अब डॉक्टर न होने पर फार्मासिस्ट भी लिख सकेंगे दवा

  • अधिवेशन में चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री ने किया ऐलान
  • 10 वर्ष पुराने फार्मासिस्टों को मिलेगा चीफ फार्मासिस्ट का दर्जा
  • मरीजों की सहूलियतों को देखते हुए फार्मासिस्टों को दवा लिखने का अधिकार

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

131717240

लखनऊ। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में तैनात फार्मासिस्टों को दवा लिखने का अधिकार मिलेगा। इसके लिए फार्मासिस्टों को एक प्रशिक्षण दिया जायेगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसके क्रियान्वयन के लिए एक नीति बनायी जायेगी।
डफरिन स्थित सभागार में आयोजित डिप्लोमा फार्मासिस्ट राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशन के अधिवेशन में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) व अन्य छोटे सरकार अस्पताल जहां पर डॉक्टरों की कमी हैं। ऐसे में वहां के मरीजों की सहूलियतों को देखते हुए फार्मासिस्टों को दवा लिखने का अधिकार दिया जायेगा। अधिवेशन में मंत्री ने कहा कि 10 वर्ष की सरकारी सेवा पूरी कर चुके फार्मासिस्टों की पदोन्नति में यदि विलम्ब होता है तो ऐसी स्थिति उन्हें राजपत्रित अधिकारी (चीफ फार्मासिस्ट) का दर्जा मिल जायेगा। अधिवेशन में मंत्री ने फार्मासिस्ट संवर्ग की पदोन्नति, वेतन विसंगति और रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया। साथ ही पूर्वांचल में जो फार्मासिस्ट एक ही संस्था में काम कर रहे है उन्हें दूसरे स्थानों में नियुक्त किया जाएगा।

Loading...
Pin It