अयोध्या पर फिर नई तारीख

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 10 जनवरी को तीन जजों की बेंच तय करेगी सुनवाई की तारीख

  • जल्द तय होंगे न्यायाधीशों के नाम, 30 सेकेंड में सुप्रीम कोर्ट ने लिया निर्णय
  • आठ साल से लंबित है राममंदिर विवाद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। अयोध्या के राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद पर एक बार फिर सुनवाई टल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तीन जजों की पीठ अयोध्या भूमि विवाद मामले की सुनवाई की तारीख 10 जनवरी को तय करेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि एक उपयुक्त बेंच राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि मालिकाना विवाद मामले की सुनवाई की तारीख तय करने के लिए 10 जनवरी को आदेश देगी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस एसके कौल की बेंच ने कहा कि उपयुक्त बेंच मामले की सुनवाई की तारीख तय करेगी। यह बेंच सुनवाई की रूपरेखा भी तय करेगी। बेंच में कौन-कौन जज होंगे अभी यह तय नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि 6-7 जनवरी तक नई बेंच और उसमें शामिल होने वाले जजों के नामों का ऐलान हो जाएगा। सुनवाई के लिए मामला सामने आते ही चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि यह राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामला है और इस पर आदेश पारित किया गया है। इस दौरान अलग-अलग पक्षों की ओर से कोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे और राजीव धवन को अपनी बात रखने का कोई मौका नहीं मिला। अयोध्या विवाद मामले की सुनवाई 30 सेकेंड से भी कम चली। गौरतलब है कि अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह जनवरी में इस मामले पर सुनवाई करेगा। आज दो जजों की बेंच सुनवाई के लिए बैठी।
बताते चलें कि अयोध्या का मामला पिछले आठ सालों से लंबित है। 30 सितंबर 2010 को इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आया था। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में विवादित जगह पर मस्जिद से पहले हिन्दू मंदिर होने की बात मानी थी लेकिन जमीन को रामलला विराजमान, निर्मोही अखाड़ा और सुन्नी वक्फ बोर्ड के बीच बांटने का आदेश दे दिया था लेकिन हाईकोर्ट के फैसले को किसी ने स्वीकार नहीं किया। फैसले के खिलाफ सभी पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। दूसरी ओर सहयोगी दलों और साधु-संतों की नाराजगी को देखते हुए केंद्र की मोदी सरकार राम मंदिर विवाद पर जल्द सुनवाई के पक्ष में है। केंद्रीय मंत्री कई बार कह चुके हैं कि सरकार सुप्रीम कोर्ट से आग्रह करेगी कि वह जल्द सुनवाई करें। आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राम मंदिर पर सुनवाई काफी अहम मानी जा रही है।

संघ और संत समाज कर चुके हैं कानून लाने की मांग

राममंदिर मामले में हो रही देरी को देखते हुए आरएसएस, शिवसेना, वीएचपी और संत समाज के एक वर्ग ने कानून लाने की मांग की है। हालांकि सरकार का कहना है कि हमें सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का इंतजार करना चाहिए। पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि राम मंदिर पर हमारी सरकार अध्यादेश नहीं लाएगी। कानूनी प्रक्रिया के बाद ही राम मंदिर पर फैसला किया जाएगा। राम मंदिर को लेकर जब तक कानूनी प्रक्रिया चल रही है तब तक अध्यादेश लाने का विचार नहीं है।

रोज सुनवाई की करेंगे अपील

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मौजूद हिंदू महासभा के वकील ने कहा है कि अगर नई बेंच मामले की सुनवाई रोजाना करती है तो सालों पुराने इस विवाद का फैसला 60 दिनों में भी आ सकता है। हिन्दू महासभा के वकील ने कहा कि हम 10 जनवरी को इस मामले की सुनवाई करने वाली बेंच के समक्ष अपनी बात रखेंगे और मामले में रोजाना सुनवाई की अपील करेंगे।

भाजपा के विकास कार्यों से डरे राहुल बार-बार आ रहे अमेठी: स्मृति ईरानी

  • कांग्रेस अध्यक्ष पर केंद्रीय मंत्री ने जमकर साधा निशाना, अमेठी रवाना

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने आज फिर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। अमेठी रवाना होने से पहले राजधानी के एयरपोर्ट पर उन्होंने कहा कि भाजपा ने अमेठी की जनता से अपना हर वादा पूरा किया है। यहां हर बूथ पर भाजपा ने काम किया है। हमने पांच साल में इतना काम किया है कि राहुल गांधी को बार-बार अमेठी आना पड़ रहा है। जो सांसद पांच साल में एक या दो बार चेहरा दिखाता था। उसे अब बार-बार अमेठी आना पड़ रहा है।
स्मृति ईरानी ने कहा कि हमने करीब पांच वर्ष में इतना काम कर दिया है कि कांग्रेस अध्यक्ष को डर के कारण बार-बार अमेठी आना पड़ रहा है। आज से वह दो दिन तक अमेठी में रहेंगे और हम अपना काम करने के बाद वापस लौट जाएंगे। उन्होंने तो अपने आगमन का कार्यक्रम तक बदल दिया है। हमारे अमेठी से जाने के बाद वहां पहुंचेंगे। गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी करीब साढ़े दस बजे लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरी। यहां से वे अमेठी रवाना हुईं।

देश में झूठ फैला रही कांग्रेस: संबित

लखनऊ। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा आज लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी देश में भ्रम व झूठ फैलाने का काम कर रहे हैं । संसद की कार्यवाही को बाधित कर रहे हैं। राहुल को जवाब देने के लिए स्मृति ईरानी अमेठी में हैं।

करोड़ों के जमीन घोटाले में पूर्व उप आवास आयुक्त गिरफ्तार

  • मेरठ पुलिस ने राजधानी के गोमतीनगर से की गिरफ्तारी
  • एनआरएचएम घोटाले के भी आरोपी हैं वीके चौधरी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। करोड़ों के जमीन घोटाला मामले में मेरठ पुलिस ने आज पूर्व उप आवास आयुक्त वीके चौधरी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। करीब 300 करोड़ का घोटाला बताया जा रहा है।
मेरठ पुलिस ने लखनऊ के गोमतीनगर में छापेमारी कर पूर्व उप आवास आयुक्त वीके चौधरी को गिरफ्तार किया। इन पर भू-माफियाओं के साथ साठ-गांठकर इंद्रप्रस्थ एस्टेट सहकारी समिति की 52 एकड़ ज़मीन हड़पने का आरोप है। कोर्ट के आदेश पर 2015 में इनके खिलाफ मेरठ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले की जांच तत्कालीन कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने की थी। जांच में आरोपों की पुष्टिï हुई थी। गौरतलब है कि वीके चौधरी एनआरएचएम घोटाले के भी आरोपी हैं।

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