एलओसी पर नये खतरे की आहट

सवाल यह है कि किसकी शह पर पाकिस्तान की ओर से इस तरह की गतिविधियों को संचालित किया जा रहा है? क्या चुनाव के दौरान आतंकी भारत में कोई बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं? क्या जाली नोटों के जरिए भारतीय अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाने की कोशिश की जा रही है? क्या पाकिस्तान की सेना व खुफिया एजेंसी इसको संरक्षण दे रहीं हैं?

Sanja Sharma

भारत और पाकिस्तान के बीच तनातनी चरम पर है। इस बीच भारत ने एलओसी पर होने वाले व्यापार को भी स्थगित कर दिया है। व्यापार को इसलिए स्थगित किया गया ताकि इसकी आड़ में पाकिस्तान की ओर से भेजे जा रहे हथियार, नकली नोट व मादक पदार्थ भारत नहीं पहुंच सकें। सवाल यह है कि किसकी शह पर पाकिस्तान की ओर से इस तरह की गतिविधियों को संचालित किया जा रहा है? क्या चुनाव के दौरान आतंकी भारत में कोई बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं? क्या जाली नोटों के जरिए भारतीय अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाने की कोशिश की जा रही है? क्या पाकिस्तान की सेना व खुफिया एजेंसी इसको संरक्षण दे रहीं हैं? क्या भारत के अंदर सक्रिय आतंकी स्लिपर सेल तक हथियारों को पहुंचाने के लिए व्यापार की आड़ ली जा रही है? क्या इसका असर स्थानीय लोगों की अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ेगा?
भारत-पाकिस्तान के संबंध कभी भी मधुर नहीं रहे हैं। आजादी के बाद से दोनों देशों के बीच कई युद्ध लड़े गए और पाकिस्तान को हर युद्ध में शिकस्त का मुंह देखना पड़ा। पुलवामा में सेना के काफिले पर आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में स्थित जैश के आतंकी ठिकानों को नष्टï कर दिया था। इससे दुनिया भर में पाकिस्तान की किरकिरी हुई। आतंकवादी मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान व चीन के अडिय़ल रवैये ने स्थितियों को और खराब कर दिया। अमेरिका व रूस समेत अधिकांश देश आतंक के आका पाकिस्तान को चेतावनी दे चुके हैं। पाकिस्तान दिवालिया होने की कगार पर खड़ा है। इसके बावजूद वह भारत को नुकसान पहुंचाने की फिराक में है। भारत ने उससे न केवल मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस ले लिया है बल्कि व्यापार पर भी बैन लगा दिया है। हालांकि इन सबके बीच पुलवामा के सलामाबाद और पुंछ के चक्का-द-बाग में दो केंद्रों में दोनों देशों के बीच व्यापार चल रहा था। यह व्यापार सप्ताह में चार दिन चलता है और वस्तु के आदान-प्रदान पर आधारित है लेकिन अब भारत ने इसे भी बंद कर दिया है क्योंकि इसकी आड़ में हथियार, नकली नोट और मादक पदार्थ भारत भेजा जा रहा था। दरअसल, जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के लगातार हो रहे सफाए से पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठन परेशान है। वह भारत में अपने स्लीपर सेल तक हथियार और जाली नोट नहीं पहुंचा पा रहे हैं। लिहाजा उन्होंने इस रास्ते को अपनाया है। इससे इंकार नहीं किया जा सकता कि बिना पाक सेना की शह के ये सारी वस्तुएं भारत नहीं भेजी जा सकती हैं। यह बड़े खतरे का संकेत है। इस पर भारत को कड़ी नजर रखनी होगी।

 

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