बुआ-बबुआ का साथ, छोड़ा कांग्रेस का हाथ, यूपी में लिखा नया इतिहास

कल संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोकसभा चुनाव की रणनीति का ऐलान करेंगे अखिलेश-मायावती
सपा-बसपा गठबंधन से भाजपा की नींद उड़ी कांग्रेस को रणनीतिक रूप से रखा गया अलग

संजय शर्मा
लखनऊ। बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद यूपी में एक नारा लगा था, मिले मुलायम-कांशीराम, हवा में उड़ गए जय श्रीराम, इसका लंबा दौर बीत चुका है और सपा-बसपा की दुश्मनी की चर्चा जनमानस में आम होती चली गई मगर कहा जाता है कि राजनीति में न कोई स्थाई दोस्त होता है और न कोई स्थाई दुश्मन। यूपी की राजनीति में 24 साल बाद एक नया इतिहास बनने जा रहा है जब कल सपा मुखिया अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोकसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति का खुलासा करेंगे।
2019 में दिल्ली के तख्त के लिए भाजपा के लिए सबसे बड़ी अग्नि परीक्षा यूपी में होने जा रही है, इसकी पहली झलक कल दिखाई पड़ेगी। हालांकि सपा-बसपा के गठबंधन की चर्चाएं कुछ महीनों से हवा में तैर रही थीं मगर भाजपा और कुछ राजनीतिक विश्लेषक यह मानने को तैयार नहीं थे कि मायावती और अखिलेश इतनी आसानी से एक मंच पर आ जाएंगे। उनका मानना था कि सीबीआई दोनों पर लगातार दबाव बनाए हुए हैं और सीबीआई के दबाव के कारण यह समझौता नहीं हो सकता। मध्य प्रदेश और राजस्थान में सपा-बसपा के अलग-अलग चुनाव लडऩे से यह बात साबित हो गई थी मगर इस बीच सपा और बसपा के नेता आपस में संपर्क में रहे। खासतौर से सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बसपा सुप्रीमो मायावती से संवाद बनाए रखा और उन्हें यह समझाने में सफलता हासिल कर ली कि उन दोनों का साथ ही भाजपा को सत्ता से दूर रख सकता है। सपा-बसपा का गठबंधन जातिगत आंकड़ों के हिसाब से लगभग 72फीसदी वोट बैंक कवर करता है। यही वह आंकड़ा है जिसने भाजपा की नींद उड़ा दी है। गोरखपुर, फूलपुर और कैराना जैसी लोकसभा सीट जहां सीएम से लेकर पीएम तक जुटे थे मगर सफलता हासिल नहीं हुई। यह वोट बैंक उत्तर प्रदेश की राजनीति को नए सिरे से बदल देगा। सभी का यह मानना है कांग्रेस को रणनीतिक रूप से अलग रखा गया है जिससे ऊंची जातियों का भाजपा का वोट बैंक वापस भाजपा में न चला जाए। जो लोग अखिलेश यादव को राजनीति में थोड़ा अपरिपक्व कह रहे थे उनको अखिलेश यादव ने यह गठबंधन करके साफ संदेश दे दिया है कि राजनीति में उनकी सोच और उनकी विनम्रता उन्हें नए मुकाम तक पहुंचा सकती है। भाजपा इस गठबंधन की काट में जुट गई है मगर उसे इतनी आसानी से सफलता मिल पाएगी अब इसकी संभावना कम लग रही है।

लोकसभा चुनाव की तैयारी तेज, भाजपा की राष्टï्रीय परिषद में रणनीति पर मंथन

मोदी देंगे जीत का मंत्र, पार्टी का नारा भी किया जाएगा घोषित

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। भाजपा ने लोकसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हंै। आज से दिल्ली के रामलीला मैदान में भाजपा की दो दिवसीय बैठक शुरू होगी। बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जीत का मंत्र देंगे। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह इसका उद्घाटन करेंगे। समापन भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पार्टी का मुख्य चुनावी नारा भी देंगे। यह अब तक की सबसे बड़ी राष्ट्रीय परिषद है, जिसमें देशभर से करीब 12 हजार कार्यकर्ता जुट रहे हैं। यह बैठक सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोगों को शिक्षा एवं रोजगार में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान करने वाले संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा और राज्यसभा की मंजूरी मिलने के बीच हो रही है। भाजपा मीडिया प्रकोष्ठ के प्रमुख एवं राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी ने बताया था कि यह देशभर के पार्टी कार्यकर्ताओं का महासंगम हैं।

पीएम से मिला गिफ्ट, बदल गई कांग्रेस: राहुल

लोकसभा चुनाव में चौंकाएगी कांग्रेस, कई राज्यों में भाजपा से सीधी टक्कर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक साक्षात्कार में कहा कि मुझे पीएम मोदी से एक बड़ा गिफ्ट मिला है। मैं अब गहराई से सुनता हूं। कांग्रेस बदल गई है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस इस बार सबको चौंका देगी। साल 2014 की कांग्रेस और 2019 की कांग्रेस में काफी अंतर है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी से गठबंधन न होने के बावजूद यहां कांग्रेस काफी अच्छा प्रदर्शन करेगी। सिख दंगों के सवाल पर राहुल ने कहा कि मैं 1984 सिख दंगों को लेकर अपने विचार स्पष्ट कर चुका हूं। अगर कोई भी अल्पसंख्कों को नुकसान पहुंचाता है, फिर चाहे वह किसी भी धर्म, जाति या समुदाय से संबंधित हो, उसे सजा मिलनी चाहिए। सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में उम्र कैद की सजा पाने वाले कांग्रेस नेता सज्जन कुमार ने 31 दिसंबर को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। वह दिल्ली की मंडोली जेल में कैद हैं। राहुल ने कहा कि हमारा लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हराना है। कई राज्य ऐसे हैं, जहां हमारी पार्टी काफी मजबूत है। यहां हम भाजपा को सीधी टक्कर दे रहे हैं। मोदी ने मुझे सबसे बड़ा उपहार दिया है, वह यह है कि मैं अब सुनता हूं, मैं बहुत गहराई से सुनता हूं। गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दो दिवसीय संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर हैं। राहुल गांधी आज दुबई में हैं और कल अबुधाबी पहुंचेंगे। इस दौरान वे प्रवासी भारतीयों से मुलाकात करेंगे । यह राहुल का 2019 का पहला अंतरराष्ट्रीय दौरा है, जिसके कई राजनीतिक मायने भी हैं। दरअसल, राहुल जिन जगहों पर जाएंगे वहां भारत के अन्य राज्यों समेत दक्षिण भारत के लोगों की बड़ी संख्या रहती है।

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