जिद… सच की पाक आतंकियों का हनी ट्रैप और भारतीय युवा

सवाल यह है कि पाकिस्तान के आतंकी संगठन नया पैंतरा क्यों आजमा रहे हैं? क्या कश्मीर में भारतीय सेना के ऑल आउट अभियान ने आंतकियों की कमर तोड़ दी है? क्या सीमा पार से घुसपैठ नहीं हो पाने के कारण आतंकियों ने यह रास्ता चुना है? क्या हनी ट्रैप के शिकार युवाओं को चिन्हित करना खुफिया एजेंसियों के लिए आसान होगा? क्या कश्मीर के बाहर के युवा भी हनी ट्रैप का शिकार हो रहे हैं?

Sanjay Sharma

कश्मीरी युवाओं को आतंकी बनाने के लिए पाक आतंकी संगठनों ने एक नया जाल बिछाया है। ये खूबसूरत महिलाओं के जरिए युवाओं को लुभाकर आतंकी बना रहे हैं। महिलाएं सोशल मीडिया के जरिए इन्हें अपने जाल में फंसा रही हैं। यह खुलासा सईद शाजिया की गिरफ्तारी के बाद हुआ। सवाल यह है कि पाकिस्तान के आतंकी संगठन नया पैंतरा क्यों आजमा रहे हैं? क्या कश्मीर में भारतीय सेना के ऑल आउट अभियान ने आंतकियों की कमर तोड़ दी है? क्या सीमा पार से घुसपैठ नहीं हो पाने के कारण आतंकियों ने यह रास्ता चुना है? क्या हनी ट्रैप के शिकार युवाओं को चिन्हित करना खुफिया एजेंसियों के लिए आसान होगा? क्या कश्मीर के बाहर के युवा भी हनी ट्रैप का शिकार हो रहे हैं? क्या आतंकियों के हनी ट्रैप के शिकार सेना और पुलिस के जवान हो रहे हैं?
पाकिस्तान की सरकार, सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई की शह पर वहां के आतंकी संगठन कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। पाक आतंकी संगठन न केवल सीमा पार से घुसपैठ कर घाटी में हिंसा करते हैं बल्कि वे यहां के युवकों को भी आतंकवादी बना रहे हैं। इस काम में पाकिस्तान के आतंकी संगठनों को यहां के अलगाववादियों का समर्थन मिल रहा है। ये अलगाववादी पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर कश्मीरी युवाओं को पैसे का लालच देकर भारतीय सेना पर पत्थर फिंकवाते हैंं। दरअसल, कश्मीर में फैले आतंकवाद को खत्म करने के लिए भारतीय सेना का ऑपरेशन ऑल आउट जारी है। कई खूंखार आतंकी मारे जा चुके हैं। सीमा पर चौकसी बेहद कड़ी है। लिहाजा पाक सेना द्वारा कवर फायरिंग के बाद भी पाकिस्तानी आतंकी भारी संख्या में घुसपैठ करने में सफल नहीं हो पा रहे हैं। कश्मीरी युवा भी अब आतंकवाद से दूरी बनाने लगे हैं। इसके चलते आतंकियों को हथियार व गोला-बारूद नहीं मिल पा रहे हैं। लिहाजा कश्मीर युवाओं को जाल में फंसाने के लिए ये संगठन खूबसूरत महिलाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। जब ये लडक़े उनके जाल में फंस जाते हैं तो इनसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक हथियार भिजवाएं जाते हैं। साथ ही इनका इस्तेमाल घुसपैठ करने वाले आतंकियों के लिए गाइड की तरह किया जाता है। हैरानी यह है कि पुलिस विभाग के कई जवान भी इनकी गिरफ्त में हैं। ये महिलाएं इनके जरिए पुलिस और सेना की ताजा लोकेशन पाकिस्तान में बैठे आकाओं तक पहुंचाती हैं। इस संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि देश के अन्य भागों के कई युवा भी हनी ट्रैप का शिकार हुए हों। जाहिर है सेना और खुफिया एजेंसी को इस नेटवर्क को ध्वस्त करना होगा अन्यथा कश्मीर में स्थितियां नहीं सुधर पाएंगी।

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