राजधानी के सरकारी अस्पतालों में एंटी रैबीज वैक्सीन का गहराया संकट, मरीज हुए बेहाल

  • खुद खरीद कर वैक्सीन लगवा रहे रोगी, लोकल पर्चेज पर निर्भर हुए अस्पताल
  • सीएचसी में नहीं हैं टीके, बकाया नहीं दिए जाने से रोकी गई दवाओं की सप्लाई

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। राजधानी में स्वास्थ्य सेवाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। राजधानी के अधिकांश सरकारी अस्पतालों में एंटी रैबीज टीकों का संकट गहरा गया है। सीएचसी में कुत्ते काटे के मरीजों को बिना वैक्सीन लगाए वापस किया जा रहा है। इसके कारण मरीज बाहर से खरीद कर वैक्सीन लगवा रहे हैं। बकाया होने के कारण ड्रग कॉरपोरेशन ने फिलहाल सप्लाई बंद कर दी है।
ड्रग सप्लाई नहीं होने के कारण राजधानी के तमाम अस्पतालों में एंटी रैबीज के टीकों का संकट बढ़ता जा रहा है। बलरामपुर, लोकबंधु, बीआरडी महानगर, बीकेटी साढ़ामऊ अस्पताल, रानी लक्ष्मीबाई समेत अधिकांश अस्पतालों में एआरवी वैक्सीन यानी एंटी रैबीज टीके का संकट बना हुआ है। ड्रग कारर्पोरेशन वैक्सीन की सप्लाई नहीं दे रहा। ऐसे में बड़े अस्पताल लोकल पर्चेज करके किसी तरह काम चला रहे हैं। वहीं सीएचसी में एआरवी वैक्सीन नहीं लग रही है। दूर-दराज के मरीज वैक्सीन खरीदकर लगवा रहे हैं। अस्पताल प्रभारियों का कहना है कि लोकल पर्चेज से खरीददारी करके वैक्सीन लगवा रहे हैं। गरीब मरीज वैक्सीन के लिए बलरामपुर, सिविल व लोहिया अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं। हाल यह है कि ड्रग कॉर्पोरेशन से करीब 90.92 दवाओं का रेट कॉन्ट्रैक्ट है लेकिन इसमें से महज आठ-दस दवाओं की आपूर्ति अस्पतालों में हो पाई है। यह स्थिति पूरे प्रदेश की है।

दवा कंपनी को कई बार रिमांइडर भेजा गया है, लेकिन एआरवी नहीं मिली है।
-डॉ. आरपी सिंह, सीएमएस, बीआरडी महानगर

अस्पताल में लोकल पर्चेज से वैक्सीन खरीदकर लगवाई जा रही है। करीब 200 वॉयल भेजे गए हैं। ड्रग कारर्पोरेशन ने जल्द ही वैक्सीन देने का आश्वासन दिया है।
डॉ. राजीव लोचन ,निदेशक ,बलरामपुर अस्पताल

 

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