जिन्हें खुद गंदगी में रहने की आदत, वह दूसरों को कैसे बताएंगे सफाई का महत्व

  • प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान को विकास भवन के अफसर ही लगा रहे हैं पलीता
  • 200 करोड़ खर्च करने के बावजूद भी नहीं दिख रही सफाई, हर जगह फैली है गंदगी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भले ही स्वच्छता पर बल दिया हो मगर राजधानी में कोई और नहीं बल्कि विकास भवन के अफसर ही स्वच्छता अभियान में पलीता लगा रहे हैं। स्थिति यह है कि 200 करोड़ रूपये का भारी भरकम बजट होने के बाद भी अफसर खुद अपने चारों तरफ गंदगी फैलाए हुए हैं। जाहिर हैं वे आम जनता को सफाई का महत्व कैसे बता सकेंगे।
लखनऊ जिले के ग्रामीण इलाकों में राजधानी स्थित विकास भवन से स्वच्छता अभियान का खाका खींचा जाता है। यहां बैठने वाले अफसरों के कंधों पर साफ-सफाई के अलावा आमजन को गोष्ठिïयों और अन्य तरीकों से जागरूक करने की जिम्मेदारी है। इसके लिए भारी भरकम बजट का भी व्यय होता है। बावजूद इसके विकास भवन परिसर में गंदगी देखी जा सकती है। यहां पर सीडीओ, डीडीओ, पीडी, डीपीआरओ समेत तमाम अफसर शासन की ओर से इसलिए बिठाए गए हैं कि वह प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान को गति दे सकें। 200 करोड़ का बजट होने के बावजूद विकास भवन परिसर में चारों ओर गंदगी फैली है। निचले परिसर से लेकर ऊपरी तल तक चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। दीवालों को पान की पीकों से इस तरह से रंग दिया गया है कि वहां से होकर गुजरने में भी घिन आती है। वहीं सुलभ शौचालयों का हाल और भी बुरा है। ऐसे में वहां पर पहुंचने वाले आगंतुकों का कहना है कि जिस भवन में सीडीओ समेत तमाम अफसर केवल दूसरों को नसीहत देने के लिए बैठते हैं। उस परिसर में इस तरह फैली गंदगी व्यवस्था की पोल खोल रही है।

ग्राम पंचायतों का हाल और भी बुरा

जिले की अधिकांश ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। बावजूद इसके उन गांवों में सफाई कर्मी गंदगी हटाने के लिए नहीं पहुंचते हैं। इसकी शिकायत डीपीआरओ से भी की जाती है। फिर भी सुनवाई नहीं होती है। विकास भवन पहुंचे तमाम ग्रामीणों ने बताया कि डीपीआरओ से कहने के बाद भी सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जाता है। इससे स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

कहीं पर एक भी नहीं, कहीं चार-चार सफाई कर्मी

ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई का आलम यह है कि किसी ग्राम पंचायत में चार-चार तो किसी में एक भी सफाई कर्मी की तैनाती नहीं की गई है। विकास भवन में आए दुर्गेश कुमार, रामखिलावन, बब्लू पाल, शिवभूषण तिवारी, राजीव कुमार, मोहम्मद इस्लाम आदि ने बताया कि डीपीआरओ की मनमर्जी की वजह से ग्राम पंचायतों में तैनात सफाई कर्मियों पर किसी तरह का अंकुश नहीं है इसलिए गांवों में भी सफाई नहीं हो रही है।

शिकायत पर होगी कार्रवाई : डीपीआरओ
डीपीआरओ प्रदीप कुमार ने बताया कि जिले को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए स्वच्छता अभियान पर 200 करोड़ का बजट व्यय किया जा रहा है। अगर किसी ग्राम पंचायत में अधिक सफाई कर्मियों के तैनाती की शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी। कहीं पर गंदगी नहीं दिखे, इसके लिए गांवों में भी शौचालय बनवाए जा रहे हैं।

 

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