शहीद इंस्पेक्टर सुबोध के परिजनों ने की सीएम से मुलाकात, योगी बोले, बख्शे नहीं जाएंगे दोषी

  • बुलंदशहर हिंसा में शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के नाम पर होगी सडक़ और कॉलेज
  • परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने का ऐलान, होम लोन भी चुकाएगी सरकार
  • बच्चों की पढ़ाई में मदद और असाधारण पेंशन की भी घोषणा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। बुलंदशहर हिंसा में शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के परिजनों ने आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। इनके साथ प्रभारी मंत्री अतुल गर्ग, रीता बहुगुणा जोशी और डीजीपी ओपी सिंह भी मौजूद रहे। सीएम ने परिजनों से कहा कि दोषी कोई भी हो बचेगा नहीं। हमारी तीन टीमें वहां काम रही हैं। शीघ्र ही साजिश का सच सामने होगा।
प्रभारी मंत्री अतुल गर्ग ने बताया कि मुख्यमंत्री ने परिवार की पूरी बात सुनी। सीएम ने कहा कि सरकार पीडि़त परिवार के साथ है। शहीद सुबोध के नाम पर सडक़ और कॉलेज होगा। सरकार दिवंगत इंस्पेक्टर के तीस लाख का होम लोन भी चुकाएगी। शहीद के परिवार ने साहस और धैर्य का परिचय दिया है। सुबोध के बेटों की पढ़ाई में सरकार मदद करेगी। बच्चों की पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी। 50 लाख की आर्थिक मदद की जाएगी जिसमें 40 लाख की आर्थिक मदद पत्नी और 10 लाख की मदद माता को मिलेगी। परिवार के एक सदस्य को नौकरी मिलेगी। डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि जांच के बाद तत्काल कार्रवाई होगी। सीएम में भरोसा दिलाया कि इस मामले में सरकार निष्पक्ष कार्रवाई कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने दिवंगत इंस्पेक्टर के आश्रित परिवार को असाधारण पेंशन देने की भी घोषणा की है।
सुबोध सिंह की पत्नी रजनी ने बताया कि वह सरकार की कार्रवाई से खुश हैं। और उन्हें न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है। गौरतलब है कि इस मामले में एसआईटी जांच की रिपोर्ट कल देर रात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मिल गई है। यहां पर हिंसा के बाद आरोपियों की धरपकड़ जारी है। बुलंदशहर में सोमवार को गोकशी के शक में हिंसा भडक़ उठी थी। इस हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और एक नौजवान सुमित चौधरी की मौत हो गई थी।

न्याय मिलने की उम्मीद: श्रेय

शहीद इंस्पेक्टर सुबोध सिंह के बड़े बेटे श्रेय सिंह ने कहा कि हमने अपनी मांगें सीएम के सामने रखीं। हमारी सभी मांगों को सरकार ने मान लिया है, जो आरोपी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। सीएम ने न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। हमें न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है।

मुख्य आरोपी योगेश राज को तलाश रही पुलिस

अभी तक इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी बजरंग दल के नेता योगेश राज को पुलिस तलाश रही है। उसकी गिरफ्तारी की चर्चा है। हालांकि अभी इसकी पुष्टिï नहीं हुई है। कल योगेश ने एक वीडियो जारी कर सफाई दी थी। योगेश ने कहा था कि स्याना में हुई घटना में पुलिस उसे अपराधी बताने में तुली हुई है।

बाबरी विध्वंस: अयोध्या में चप्पे-चप्पे पर नजर, लखनऊ में शिला पूजन

  • धारा 144 लागू, सघन चेकिंग अभियान जारी
  • शिवसेना और विहिप ने लिया मंदिर निर्माण का संकल्प

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बाबरी विध्वंस की बरसी पर अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। वहीं लखनऊ में शिवसेना और विहिप ने शिला पूजन कर राम मंदिर निर्माण का संकल्प लिया।
अयोध्या को किले में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर अयोध्या में 6 कंपनी पीएसी, 2 कंपनी आरएएफ के साथ 4 एडिशनल एसपी, 10 डिप्टी एसपी, 10 इंस्पेक्टर, 150 सब इंस्पेक्टर और 500 सिपाहियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा घरों की छतों से भी पुलिस निगरानी कर रही है। शहर के सभी एंट्री पॉइंट्स पर बैरिकेडिंग की गई है। शहर में आने-जाने वाले सभी लोगों की सघन चेकिंग के आदेश हैं। जिले में पहले से ही धारा 144 लागू है। वहीं राजधानी लखनऊ में हजरतगंज के हनुमान मंदिर में शिवसैनिकों व विहिप ने हवन और शिलापूजन कर राम मंदिर निर्माण का संकल्प लिया। इस मौके पर हिंदू संगठनों ने शौर्य दिवस मनाया।

वर्मा को हटाने से पहले कमेटी से क्यों नहीं ली सलाह: सुप्रीम कोर्ट

  • सरकार ने कहा, यह ट्रांसफर का मामला नहीं

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी सीबीआई में मचे घमासान पर सुप्रीम कोर्ट में आज भी सुनवाई जारी है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सरकार से पूछा कि सीबीआई निदेशक के अधिकार वापस लेने से पहले सेलेक्शन कमेटी की सलाह लेने में क्या मुश्किल थी?
सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि आलोक वर्मा की दलील यह है कि उनके अधिकार वापस लेने संबंधी कोई भी कार्रवाई विनीत नारायण जजमेंट के विपरीत है और ऐसा करने के लिए सेलेक्शन कमेटी की स्वीकृति की आवश्यकता है। जिसके जवाब में तुषार मेहता ने कहा कि यह ट्रांसफर का मामला नहीं था। सीजेआई ने कहा कि फिर भी सलाह लेने में क्या दिक्कत थी? सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में केंद्र द्वारा छुट्टी पर भेजे जाने के फैसले को चुनौती दी है।

 

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