अपने असली स्वरूप में आए चुनाव आयोग: केसी त्यागी

कहा, दांत दिखाने के साथ बताए कि काट भी सकता है

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। जनता दल यूनाइटेड के महासचिव केसी त्यागी ने कहा है कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में ऐसा खराब आचरण वाला चुनाव आज तक नहीं लड़ा गया। जाति को लेकर, व्यक्ति के खान-पान, चाल- चलन और पहनावे को लेकर जिस तरह की नकारात्मक और निंदनीय टिप्पणियां की जा रही हैं इससे पहले कभी नहीं हुईं। मुख्यमंत्री, मंत्री हो या फिर राजनैतिक दलों के बड़े नेता, सभी अमर्यादित हो रहे हैं। चुनाव आयोग की सख्ती का हम स्वागत करते हैं। हम आयोग से आग्रह करते हैं कि अपने असली स्वरूप में आए। दांत भी दिखाए, बताए कि वह काट भी सकता है।
केसी त्यागी ने जदयू कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि यूपी में तीन सीटों को छोड़ कर जहां भी भाजपा नेता नामांकन और प्रचार के लिए उन्हें बुलाएंगे, वह एनडीए के घटक दल होने के नाते जरूर आएंगे। उनका प्रयास है कि फिर से एनडीए की सरकार बने। उन्होंने कहा कि परिवारवाद से वामपंथी दल, भाजपा और जदयू दूर हैं। उन्होंने चुनाव में ईवीएम का इस्तेमाल किए जाने की तारीफ करते हुए कहा कि अगर ईवीएम से गड़बड़ी होती तो नीतीश कुमार और अरविंद केजरीवाल कभी सीएम न बनते। यूपी में अगला विधानसभा का चुनाव उनकी पार्टी मजबूती से लड़ेगी। 2022 यूपी में हमारे कार्यकर्ताओं के सम्मान का साल होगा। वहीं शहीदों के नाम पर वोट मांगने की पीएम की अपील पर केसी त्यागी ने कहा कि शहीदों और सेना का किसी को इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं है।

दलितों की बदहाली के लिए माया दोषी: निर्मल

१११ 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के चेयरमैन डा. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा है कि मायावती दलित शब्द को रक्षा कवच की तरह उपयोग कर रही हैं, जबकि दलितों की बदहाली के लिए वह पूरी तरह से जिम्मेदार हैं।
डा. निर्मल ने कहा कि मायावती ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए दलितों में भी जातिवाद पैदा किया, परिणामस्वरूप अब वह दलितों के एक वर्ग विशेष की लीडर बन कर रह गयी हैं। दलित विरोधी पार्टी से गठबंधन कर मायावती ने साफ कर दिया कि उन्हें दलितों के मुद्दों से कोई मतलब नहीं है। उन्हें येन केन प्रकारेण सत्ता सुख चाहिए।

 

Loading...
Pin It