विकास कार्य ठप, बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा मडिय़ांव, लोग परेशान

  • बजबजाती नालियां और खस्ताहाल सड़कें खोल रही हैं पोल
  • कूड़ेघर में तब्दील हुए खाली प्लाट, जिम्मेदार लापरवाह

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नगर निगम भले ही लोगों को स्वच्छता और बुनियादी सुविधाएं देने का दावा कर रहा हो लेकिन आज भी राजधानी के तमाम इलाके अव्यवस्था से जूझ रहे हैं। शहर के कुछ इलाकों को छोड़ दें तो बजबजाती नालियां, खस्ताहाल सड़कें, जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर और आवारा जानवरों की समस्या पूरे शहर में है। शहर के पाश इलाकों से दूर बसे मडिय़ांव क्षेत्र के प्रीती नगर, डुडौली समेत आस-पास के तमाम क्षेत्रों में फैली अव्यवस्था नगर निगम के दावों की पोल खोल रही है। यह स्थिति तब है जब इन दिनों शहर में स्वच्छ सर्वेक्षण चल रहा है।
मडिय़ांव क्षेत्र के तमाम इलाकों में चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। सड़कों और खाली प्लाटों में लगे कूड़े के ढेर पर आवारा जानवरों का जमावड़ा लगा रहता है। यहां सड़कों और नालियों का दूर-दूर तक अता-पता नहीं है। निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण घरों का पानी सड़कों और खाली प्लाटों में बह रहा है। नतीजतन, लोगों का सड़क पर निकलना मुश्किल हो चुका है।
लोगों का कहना है कि इलाके में नगर निगम के सफाई कर्मी कभी-कभी ही दिखाई पड़ते हैं। नालियों की सफाई के लिए प्राइवेट सफाई कर्मियों को लगाया जा रहा है। इलाके में कूड़ा निपटान का कोई प्रबंध नहीं होने के कारण लोगों ने खाली प्लाटों को ही कूड़ेघर में तब्दील कर दिया है। क्षेत्र में खस्ताहाल सड़के लोगों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों की मरम्मत किए जाने को लेकर कई बार विभाग में शिकायत की गई लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। सफाई व्यवस्था तक दुरुस्त नहीं की गई।

बढ़ रहा आक्रोश

क्षेत्रवासियों का आरोप है कि यहां पहले कोई विकास कार्य नहीं हुआ। बड़े प्रयास के बाद एक सड़क का निर्माण हो रहा है। वह भी आधा बनी है। प्रीती नगर में जिस सड़क का निर्माण किया जा रहा है। उसको कुछ दूरी तक बना कर छोड़ दिया गया है। इसके चलते लोगों में नगर निगम के प्रति नाराजगी व्याप्त है।

क्या कहना है स्थानीय लोगों का

नीलम शर्मा का कहना है कि क्षेत्र में ठेकेदारों ने आधी सड़क ही बनाई है। नालियां न बनने से सड़क पर नालियों का पानी बहता है। इससे कई जगह जलभराव की समस्या पैदा हो गई है।

हेमलता श्रीवास्तव का कहना है कि टूटी नालियों के कारण घरों का पानी खाली प्लाटों में भर जाता है, जिससे क्षेत्र में दुर्गंध बनी रहती है। इसके कारण इलाके में बीमारियों का खतरा बना रहता है।

प्रभात कुमार का कहना है कि इलाके की सड़कें खस्ताहाल हैं। नालियों का पानी सड़क पर बहता है। सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। निगम की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

आरएन तिवारी के मुताबिक इलाके में कूड़ा उठाने की कोई व्यवस्था नहीं है। लिहाजा जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। यहां आवारा जानवरों का जमावड़ा लगा रहता है। इन जानवरों से बच्चों को खतरा बना रहता है।

राजीव कुमार का कहना है कि सफाई नहीं होने के कारण नालियां चोक हो गई हैं। पानी सड़क पर बहता है जिसके कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल
होता है।

देवेन्द्र नाथ द्विवेदी ने बताया कि पिछले कई सालों से क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। उल्टा नगर निगम की टैक्स वसूली जारी है। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

 

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