हंसना मना है

जब घर में पोछा लगा हो तो ऐसे निकलना पड़ता है जैसे पाकिस्तानियों ने बारूद बिछा रखा हो।

सोनू: इतना गुस्से में क्यों हंै। मोनू: आज मैं 10 मिनट में 5 किलोमीटर दौड़ गया। सोनू: इसमें गुस्से वाली कौन सी बात है। मोनू: यार, पता नहीं रोज कौन अपना कुत्ता खुला छोड़ देता है।

जितनी ठंड में आजकल के बच्चों की छुट्टियां होने लगी हैं। उतनी ठंड में हम बचपन में स्कूल में मुर्गा बन जाया करते थे।
पप्पू: इतना परेशान क्यों है। गप्पू: कल अखबार में आया था कि एक रिक्शा वाले की बेटी ने गोल्ड मेडल जीता है। दूसरे की बेटी के बोर्ड के एग्जाम में 99 प्रतिशत नंबर आए हैं। पप्पू: तो इसमें परेशान होने वाली कौन सी बात है। गप्पू: यह सब पढ़कर मेरे बच्चे मुझे रिक्शा चलाने के लिए कह रहे हैं।

बचपन की कुछ मोहब्बतें इसलिए भी जुदा हो जाती हैं क्योंकि 12वीं में जाते ही मैथ्स, कॉमर्स और आट्र्स अलग-अलग हो जाते हैं।

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