रॉक बैंड और ठुमरी ने जीता दर्शकों का दिल

लखनऊ महोत्सव की आखिरी शाम कलाकारों ने रॉक बैंड, ठुमरी और कथक से लोगों का मन मोह लिया। तृष्णा बैंड के मोंटी, आकांक्षा व पीटर ने रूप तेरा मस्ताना, मेरे महबूब कयामत होगी जैसे पुराने गीतों से गुजरा जमाना याद दिलाया। शास्त्रीय गायिका पद्मश्री डॉ. सोमा घोष ने अपनी आवाज में ठुमरी और गजल सुनाकर क्लासिकल नाइट को यादगार बना दिया। उन्होंने शिव तांडव पर केंद्रित बंदिश से प्रस्तुति से आगाज किया। इसके बाद उन्होंने हमरी अटरिया पे आ जा रे सांवरिया सुनाया। वहीं आरुषि निशंक ने मुख्य मंच पर पद्मश्री सोमा घोष के बाद कथक की प्रस्तुति दी।

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