राजधानी में स्वाइन फ्लू से निपटने के लिये स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर

  • अस्पतालों में रिजर्व किये गये बेड, बनाये गये स्पेशल वार्ड
  • अब तक 17 मरीजों की पुष्टि, टीमों को किया गया तैनात

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है। एक मरीज की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए कमर कस ली है। राजधानी के सरकारी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू से पीडि़त मरीजों के इलाज के लिए अलग वार्ड बनाए गए हैं। वहीं कई अस्पतालों में अलग बेड रिजर्व कर दिए गए है। इसके अलावा चिकित्सकों की टीमों को तैनात किया गया है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक अब तक 17 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टिï हुई है।
स्वास्थ विभाग ने स्वाइन फ्लू को लेकर पहले से अलर्ट जारी कर रखा है लेकिन एक मरीज की मौत के बाद वह तेजी से सक्रिय हो गया है। अस्पतालों में स्पेशल वार्ड के साथ-साथ मरीजों के लिये बेड रिजर्व कर दिये गये हैं। इस बीमारी से रायबरेली निवासी मरीज अशोक सिंह की मौत लखनऊ के एक निजी अस्पताल में हुई और अन्य मरीजों का इलाज चल रहा है। बीमारी के प्रति सतर्कता बरतने के साथ ही इन्फ्लुएंजा मरीजों के लिए अस्पतालों में बिस्तर आरक्षित रखने और जांच, दवा व अन्य संसाधनों की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इसके कारणों, रोकथाम व उपचार की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने का भी निर्देश दिया है। इसमें इन्फ्लुएंजा की स्थिति में क्या करें और क्या न करें के बिंदु भी शामिल करने को कहा गया है।

सीएचसी-पीएचसी में भी अलर्ट

स्वाइन फ्लू को लेकर सरकारी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। सीएचसी और पीएचसी में दवाएं भेज दी गई हंै। जांच के इंतजाम के निर्देश दिए गए हैं। पैरामेडिकल स्टाफ को स्वाइन फ्लू से बचाव का टीका लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष लखनऊ में स्वाइन फ्लू के 19 मामले सामने आए थे।

रहे सतर्क
डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि स्वाइन फ्लू आम फ्लू की तरह होता है जिसमें जुकाम, खांसी, बुखार, गले में दर्द, उल्टी लगना या उल्टी होना, सिर दर्द, बदन दर्द आदि होते हैं। इसका संक्रमण ड्रॉपलेट इंफेक्शन के माध्यम से फैलता है। रोगी के खांसने और छींकने से इसके कीटाणु वातावरण में फैल जाते हैं। फ्लू के उपचार से ज्यादा बेहतर इससे बचाव करना है।

 

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