आदेश बेअसर, वसूली से बाज नहीं आ रहे यातायात पुलिसकर्मी, जाम से हलकान लोग

  • कड़े आदेशों के बावजूद नहीं सुधर रही राजधानी की यातायात व्यवस्था
  • ड्यूटी में बरती जा रही लापरवाही, चौराहों से नदारद रहते हैं सिपाही
  • नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले चालकों के खिलाफ नहीं हो रही कार्रवाई

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। तमाम आदेशों और निर्देशों के बावजूद राजधानी की यातायात व्यवस्था में सुधार होता नहीं दिख रहा है। वहीं ट्रैफिक पुलिसकर्मी वाहन चालकों से वसूली में मस्त हैं और लोग जाम से जूझ रहे हंै। वसूली के चक्कर में ट्रैफिक पुलिसकर्मी चौराहों पर ड्यूटी से नदारद दिखते हैं। इसके कारण लोग यातायात नियमों की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं। वहीं हादसों की आशंका भी बनी रहती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त आदेशों के बावजूद लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। यहां की तमाम सडक़ों पर जाम से लोग जूझ रहे हैं। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी उठानी पड़ रही है। यही नहीं जाम के कारण एंबुलेंस भी कई बार फंस जाती है, जिससे गंभीर मरीज को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही है। कई चौराहों पर यातायात को नियंत्रित करने वाले ट्रैफिक सिपाही नदारद रहते हैं। इसके कारण वाहन सडक़ों पर बेतरतीब तरीके से चलने लगते हैं और जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। यह स्थिति तब है जब पिछले दिनों खुद एसएसपी यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सडक़ों पर उतर आए थे। कई दिनों तक उन्होंने राजधानी को जाम से मुक्त करने का अभियान चलाया था और मातहतों को सडक़ों पर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। लेकिन मातहतों पर इन आदेशों का कोई असर नहीं दिख रहा है। वे वसूली करने में व्यस्त है। यही नहीं पीक आवर्स में चौराहै पर यातायात पर नजर रखने की बजाय ट्रैफिक पुलिस बाइक पर बैठकर चाय की चुस्की लेते नजर आते है या बाहर से राजधानी में प्रवेश करने वाले वाहनों से वसूली करते नजर आते हैं। वहीं ट्रैफिक के सिपाही व होम गार्डो की माने तो उन्हें वाहनों को रोकने का आदेश एसआईटी व टीएसआई द्वारा मिलता है। ट्रैफिक व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए रिंग रोड पर पडऩे वाले मुख्य चौराहों जैसे टेढ़ी पुलिया, खुर्रम नगर, मुंशी पुलिया इत्यादि के लिये दो आईपीएस व एक पीपीएस को जिम्मेदारी सौंपी गई थी लेकिन इस इलाके में जमकर वसूली की जा रही है। रिंग रोड पर पडऩे वाले इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर दिन भर वाहन रोके जाते हंै लेकिन सारा काम पुलिस बूथ के अंदर होता है। वहीं इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे के पास ट्रैफिक नियंत्रण के जिम्मेदार चौराहे पर अपनी बाइक खड़ी कर चाय की चुस्की लेते रहते है और जाम का झाम बना रहता है।

दुर्घटना की आशंका भी बढ़ी

यातायात व्यवस्था के दुरुस्त नहीं होने के कारण सडक़ हादसों की आशंका रहती है। कई इलाकों में लोग तेज रफ्तार से वाहन निकालते हैं और पुलिस खड़ी देखती रहती है। इस दौरान वाहन चालक यातायात के नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं। कई बार रांग साइड से रोड पार करते हैं। बावजूद इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।

यहां भी हाल-बेहाल

रिंग रोड सहारा मोड़ पर एक होम गार्ड व एक ट्रैफिक सिपाही के अलावा कोई नहीं दिखता। ये भी यहां आराम फरमाते हैं। जाम की समस्या से इनको कोई लेना-देना नहीं है। यही हाल खुर्रम नगर व मुंशी पुलिया का है।

यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। वसूली की शिकायत मिलने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दोष सिद्ध होने पर जेल भी भेजा जाएगा।
कलानिधि नैथानी,एसएसपी

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