ईपीएफ-ग्रेच्युटी के बोझ से दबा सहकारी ग्राम विकास बैंक, करोड़ों जमा करने में प्रबंध तंत्र के छूट रहे पसीने

  • कर्मचारियों-अधिकारियों के वेतन से नियमित कट रहा है पैसा
  • माली हालत खस्ता होने के चलते खाते में नहीं जमा करा पा रहा पैसा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राज्य की शीर्ष सहकारी संस्था उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक की माली हालत खस्ता हो चुकी है। प्रबंध तंत्र के ऊपर अभी भी कर्मियों के ईपीएफ का 6 करोड़ और ग्रेच्युटी का 36 करोड़ बकाया है। हालांकि प्रबंध तंत्र ने दोनों खातों में 11 करोड़ जारी किया है। भारी-भरकम बकाए से प्रबंध तंत्र के साथ कर्मचारी और अधिकारी भी चिंतित है।
सहकारी ग्राम विकास बैंक में कार्यरत कर्मचारियों-अधिकारियों के वेतन से प्रति माह ईपीएफ और ग्रेच्युटी के मद का पैसा काटा जा रहा था, बावजूद सितम्बर 2018 से यह पैसा ईपीएफ ट्रस्ट के खाते में जमा नहीं कराया गया था। इसके खुलासे के बाद बैंक प्रबंध तंत्र ने ईपीएफ की कुल बकाया राशि 13 करोड़ में सात करोड़ रुपये ईपीएफ खाते में जमा करा दिये हैं जबकि गे्रच्युटी की कुल बकाया राशि लगभग 40 करोड़ में चार करोड़ रुपये जारी किए हैं लेकिन यह धनराशि बेहद मामूली है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक प्रबंध तंत्र ने भविष्य निधि और ग्रेच्युटी के लगभग 53 करोड़ रुपये कई माह से जमा नहीं कराये गए थे। इसमें ईपीएफ के लगभग 13 करोड़ और ग्रेच्युटी के लगभग 40 करोड़ रुपये जमा नहीं हुये थे। ईपीएफ ट्रस्ट के खाते में कर्मचारियों-अधिकारियों के वेतन से काटी गई धनराशि जमा न होने से ट्रस्ट के सदस्यों को निरंतर ब्याज की क्षति हो रही है। वहीं सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ग्रेच्युटी के क्लेम का भुगतान तक नहीं हो पा रहा है। वहीं कर्मचारियों-अधिकारियों के वेतन से भविष्य निधि कटौती प्रतिमाह हो रही है। बावजूद इसके यह राशि ट्रस्ट के खाते में जमा नहीं करार्ई जा रही है। ईपीएफ ट्रस्ट ने इसकी शिकायत सहायक महाप्रबंधक, ईपीएफ से की थी। इसके बाद इन खातों में मामूली रकम जमा की गई है।

मद में काटे गए रुपये

जानकारों की मानें तो उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक कर्मचारियों के वेतन से सितम्बर 2018 में 2,69,30,792 रुपये, अक्टूबर 2018 में 2,58,58,540 रुपये, नवम्बर 2018 में 3,04,60,373 रुपये, दिसम्बर 2018 में 2,78,63,352 रुपये और जनवरी 2019 में लगभग तीन करोड़ रुपये ईपीएफ मद में काटे गये। नियमत: यह राशि प्रति माह बैंक प्रबंध तंत्र को ईपीएफ ट्रस्ट के खाते में जमा करानी चाहिये। पर, महीनों बाद भी ट्रस्ट खाते में रकम जमा नहीं कराई गई थी।

कर्मचारियों के हित में संस्थान सदैव तत्पर है। ईपीएफ के तहत सात करोड़ रुपये ट्रस्ट के खाते में जमा करा दिये गये हैं। वहीं गे्रच्युटी के मद में चार करोड़ रुपये जारी हुये हैं। गे्रच्युटी का पैसा किश्तों में समय-समय पर जारी किया जाता है।
-केपी सिंह, एमडी ,उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक

  • 36 करोड़ ग्रेच्युटी का बकाया 
  • 6 करोड़ ईपीएफ का बकाया 
  • 11 करोड़ जारी कर कर्मियों को बहला रहा प्रबंध तंत्र 
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