जीते तो अमेठी से इस्तीफा देकर बहन प्रियंका को चुनाव लड़ाएंगे राहुल

  • प्रियंका गांधी को राजनीति में लाने के बाद गिफ्ट में अपनी लोकसभा सीट भी देना चाहते हैं राहुल
  • 2022 में प्रियंका गांधी को आगे करके यूपी विधानसभा का चुनाव लडऩे की तैयारी है कांग्रेस की
  • केरल से राहुल का चुनाव लडऩा इसी रणनीति का है हिस्सा

 संजय शर्मा
लखनऊ। राहुल गांधी ने अपनी बहन प्रियंका गांधी के लिए लोकसभा सीट का भी चयन कर लिया है। अमेठी से जीतने के बाद उनकी रणनीति प्रियंका गांधी को अमेठी से चुनाव लड़ाने की है। उनका मानना है कि यूपी से सांसद बनने के बाद अगले तीन साल प्रियंका गांधी यूपी के लिए ज्यादा से ज्यादा समय दें और 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्हें सीएम फेस के लिए पेश करके चुनाव लड़ा जाए। कांग्रेस के विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक यह योजना बेहद गुप्त रखी गई है।
सपा-बसपा के गठबंधन के बाद कांग्रेस को अलग रखने की रणनीति ने यह बात साफ कर दी थी कि कांग्रेस को अब आगामी विधानसभा चुनाव के लिए नए सिरे से मेहनत करनी होगी। कांग्रेस भी जानती है कि बिना प्रियंका के यूपी में वह मजबूत स्थिति में नहीं आ पायेगी। इन्हीं हालातों में यूपी को प्रियंका के हवाले करने की रणनीति पर मंथन शुरू हुआ। कांग्रेस हर हालत में अमेठी और रायबरेली की सीट को अपने पास रखना चाहती है। ऐसे हालातों में अमेठी के लिए प्रियंका से बेहतर कोई दूसरा नाम हो भी नहीं सकता था। कांगे्रस अध्यक्ष आश्वस्त हैं कि वह अमेठी से बड़ी जीत हासिल करेंगे। जीतने के बाद ही वह अपनी इस रणनीति पर काम करेंगे।
प्रियंका गांधी अमेठी की रग-रग से वाकिफ हैं। उन्होंने पूर्व में भी अमेठी और रायबरेली में काफी काम किया है और उनकी लोकप्रियता इस क्षेत्र में लगातार बढ़ी है। प्रियंका गांधी अपनी दादी इंदिरा गांधी की तरह लोगों से सीधा संवाद रखती हैं और अपने को सीधे लोगों से जोड़ती हैं। अमेठी के लोग भी उनके खासे प्रशसंक हैं।
अमेठी में पिछले कुछ सालों से भाजपा ने लगातार मेहनत की है। केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी लगातार राहुल की घेराबंदी करने में जुटी रहती हैं। विधानसभा चुनाव में अमेठी में कांग्रेस को मनमाफिक नतीजे नहीं मिले थे। कांग्रेस जानती है कि एक बार प्रियंका के मैदान में आ जाने के बाद अमेठी में उसकी राह आसान हो जायेगी।

2022 पर कांग्रेस की नजर

लखनऊ। (4पीएम न्यूज़ नेटवर्क) उत्तर प्रदेश में आगामी 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव पर भी कांग्रेस की नजर है। प्रियंका गांधी को मैदान में उतारकर कांग्रेस ने यूपी की सत्ता तक पहुंचने का दांव चल दिया है। प्रदेश की जनता जिस प्रकार प्रियंका के प्रति अपना समर्थन जता रही है, उससे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस की स्थिति मजबूत होगी। विधानसभा चुनाव में प्रियंका को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर कांग्रेस बाजी मारने में सफल हो सकती है।

भाजपा के लिए खड़ी होगी मुश्किल

लखनऊ। (4पीएम न्यूज़ नेटवर्क)प्रियंका गांधी को लोकसभा चुनाव में प्रदेश की कमान देकर कांग्रेस एक तीर से दो निशाना लगाने की तैयारी कर रही है। पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी लगातार प्रदेश का दौरा करके न केवल कांग्रेस का जनाधार मजबूत करने की कोशिश में जुटीं हैं बल्कि वे विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी कर रही हैं। प्रियंका के आने से पूर्वांचल में कांग्रेस की ताकत बढ़ रही है। यह स्थिति भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी करेगी क्योंकि पूर्वांचल को भाजपा का गढ़ माना जाता है।

अली-बजरंग बली फिर आए चुनावों में

  • सीएम योगी, सपा नेता आजम
  • खां के बाद बसपा प्रमुख ने भी दिया बयान
  • कहा, टकराव पैदा करने वाली सत्ताधारी ताकतों से रहें सावधान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लोकसभा चुनाव में अली और बजरंग बली पर सियासी संग्राम तेज हो गया है। सीएम योगी, सपा के आजम खां के बाद अब मायावती भी इस विवाद में कूद पड़ी हैं। बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट कर कहा है कि चुनावी स्वार्थ पूर्ति के लिए टकराव पैदा करने वाली ताकतों से लोग सावधान रहें।
बसपा प्रमुख मायावती ने रामनवमी पर दिए अपने संदेश में कहा कि रामनवमी की देश और प्रदेशवासियों को बधाई व शुभकामनाएं तथा उनके जीवन में सुख और शान्ति की कुदरत से प्रार्थना। ऐसे समय में जब लोग श्रीराम के आदर्शों का स्मरण कर रहे हैं, तब चुनावी स्वार्थ हेतु बजरंग बली और अली का विवाद तथा टकराव पैदा करने वाली सत्ताधारी ताकतों से सावधान रहना है। मायावती का इशारा योगी आदित्यनाथ के बयान की ओर था। गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अगर कांग्रेस, सपा, बसपा को अली पर विश्वास है तो हमें भी बजरंग बली पर विश्वास है। सीएम योगी ने देवबंद में बसपा प्रमुख के उस भाषण की तरफ इशारा करते हुए यह टिप्पणी की थी जिसमें मायावती ने मुस्लिमों से सपा-बसपा गठबंधन को वोट देने की अपील की थी। योगी के इस बयान के बाद चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भी भेजा था। वहीं इस पर सपा नेता आजम खां ने पलटवार करते हुए कहा था कि अली और बजरंग एक हैं। अली और बजरंग में झगड़ा न कराओ। मैं नया नाम दिए देता हूं, बजरंग अली। आजम ने कहा था, बजरंग अली तोड़ दो दुश्मन की नली, बजरंग अली ले लो जालिमों की बलि। ले लो बलि, बजरंग अली, बजरंग अली।

काश! भारत सरकार मंगवा पाती माफी

लखनऊ। (4पीएम न्यूज़ नेटवर्क) बसपा प्रमुख मायावती ने जलियावाला बाग कांड के सौ साल पूरे होने पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि काश ! केंद्र सरकार ब्रिटिश सरकार पर दबाव बनाकर उनसे माफी मंगवा पाती तो देश को संतोष होता

 

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