपरेशन के दौरान हुई चूक के मामले में अस्पताल को बंद कराया गया था। अस्पताल का पंजीकरण नहीं था। फैजुल्लागंज का एक निजी अस्पताल मडिय़ांव थाने के बगल में एक बच्ची की मौत के बाद डॉक्टर की क्लीनिक को बंद कराया गया था। ये अस्पताल दो माह के भीतर फिर खुल गए। गौरतलब है कि इसकी शिकायत सीएम पोर्टल पर हुई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी है।

जिन सात अस्पतालों को बंद कराया गया था, उनके दोबारा संचालन की जानकारी मिली है। सभी अस्पतालों के रिकॉर्ड खंगालने के निर्देश दिए गए हैं। उनके पंजीकरण व मानकों को परखा जा रहा है। बिना अनुमति अस्पताल शुरू किए जाने के मामले में सभी पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
-डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ

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