दीपिका-रणवीर शादी के बाद मुम्बई लौटे, अब होगा रिसेप्शन

इटली के लेक कोमा में शादी रचाने के बाद बॉलीवुड का नवविवाहित जोड़ा रविवार सुबह छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचा, जहां कैमरे के सामने दोनों हंसते-खिलखिलाते नजर आए। दोनों ने प्रशंसकों का हाथ जोडक़र आभार व्यक्त किया। हवाई अड्डे पर कई प्रशंसक उनकी एक झलक पाने का इंतजार कर रहे थे। दीपिका जहां लाल बनारसी दुपट्टे में लिपटी थीं और उनके माथे पर सिंदूर, हाथ में मेहंदी और पारंपरिक लाल चूड़ा था, वहीं रणवीर कुर्ता-पाजामा के साथ गुलाबी रंग की नेहरू जैकेट में दिखे। रणवीर कार से उतरते वक्त अपने हाथों से दीपिका को संभाल रहे थे, दोनों ने काले रंग के सनग्लास पहन रखे थे।
एयरपोर्ट से निकलकर दीपिका को रणवीर सिंह सीधे अपने पापा के घर ले गए । वहां पहुंचकर दीपिका ने घर में प्रवेश किया। आपको बताते चलें कि बाजीराव-मस्तानी की शाही शादी का समारोह इटली के लेक कोमो में 14- 15 नवंबर को आयोजित हुई है। इस शादी को दोनों कलाकारों ने काफी निजी रखा है। आनंद कारज की रस्म के दौरान दीपिका बहुत इमोशनल होने के समाचार मिले हैं। आनंद कारज के समय हर्षदीप कौर जब गुरबाणी एक ओंकार की लाइव परफॉर्मेंस देने के दौरान दीपिका काफी इमोशनल हो गईं थी। वो खुद को संभाल रही थीं लेकिन जब आखिरी फेरे में दीपिका पिता प्रकाश पादुकोण से मिली तो खुद को रोने से नहीं रोक पाई।
दीपिका अपने पापा से गले मिलकर बहुत देर तक रोती रहीं। इस दौरान रणवीर ने कहा कि मैं दीपिका का साथ आखिरी वक्त तक निभाउंगा। दीपिका और रणवीर की शादी के बाद 21 नवंबर को बेंगलूरू और 28 नवंबर को मुंबई में रिसेप्शन होगा।

ेआमिर के साथ काम करेंगी अदिति राव

बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहे जाने वाले अभिनेता आमिर खान के साथ काम करना हर अभिनेत्री का सपना होता है। ऐसे में खबरें आ रही है कि अभिनेत्री अदिती राव हैदरी आमिर खान के साथ काम करेंगी। जी हां, अदिति राव हैदरी ने आमिर खान से मुलाकात की है। इससे इस बात की चर्चा हो रही है आमिर की अगली फिल्म में अदिति काम करती नजर आ सकती है। आमिर खान अपनी अगली फिल्म की कास्टिंग में व्यस्त हैं। आमिर खान की फिल्म ‘ठग्स आफ हिंदुस्तान’ रिलीज हो चुकी है। इसके बाद आमिर खान की अगली फिल्म की तैयारी में जुट गए हैं। अदिति राव हैदरी का आमिर खान के घर जाकर मीटिंग करना इस बात की ओर इशारा तो करता है कि आने वाले दिनों में आमिर की अगली फिल्म का हिस्सा बन सकती है।

रेमो की एबीसीडी-3 में गाना कोरियोग्राफ करेंगे धर्मेश

ष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कोरियोग्राफर और फिल्म मेकर रेमो डिसूजा ने डांसर धर्मेश येलांडे को अपनी आगामी नृत्य-आधारित फिल्म में एक गाना करने का मौका दिया है। इस फिल्म का संभावित शीर्षक एबीसीडी-3 है। रेमो ने धर्मेश को यह ऑफर उनके स्टारप्लस के डांस रियलिटी शो डांसप्लस 4 का एक प्रदर्शन देखने के बाद दिया।
रेमो ने एक बयान में कहा कि एक फिल्ममेकर के रूप में जब आप ऐसा कुछ देखते हैं तो एक कलाकार के लिए इज्जत कई गुना बढ़ जाती है। जिस तरीके से धर्मेश और उनकी टीम ने उस एक्ट की संकल्पना की और उसे किया। वह अविश्वसनीय है! मैंने जो स्टेज पर देखा, वो अतुलनीय है और मैंने उन्हें मेरी अगली फिल्म में एक गाना कोरियोग्राफ करने को कहा है।
धर्मेश की रेमो के साथ यह तीसरी फिल्म होगी। इससे पहले वे एबीसीडी, एनीबडी कैन डांस और एबीसीडी-2 कर चुके हैं। एबीसीडी-3 में वरुण धवन और कैटरीना कैफ होंगी।

पूरी दुनिया में छाया छोटा सा यह गांव

नई दिल्ली। इस दुनिया में हर शहर के बाद गांव जरूर होते है। वहीं आपने बहुत से गांव भी देखे होंगे, लेकिन दुनिया में एक गांव ऐसा भी है जो अपनी रंग बिरंगी सुंदरता के कारण शहरों को भी मात कर रहा है।
आज हम जिस गांव के बारे में बता रहे हैं वो अपने रंग-बिरंगे कलर्स की वजह से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। जी हां, इंडोनेशिया का छोटा सा गांव काम्पुंग पेलंगी कभी दिखने में मलिन बस्ती की तरह लगता था लेकिन आज ‘इंद्रधनुषी गांव’ में तब्दील हो गया है। अपनी रंग बिरंगी छटा को समेटे दुनिया में ‘इंद्रधनुषी गांव’ के नाम से चर्चित इंडोनेशिया के एक गांव ने सोशल मीडिया पर खूब धमाल मचाया हैं। रंगों के संयोजन से इस गांव को नया रूप प्रदान किया गया है जो बरबस ही पर्यटकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। यह छोटा सा गांव काम्पुंग पेलंगी इंडोनेशिया में है। यह गांव दुनिया भर में मशहूर हो गया है। यह गांव जावा द्वीप में स्थित है। सपनों का ये गांव लंदन, पेरिस और मुंबई से भी सुंदर है। इस गांव में 390 घर हैं जिनको अलग-अलग रंगों में रंग दिया गया है। घरों के अलावा गलियों और उनकी दीवारों में भी रंग भर दिया गया है। इस गांव को देखने पर ऐसा महसूस होता है कि आकाश के इंद्रधनुष को निहार रहे हैं। पूरे गांव के रंगरोगन में करीब 16 लाख रुपए खर्च हुए हैं। इस काम को सरकार और कुछ कंपनियों के सहयोग से पूरा किया गया है।
यह गांव पहाड़ों के बीच नदी के किनारे बसा है। पहले यह गांव इंडोनेशिया का स्लग एरिया था। टूटे फूटे घर और पिछड़े लोग यहां रहते थे। लेकिन एक स्कूल के प्रिंसिपल ने इस गांव को बदलने के बीड़ा उठाया। 54 साल के स्लामेट विडोडो ने अपने इस गांव को बदलने का प्रस्ताव तैयार किया और स्थानीय सरकार से मिले। सेन्ट्रल जावा कम्यूनिटी ने उनके प्रस्ताव को मंजूर कर लिया और इस पर तेजी से काम शुरू हो गया। घरों और गलियों की रंगाई के बाद इस गांव की सूरत ही बदल गई। पूरा गांव ऐसे लगता है जैसे किसी चित्र प्रदर्शनी में आ गए हैं।

भिखारी की याद में कुत्तों ने किया कुछ ऐसा, देखते रह गए लोग

भोपाल। ऐसा कहा जाता है कि इंसान अगर जानवरों से प्यार करें तो आखिरी समय तक वही जानवर उसका साथ निभाते हैं। हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुन और देखकर हर कोई हैरान रह गया। हमने ये तो सुना है कि इंसानों के सबसे वफादार में कुत्ता ही होता है। एक अज्ञात युवक के अंतिम समय में कुछ ऐसा ही देखने को मिला।
यह कहानी एक अज्ञात व्यक्ति की है जिसका मृत शरीर बीते दिनों भोपाल के सरगम टॉकीज के पास चंद्रमा झील रोड पर पाया गया था। 40 वर्षीय युवक जिसका अपना कोई नहीं था लेकिन वे बेजुबान कुत्ते उसके शव को काफी देर तक घेरकर बैठे रहे साथ ही भौंक-भौंक कर उसे जगाने का भी प्रयास किया। इतना ही नहीं ये कुत्ते पहरा लगाकर उसके पास बैठे रहे। लोगों ने देखा की यह वही कुत्ते थे, जिन्हें वह अपने खाने के हिस्से से कुछ न कुछ दिया करता था। जब लोगों ने देखा कि उस इंसान की मौत हो चुकी है तो पुलिस को सूचना दी गई। हद तो तब हो गई जब पुलिस शव को लेकर चलने लगी तो कुत्तों की आंखें नम हो गईं। सभी कुत्ते उदासी में बैठ गए। यह सिलसिला कुछ देर तक चलता रहा लेकिन जब उनका मालिक उनको वहां दिखाई नहीं दिया तो उंघते हुए वहां से चले गए।
हालांकि इस दौरान पुलिस ने उस शख्स को पहचानने की काफी कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। जब लोगों से पूछा गया कि यहां पर कुत्तों का झुंड क्यों बैठा है तो लोगों ने बताया कि मानसिक रूप से कमजोर इंसान कुत्तों से बहुत प्यार करता था। उसे जो भी खाने को मिलता था वह कुत्तों के साथ शेयर करता था।

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