सिनेमा ने हिंदी के प्रसार में दिया विशेष योगदान: शलभ

  • बैंकाक में कवि राजेश अरोरा शलभ को हिंदी सेवी सम्मान से नवाजा गया

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। अन्तरराष्ट्रीय साहित्य मंच द्वारा बैंकाक में हिंदी की वैश्विक सामथ्र्य विषय पर आयोजित संगोठी में प्रसिद्ध कवि राजेश अरोरा ‘शलभ’ ने कहा कि हिंदी की सामथ्र्य बढ़ती जा रही है। यह विश्व के तमाम देशों में बोली जाती है। हिंदी के प्रसार में सिनेमा का विशेष योगदान रहा है। जिस प्रकार साहित्य समाज का दर्पण है, उसी प्रकार सिनेमा भी समाज का दर्पण बन चुका है। साहित्य और सिनेमा का जब सामंजस्य हो जाता है तो उसकी लोकप्रियता और बढ़ जाती है।
श्री शलभ ने प्रेमचन्द के ‘गंबन’, ‘गोदान’ भगवती चरण वर्मा की चित्रलेखा और आचार्य चतुरसेन के उपन्यास वैशाली की नगर वधू’ का उदाहरण देते हुए कहा कि जब हिन्दी की साहित्यिक कृतियों पर फिल्में बनीं तो हिन्दी साहित्य जन-जन तक पहुंचा। नीरज का गीत करवां गुजर गया, गुबार देखते रहे, फिल्म में आते ही युवाओं की जुबान पर चढ़ गया। राजकपूर की फिल्म ‘आवारा’ का गीत रूस में गाया जाता हैं। श्री शलभ को कार्यक्रम की मुख्य अतिथि यूनिवर्सिटी ऑफ अमेरिका, न्यूयार्क की प्रो.बिन्देश्वरी अग्रवाल ने हिंदी सेवी सम्मान से नवाजा। श्री शलभ ने कंबोडिया, वियतनाम और थाईलैंड में काव्य पाठ कर हिंदी के सामथ्र्य से लोगों को रूबरू कराया।

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