माननीयों के साथ आमजन भी आचार संहिता की जद में बिना अनुमति घर पर नहीं फहरा सकेंगे पार्टी का झंडा

  • 27 मई तक घर लागू रहेगा नियम, मतदाताओं को नहीं दिया जा सकेगा प्रलोभन
  • जुलूस और रैली के लिए लेनी होगी पुलिस से अनुमति

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। इस बार केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने केवल माननीयों के लिए ही नहीं बल्कि मतदाताओं पर आदर्श आचार संहिता का डंडा चलाया है, जिसके तहत अगर किसी व्यक्ति को अपने घर पर झंडा फहराना है तो उसके लिए भी अनुमति लेनी होगी। अनुमति मिलने के बाद ही व्यक्ति घर पर झंडा फहरा सकेगा। आदर्श आचार संहिता आगामी 27 मई तक लागू रहेगी।
केंद्रीय निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों के क्रम में निर्वाचन के समय में कोई भी सरकारी कर्मचारी राजनीतिक एक्टिविटी में शामिल नहीं हो सकता। अगर ऐसा होता है तो इसे भी अचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। निर्वाचन के समय प्रचार में ऑफिसियल वाहनों का प्रयोग भी निषेध किया गया है। किसी भी दशा में बिना अनुमति के लाउडस्पीकर का प्रयोग निषेध किया गया है। किसी भी जुलूस/रैली के लिए जगह, समय और रूट का निर्धारण पहले से करके पुलिस प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना पूर्व सूचना के किसी भी जुलूस/रैली को अनुमति नहीं मिलेगी। ऑफिसियल कार्यों को कैम्पेनिंग के कार्यों में मिक्स नहीं किया जाएगा। किसी भी प्रकार का प्रलोभन चाहे आर्थिक अथवा कोई और हो, मतदाताओं को देना प्रतिबंधित है। निर्वाचक के द्वारा किसी भी प्रकार की जातीय और सांप्रदायिक अपील नहीं की जाएगी। दूसरी पार्टियों और उनके कार्यकर्ताओं के द्वारा असत्यापित आरोपों और विकृतियों के आधार पर किसी की आलोचना नहीं की जाएगी। किसी भी धार्मिक स्थल का प्रयोग चुनाव प्रचार (जैसे भाषणों, पोस्टरों, बैनरों ) के लिए नहीं किया जाएगा। पोलिंग स्टेशनों के 100 मीटर दायरे के अंदर किसी भी प्रकार की चुनावी मीटिंग, कन्वेसिंग, कोई भी आपत्तिजनक कार्य या कोई भी कैम्पेनिंग करने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे किसी भी जगह पर रैली की अनुमति नहीं दी जाएगी जहां पर पहले से किसी पार्टी की बैठक चल रही हो। बूथ और पोलिंग स्टेशनों के आस-पास किसी भी प्रकार के झंडे, पोस्टर, चिन्हों या प्रचार सामग्री का प्रयोग करना निषेध है। निर्वाचन के दौरान शराब के वितरण की अनुमति नहीं है। नॉमिनेशन के दौरान केवल तीन वाहनों को ही कार्यालय के 100 मीटर के दायरे में आने की अनुमति होगी। चुनाव पूर्ण होने तक रैलियों में 10 से ज्यादा वाहनों अनुमति नहीं दी जाती है। सरकारी परिसर में किसी भी प्रकार का डिफेंसमेंट (जैसे वाल पेंटिंग, बैनर, पोस्टर, होर्डिंग व झंडे) की अनुमति नहीं होगी। गेस्ट हाउसों में किसी भी प्रकार की राजनीतिक एक्टिविटी की अनुमति नहीं होगी।

रात दस बजे के बाद नहीं बजेंगे लाउडस्पीकर

वाहनों और बैठकों में लाउडस्पीकर का प्रयोग करने की अनुमति सुबह 6 बजे से लेकर रात 10 बजे तक मिलेगी। इसके बाद यदि लाउडस्पीकर का प्रयोग किया गया तो इसे आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि आचार संहिता के दौरान नई परियोजनाओं अथवा कार्यक्रमों अथवा वित्तीय स्वीकृतियों की घोषणाओं अथवा शिलान्यास आदि का पूर्ण रूप से निषेध किया गया है। साथ ही शासकीय योजनाओं के लिए नव स्वीकृति बनाना भी निषेध किया गया है।

सरकारी वाहनों का प्रयोग नहीं करेंगे मंत्री
निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान राज्य अथवा केंद्र सरकार के मंत्री सरकारी वाहनों का प्रयोग नहीं करेंगे, अगर सरकारी वाहनों से मंत्री किसी चुनावी स्थल पर पहुंचे तो आदर्श आचार संहिता का उलंघन मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।

 

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