पालतू शेरों ने ले ली मालिक की जान

नई दिल्ली। कुछ लोगों को खतरनाक जानवरों को पालने का शौक होता है, लेकिन ये शौक कई बार उन्हें अपनी जान देकर चुकाना पड़ता है। जैसा कि चेक रिपब्लिक के एक शख्स के साथ हुआ। दरअसल, चेक रिपब्लिक में रहने वाले माइकल प्रासेक को जंगली जानवर पालने का शौक था। उन्होंने अपने घर पर दो शेरों को पाल रखा था। जिसमें एक मादा और एक नर शेर था। माइकल ने शायद ही कभी सोचा होगा कि जिन शेरों को वो अपने बच्चों की तरह पाल रहे हैं और दोस्त की तरह प्यार करते हैं वो ही कभी उनकी जान के दुश्मन बन जाएंगे। माइकल ने दोनों शेरों को पालने के लिए कानून से भी लड़ाई लड़ी। उन्होंने प्रशासन से लडक़र दोनों शेरों को अपने घर पर रखा।
माइकल 33 साल के थे। उनकी लाश उसी पिंजरे में मिली, जिसमें उन्होंने अपने प्यारे शेरों को बंद कर रखा था। जब उनकी लाश मिली तब पिंजरे का दरवाजा अंदर से बंद था। जानकारी के मुताबिक माइकल प्रासेक ने अपने घर के पीछे एक शेर और शेरनी को पाल रखा था। माइकल साल 2016 में शेर को लेकर आए थे। तब उस शेर की उम्र महज नौ साल थी। लेकिन पिछले साल ही माइकल ने जनन के लिए एक शेरनी को भी पाल लिया।
बताया जाता है कि माइकल ने जब शेरों को पालने का फैसला किया तो आसपास के लोगों ने इसका भारी विरोध किया। लोगों को डर था कि ये शेर कहीं उन्हें नुकसान न पहुंचा दें। इन सब बातों को जानने के बावजूद माइकल ने शेरों को पालने का अपना इरादा नहीं त्यागा और अपनी जान से हाथ धो बैठे। माइकल दोनों शेरों को जीडीशोफ गांव में अपने घर के पीछे बने बाड़ों में रखते थे।
हालांकि प्रशासन ने उन्हें ऐसे जंगली जानवर रखने की अनुमति नहीं दी थी। पहले उन्हें पिंजरे बनाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था और बाद में अवैध प्रजनन के लिए उनपर जुर्माना लगाया। बता दें कि चेक रिपब्लिक में इन जानवरों को रखने की कोई वैकल्पिक सुविधा न होने और जानवरों के साथ प्रताडऩा के कोई प्रमाण न मिलने की वजह से शेर और शेरनी को वहां से नहीं हटाया जा सका। इसलिए माइकल को शेरों को पालने की अनुमति मिल गई थी।
माइकल के पिता को उनकी लाश शेर के पिंजरे में मिली और उन्होंने स्थानीय मीडिया को बताया कि पिंजरा अंदर से बंद था। उसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शेरों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। एक पुलिस प्रवक्ता ने मीडिया को बताया कि माइकल प्रासेक को निकालने के लिए जानवरों को गोली मारना बहुत जरूरी था।

Loading...
Pin It