डॉ. भीमराव आंबेडकर को सबने किया याद

  • राज्यपाल, मुख्यमंत्री समेत कई मंत्री हुए कार्यक्रम में शामिल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर देश और प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर उन्हें याद किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के
राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य समेत कई मंत्रियों और नेताओं ने बाबा साहब की मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्घांजलि दी। वहीं बसपा ने गोमती नगर स्थित सामाजिक परिवर्तन स्थल पर कार्यक्रम आयोजित कर बाबा साहब को श्रद्घांजलि दी।
राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आज सुबह हजरतगंज पहुंचे। जहां उन्होंने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद दोनों लोग प्रदेश सरकार के कई अन्य मंत्रीगणों के साथ अंबेडकर महासभा पहुंचे। वहां भी आंबेडकर की प्रतिमा पर श्रद्घासुमन अर्पित कर उन्हें याद किया गया।

अमृतसर रेल हादसे में सिद्धू और उनकी पत्नी को क्लीनचिट!

  • डिविजनल कमिश्नर ने 300 पन्नों की रिपोर्ट सरकार को सौंपी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। दशहरे के दिन अमृतसर में हुए रेल हादसे की 300 पन्नों की जांच रिपोर्ट में नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू को क्लीनचिट दी गई है। इस मामले की जांच कर रहे जालंधर के डिविजनल कमिश्नर ने 21 नवंबर को पंजाब सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। जिसके आधार पर मुख्यमंत्री को अंतिम निर्णय लेना है।
जालंधर के डिविजनल कमिश्नर बी पुरुषार्थ की रिपोर्ट की खास बातें ये हैं कि इसमें नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू को क्लीनचिट दी गई है। नवजोत सिंह सिद्धू के बारे में इस रिपोर्ट में लिखा गया है कि वे घटना के दिन अमृतसर में मौजूद नहीं थे। नवजोत कौर सिद्धू के बारे में लिखा गया है कि वे इस कार्यक्रम की चीफ गेस्ट थीं, लेकिन चीफ गेस्ट किसी भी वेन्यू पर जाकर यह चेक नहीं करता कि वहां किस तरह के इंतजाम हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इंतजाम के बारे में आयोजकों को ही सुनिश्चित करना होता है। इसलिए माना जा रहा है कि सिद्धू और उनकी पत्नी को मामले में क्लीनचिट मिल जाएगी। क्योंकि सूबे में सरकार भी कांग्रेस की ही है।

गाजियाबाद का नाम बदले सरकार: सांसद अनिल अग्रवाल

  • गाजियाबाद को महाराजा अग्रसेन नगर करने का प्रस्ताव सीएम को भेजा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। पूर्वी उत्तर प्रदेश से उठी शहरों के नाम बदलने की मांग अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक पहुंच गई है। भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल ने दिल्ली से सटे गाजियाबाद का नाम बदलने की मांग की है। उनकी मांग है कि गाजियाबाद का नाम ‘महाराज अग्रसेन नगर’ कर दिया जाए। इसको लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी भी लिख दी है।
अनिल अग्रवाल का कहना है कि गाजियाबाद में सबसे ज्यादा वैश्य समाज के लोग रहते हैं, इसके कारण शहर का नाम बदला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यहां रहने वाले वैश्य समाज के लोगों की भी यही मांग है। राज्यसभा सांसद ने कहा कि मुगल शासक गाजीउद्दीन ने गाजियाबाद बसाया था, लेकिन वह एक शासक था, और गाजियाबाद के विकास में वैश्य समाज का बहुत बड़ा योगदान रहा है। इसलिए इस पर ध्यान देना चाहिए। गाजीउद्दीन के नाम पर गाजियाबाद गुलामी के दिनों की याद दिलाता है। इसलिए इसका नाम प्राथमिकता के आधार पर बदला जाना चाहिए। आपको बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार इलाहाबाद और फैजाबाद का नाम बदल चुकी है। फैजाबाद को अयोध्या, इलाहाबाद को प्रयागराज कर दिया गया है। इसके बाद से ही राज्य में कई शहरों का नाम बदलने की मांग की जा चुकी है। इस फेहरिस्त में अब गाजियाबाद भी जुड़ गया है।

गाजियाबाद: अपराधी को थाने से छुड़ा ले गये रिश्तेदार

  • ग्यारह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था का क्या हाल है, इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि यहां पर पुलिसवाले भी सुरक्षित नहीं हैं। बुलंदशहर में हुई यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर की हत्या का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि गाजियाबाद के थाना ट्रॉनिका सिटी में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां एक आरोपी के रिश्तेदार पुलिसकर्मियों को पीटकर आरोपी को जेल से भगा ले गए।
जानकारी के मुताबिक ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र में बुधवार की रात एक लडक़ी को कुछ युवकों ने छेडऩे का प्रयास किया। लडक़ी ने घर पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी तो पुलिस राहुल को पूछताछ के लिए थाने ले गई थी। इसी बीच राहुल के परिजन ट्रॉनिका सिटी थाना पहुंचे और हंगामा करने लगे। परिजनों ने एक वायरलेस सेट भी तोड़ा और कॉन्स्टेबल से मार-पीट कर राहुल को अपनी कार में छुड़ा ले गए। गाजियाबाद के एसएसपी उपेंद्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि इस मामले में 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और 6 की तलाश जारी है।

ग्यारह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था का क्या हाल है, इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि यहां पर पुलिसवाले भी सुरक्षित नहीं हैं। बुलंदशहर में हुई यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर की हत्या का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि गाजियाबाद के थाना ट्रॉनिका सिटी में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां एक आरोपी के रिश्तेदार पुलिसकर्मियों को पीटकर आरोपी को जेल से भगा ले गए।
जानकारी के मुताबिक ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र में बुधवार की रात एक लडक़ी को कुछ युवकों ने छेडऩे का प्रयास किया। लडक़ी ने घर पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी तो पुलिस राहुल को पूछताछ के लिए थाने ले गई थी। इसी बीच राहुल के परिजन ट्रॉनिका सिटी थाना पहुंचे और हंगामा करने लगे। परिजनों ने एक वायरलेस सेट भी तोड़ा और कॉन्स्टेबल से मार-पीट कर राहुल को अपनी कार में छुड़ा ले गए। गाजियाबाद के एसएसपी उपेंद्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि इस मामले में 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और 6 की तलाश जारी है।

सैफई में कई सरकारी विभागों की बिजली कटी, हडक़ंप

  • 60 लाख का बिजली बिल बकाया होने पर की गई कार्रवाई

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद से पूरे सूबे में बदलाव देखने को मिल रहा है। अब प्रदेश में सरकार के बदलने का असर समाजवादी पार्टी के गढ़ और मुलायम सिंह यादव के पैतृक गांव सैफई पर भी पड़ रहा है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पैतृक गांव इन दिनों अंधेरे में डूबा हुआ है। इसके बाद भी लगातार बिजली विभाग की गाज सैफई पर गिरती जा रही है।
मुलायम सिंह यादव के गांव सैफई में सरकारी इमारतों पर बिजली विभाग की कार्यवाही देखने को मिल रही है। यहां पर करीब सप्ताह भर पूर्व हवाई पट्टी की बिजली काट दी गई। इसके बाद अब ट्रांजिस्ट हॉस्टल समेत चार सरकारी इमारतों की भी बिजली काट दी गई। इन चारों पर करीब 60 लाख रुपये की बकायेदारी है। विद्युत् विभाग के अधीक्षण अभियंता एसके शर्मा ने बताया कि सैफई के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पर 5.68 लाख रुपये व ट्रांजिस्ट हॉस्टल पर 36.41 लाख रुपये बिजली बिल बकाया है। इसके अलावा पीडब्ल्यूडी डाक बंगला पर 5.68 लाख रुपये और कृषि उत्पादन मंडी परिषद पर 18.37 लाख रुपये के बिलों का बकाया है। इसलिए जब तक बकाया धनराशि जमा नहीं होगी, तब तक कनेक्शन जोड़े नहीं जाएंगे।

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