गृहमंत्री के आदेश के बाद भी नहीं मिल पा रहा पीडि़त परिवार को न्याय सुनीता चंद्रा नर्सिंग होम में डॉक्टरों की गलती से मरीज की मौत के मामले की जांच अटकी

  • मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करने के बावजूद सक्रिय नहीं दिख रहे जिम्मेदार अधिकारी
  • न्याय के लिए दर-दर भटक रहा पीडि़त परिवार परिजनों को मिल रही धमकी, हताशा ने घेरा
  • जांच कमेटी को तीन दिन में घटना की आख्या प्रस्तुत करने का दिया गया था निर्देश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। धरती पर भगवान का रूप कहे जाने वाले डॉक्टर ही मौत बांटने लगें तो किसी भी इंसान का बीमारी से बच पाना मुश्किल हो जाएगा। राजधानी में राजेन्द्रनगर स्थित सुनीता चंद्रा नर्सिंग होम में डॉक्टर आजकल लोगों को मौत बांट रहे हैं। उन्हें सिर्फ और सिर्फ अपनी जेबें भरने की चिन्ता रहती है। इसलिए मरीज के इलाज में लापरवाही बरतते हैं, जो जानलेवा साबित हो रही है। यहां कुछ दिन पहले ऑपरेशन के दौरान गलत नस कटने की वजह से एक महिला की मौत हो गई थी। पीडि़त परिवार ने न्याय पाने के लिए सीएमओ, मुख्यमंत्री पोर्टल और गृहमंत्री राजनाथ सिंह तक से गुहार लगाई लेकिन अब तक न्याय नहीं मिला। पीडि़त परिवार का आरोप है कि सुनीता चंद्रा नर्सिंग होम की तरफ से लगातार धमकी दी जा रही है। जांच को प्रभावित करने की कोशिशें की जा रही हैं, जिसकी वजह से जांच अटकी हुई है।
सआदतगंज निवासी दिव्या (26) का बच्चेदानी का ऑपरेशन होना था। उसे 17 मार्च को राजेंद्र नगर स्थित सुनीता चंद्रा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने का निर्णय लिया और परिजनों से 10 हजार रुपये भी जमा करवा लिये। लेकिन ऑपरेशन के दौरान मरीज की गलत नस कट गई। इस वजह से काफी ब्लीडिंग हुई और मरीज की मौत हो गई। दिव्या के पति मोहित का आरोप है कि सुनीता चंद्रा अस्पताल के डॉक्टरों ने मामला बिगडऩे पर जबरन मरीज को दूसरे निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया था। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने बताया कि मरीज की काफी देर पहले ही मौत हो चुकी है। जब परिजन सुनीता चंद्रा अस्पताल पहुंचे और नाराजगी जाहिर की तो डॉक्टरों ने खुद ही माना कि ऑपरेशन के दौरान हमसे गलती से दूसरी नस कट गई थी। इसीलिए हमने मरीज को दूसरे अस्पताल भेजा था। हम इलाज का पूरा खर्च भी उठाने को तैयार थे, लेकिन मरीज की मौत हो गई तो क्या कर सकते हैं।

अपने वादे से मुकरा अस्पताल प्रशासन

दिव्या के पिता दुर्गा प्रसाद अवस्थी का आरोप है कि ऑपरेशन के दिन अस्पताल के डॉक्टरों ने गलत नस कटने की बात कबूल की थी। उन्होंने मरीज के इलाज का सारा खर्च उठाने का वादा भी किया था लेकिन ज्योंही मरीज के मौत की जानकारी मिली। अस्पताल प्रशासन ने अपनी गलती मानने से इंकार कर दिया। इतना ही नहीं इलाज का खर्च अस्पताल की तरफ से वहन करने की बात को भी नकार दिया।

शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई

पीडि़त परिवार ने मामले में न्याय के लिए सीएमओ लखनऊ से लिखित शिकायत कर जांच करवाने की मांग की थी। इसके अलावा मुख्यमंत्री पोर्टल और गृहमंत्री राजनाथ सिंह से भी शिकायत करने न्याय की गुहार लगाई थी, लेकिन घटना के 25 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि मृतका के पति मोहित और पिता दुर्गा प्रसाद का कहना है कि सीएमओ ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किए जाने और तीन दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अब तक न तो कोई रिपोर्ट आई और न ही अस्पताल के खिलाफ किसी प्रकार की कार्यवाही की गई। इस मामले में नाका थाने में सुनीता चंद्रा नर्सिंग होम के खिलाफ तहरीर भी दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

सीएमओ की तरफ से गठित तीन डॉक्टरों की जांच कमेटी 25 दिन बाद भी नहीं पेश कर पाई जांच रिपोर्ट

यह मामला अत्यंत गंभीर है। इस मामले में जांच के लिए नियुक्त टीम अपना काम कर रही है। जल्द ही आरोपी के खिलाफ सख्त कार्यवाही होगी।
डॉक्टर नरेंद्र अग्रवाल
सीएमओ, लखनऊ

नर्सिंग होम वाले दे रहे धमकी

दिव्या के पिता दुर्गा प्रसाद अवस्थी ने बताया कि सुनीता चंद्रा नर्सिग होम से लगातार फोन पर धमकी दी जा रही है। हमारे ऊपर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। धमकी देने वाले कहते हैं कि तुम हमारी पहुंच को नहीं जानते हो, किसी भी मंत्री या मुख्यमंत्री से शिकायत कर लो हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे। इसलिए बेहतर है, अपनी शिकायत वापस ले लो। इसके बाद पीडि़त ने नाका थाने में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ तहरीर भी दी थी।

ईवीएम में धांधली कर चुनाव जीतना चाहती है भाजपा: मायावती

  • बसपा प्रमुख ने चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बाद बसपा ने एक बार फिर ईवीएम का मुद्दा उठाया है। बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट के जरिए भाजपा पर हमला बोला है। बसपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा ईवीएम में धांधली कर चुनाव जीतना चाहती है।
मायावती ने ईवीएम का मुद्दा उठाते हुए भाजपा पर धांधली का आरोप लगाया है। उन्होंने ट्वीट किया कि सत्ताधारी भाजपा को इस लोकसभा चुनाव में आम जनता द्वारा बुरी तरह से नकारे जाने का ही परिणाम है कि अब भाजपा वोट से नहीं बल्कि नोटों से, ईवीएम की धांधली से, पुलिस/प्रशासन तंत्र के दुरुपयोग सेे और ईवीएम में चुनाव कर्मचारियों से ही बटन दबवाकर चुनाव जीतना चाहती है। उन्होंने आगे लिखा कि यदि देश के लोकतंत्र में आम जनता की आस्था को बचाये रखना है तो फिर चुनाव आयोग की यह संवैधानिक जिम्मेदारी बनती है कि वह इन बातों को गंभीरतापूर्वक संज्ञान ले और तत्काल आवश्यक उपाय करे ताकि अगले सभी चरण के चुनाव स्वतंत्र व निष्पक्ष हो सकें।
गौरतलब है कि बसपा ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर यूपी में दलितों को वोट करने से रोके जाने की शिकायत करते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में चुनाव आयोग तत्काल हस्तक्षेप करे।

मेट्रो से प्रचार शुल्क वसूलने की तैयारी में नगर निगम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नगर निगम मेट्रो के पिलर पर हो रहे प्रचार के बदले शुल्क वसूलने की तैयारी कर रहा है। इसे आगामी सदन में पेश कर मंजूरी ली जाएगी। अगर सदन में बायलॉज को मंजूरी मिल जाती है तो मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को प्रचार के बदले नगर निगम को शुल्क देना होगा।
पिछले दिनों नगर निगम ने प्रचार करने के लिए मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को पत्र भेजा तो उनके अफसरों ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार से अनुबंध के तहत मेट्रो द्वारा शहर में प्रचार हो रहा है। नगर निगम के प्रचार प्रभारी अशोक सिंह ने बताया कि मेट्रो से प्रचार शुल्क वसूली के लिए पिछले सदन में प्रस्ताव रखा गया था। उस समय आपत्तियों की सुनवाई के लिए एक कमेटी गठित की गई थी। लेकिन अभी आचार संहिता के चलते मामला रुका हुआ है। आगामी सदन से पहले कमेटी को सभी आपत्तियों की सुनवाई पूरी करनी है। ऐसे में सदन से मंजूरी मिलने के बाद मेट्रो से प्रचार शुल्क की वसूली होगी।

राहुल के खिलाफ मानहानि की याचिका दाखिल

  • राफेल मामले में चौकीदार को चोर कहने का मामला

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी की नेता मीनाक्षी लेखी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की याचिका दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट मानहानि की याचिका पर 15 अप्रैल को सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया है।
लेखी ने राहुल गांधी के उस बयान पर याचिका दाखिल की है जिसमें उन्होंने कहा था कि – ‘सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है कि चौकीदार चोर है।’ सुप्रीम कोर्ट की ओर से पुनिर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई करने और सरकार की दलीलों को खारिज करने के बाद राहुल ने अमेठी लोकसभा सीट पर नामांकन के दौरान यह बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि शीर्ष अदालत ने मान लिया है कि राफेल में कुछ भ्रष्टाचार है और ये भी कि चौकीदार ने ही चोरी करवाई है। बता दें, 10 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने राफेल लड़ाकू विमान सौदे में समीक्षा याचिकाओं पर केंद्र की आपत्तियों को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की दलीलों को खारिज कर रक्षा मंत्रालय से लीक हुए दस्तावेज की वैधता को मंजूरी प्रदान कर दी है। कोर्ट के फैसले के अनुसार यह दस्तावेज सुनवाई का हिस्सा होंगे।

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