करोड़ों की मिट्टी का हो रहा था खनन एसएसपी के आदेश पर सीज हुए वाहन

  • डीएम के आदेश को दरकिनार कर खनन माफिया कर रहे दिन-रात खनन
  • देर रात एसएसपी को मिली जानकारी तो तत्काल कार्रवाई करने के दिए आदेश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में खनन माफिया का दुस्साहस वाकई शासन-प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। दिन हो या रात माफिया धड़ल्ले से अवैध खनन कर रहे हैं। इसमें कुछ अधिकारियों की मिलीभगत भी है, लेकिन इसकी जानकारी जैसे ही एसएसपी कलानिधि नैथानी को मिली उन्होंने तत्काल इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए विभूतिखंड पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए। उनके आदेश के बाद पुलिस ने एक जेसीबी और एक डम्पर सीज कर दिए। हालांकि इसके बाद भी अवैध खनन रुकता है या नहीं यह देखने की बात है।
बता दें कि विभूतिखंड थाना क्षेत्र में सिंगापुर मॉल के पास खनन माफिया देर रात लगभग 12 बजे अवैध खनन कर रहे थे। इसकी सूचना कई बार स्थानीय पुलिस को दी गई लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस मामले में एसएसपी कलानिधि नैथानी को फोन के माध्यम से सूचना दी गई तो उन्होंने तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। एसएसपी के आदेश के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। जहां उसने मौके पर मिली एक जेसीबी और एक डम्पर को कब्जे में लिया और सीज कर दिया। इंस्पेक्टर विभूतिखंड डीके उपाध्याय ने बताया कि इस मामले में चालक से पूछने पर उसने बताया कि खनन रेल प्रशासन द्वारा कराया जा रहा है लेकिन जिस वाहन का खनन के लिए रजिस्ट्रेशन है उस वाहन को मौके पर नहीं पाया गया। इस मामले में दोनों वाहनों को सीज कर रिपोर्ट एसीएम चतुर्थ को भेज दी गई है। इसलिए अब आगे की कार्रवाई वही करेंगे।

पुलिस ने नहीं दी है अनुमति

खनन को लेकर अधिशासी अभियंता निर्माण पूर्वोत्तर रेलवे ने आठ अक्टूबर 2018 को एसपी यातायात को पत्र भेजकर जिन वाहनों से खनन करने की अनुमति मांगी है उसको लेकर पुलिस ने अनुमति नहीं दी है। सवाल उठता है कि जब पुलिस से अनुमति नहीं मिली तो कैसे खनन हो रहा है।

एसीएम चतुर्थ करेंगे कार्रवाई
इस मामले में एसीएम चतुर्थ कार्रवाई करेंगे या नहीं यह देखना होगा। क्योंकि इंस्पेक्टर डीके उपाध्याय का कहना है कि इस मामले की रिपोर्ट बनाकर एसीएम चतुर्थ को भेज दी गई है। अब वही कार्रवाई करेंगे।

रेलवे के इंजीनियर भी शामिल थे खनन में

पूर्वाेत्तर रेलवे लखनऊ के उप मुख्य इंजीनियर निर्माण ने खनन को लेकर 15 अक्टूबर 2018 को जिलाधिकारी लखनऊ को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि गोमतीनगर-मल्हौर रेलवे स्टेशन के बीच खनन का कार्य किया जाएगा। जिसे जिला प्रशासन द्वारा बंद कराया गया है। इस मामले में प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहने के कारण जिलाधिकारी को सूचना नहीं दे पाये। इस मामले में उनको खेद है। सवाल उठता है कि इसके बाद भी अब तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई।

अवैध खनन होगा तो नपेंगे कोतवाल: एसएसपी

इस मामले में एसएसपी कलानिधि नैथानी ने साफ तौर पर कहा कि यदि कहीं भी अवैघ खनन की सूचना मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी। यदि इस मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका संदिग्ध पाई गई तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। कोतवाल भी बख्शे नहीं जाएंगे।

बाजार में बेची जा रही करोड़ों रुपये की मिट्टी

जिलाधिकारी लखनऊ ने खनन की अनुमति रेलवे को देते समय स्पष्ट कहा था कि इस मिट्टी का उपयोग केवल सरकारी कार्य में ही होगा और मिट्टी दो मीटर से अधिक नहीं खोदी जाएगी मगर विभाग के अधिकारियों ने डीएम के आदेश को दरकिनार कर पैसे के लालच में ठेकेदार से मिलीभगत करके करोड़ों रुपये की मिट्टी खोदवा डाली और इसको बाजार में बेच डाला। यही नहीं मिट्टी भी निर्धारित सीमा दो मीटर से कई गुना अधिक खोद डाली गई।

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