शहरवासियों को सस्ता घर देने की तैयारी, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नगर निगम बनवाएगा फ्लैट

  • पारा में प्रधानमंत्री आवास योजना के 239 फ्लैटों का होगा निर्माण
  • दस करोड़ आएगा खर्च टेंडर प्रक्रिया के तहत चयनित की जाएगी एजेंसी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। नगर निगम जल्द ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैटों का निर्माण कराएगा। योजना के तहत एलडीए और आवास विकास परिषद की तर्ज पर नगर निगम भी शहरवासियों को सस्ता आवास उपलब्ध कराएगा। इस योजना का निर्माण पारा में कराया जाएगा। जिसमें करीब 239 फ्लैटों के निर्माण की योजना है। नगर निगम प्रशासन की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। जिससे निर्माण करने वाली एजेंसी का चयन हो सके। हालांकि फ्लैट के निर्माण में डेवलपर न मिलने से नगर निगम के सामने अड़चन आ रही है। फ्लैटों के निर्माण के लिए नगर निगम दो बार टेंडर प्रक्रिया आयोजित कर चुका है लेकिन अभी तक कोई डेवलपर सामने नहीं आया है। निगम के अभियंत्रण विभाग का दावा है कि टेंडर का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार भी कराया जा चुका है। अखबारों से लेकर ऑनलाइन टेंडर आमंत्रित किया जा चुका है लेकिन अभी कोई डवलपर नही मिला। नगर निगम के अधिशासी अभियंता फरीद अख्तर जैदी का कहना है कि उम्मीद है कि अगली बार टेंडर होने पर कोई न कोई डवलपर ऐजेंसी काम का जिम्मा लेगी।
जी प्लस 3 आवासों की यह योजना विशेष तौर पर प्रधानमंत्री योजना के तहत शहरवासियों के लिए लाई गई हैं। योजना के लिए जमीन का चयन पूर्व में किया जा चुका है। जिसकी पैमाइश भी हो चुकी है। अफसरों के अनुसार जमीन में किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं है। निगम के अफसरों का कहना है कि एक बार ऐजेंसी का चयन हो जाए तो जल्द ही नगर निगम की फ्लैट बुकिंग का रास्ता साफ हो जाएगा और लोग फ्लैट के लिए पंजीकरण करा सकेंगे। इस योजना पर नगर निगम करीब 10 करोड़ खर्च करेगा। हालांकि नगर निगम की आवास योजना में ग्राहकों का रुझान फिलहाल नहीं दिख रहा है। इसके पीछे फ्लैटों की बढ़ती कीमत को माना जा रहा है। करीब डेढ़ साल पहले नगर निगम ने पारा और रायबरेली रोड पर औरंगाबाद खालसा नाम से एक आवासीय योजना लांच की थी। इस आवासीय योजना में करीब डेढ़ हजार फ्लैटों का निर्माण शुरू किया गया। इसमें से करीब 750 फीट औरंगाबाद खालसा योजना और उतने ही पारा में बनाए जाने की योजना चल रही हैं। औरंगाबाद खालसा योजना का पंजीकरण भी किया जा चुका है लेकिन यहां महंगे फ्लैट होने के कारण महज 20 पंजीकरण ही हुए हैं। इसको देखते हुए निगम प्रशासन अब पारा में सस्ते आवास बनाएगा। इससे नगर निगम प्रशासन आवास योजना में पीएम आवास बनाकर पूरी करेगा।

अब लाइसेंसी असलहों पर बदमाशों की नजर, पुलिस के छूट रहे पसीने

  • न्यायिक अधिकारी राजर्षि शुक्ला समेत कई लोगों के लाइसेंसी हथियार चोरी
  • बड़े गैंग से तार जुड़े होने की आशंका जता रही पुलिस व क्राइम ब्रांच

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लाइसेंसी असलहाधारियों के मकान चोरों के निशाने पर हैं। दो साल के दौरान ज्यादातर चोरियां हथियार रखने वालों के घर में हुई। चोरों ने इन घरों में सबसे पहले लाइसेंसी असलहों और कारतूस पर ही हाथ साफ किया। पिछले दिनों गाजीपुर निवासी चीनी मिल निगम के इंजीनियर का लाइसेंसी रिवाल्वर घर से चोरी हो गया। इसके पहले 15 अक्टूबर को सीनियर आईएएस राजन शुक्ला के विभूतिखंड में सीएसआई टॉवर स्थित आवास से लाखों रुपये के जेवर, कैश के साथ उनके भाई व न्यायिक अधिकारी राजर्षि शुक्ला की प्रतिबंधित बोर की पिस्टल भी चोरी हो गई थी। इन वारदातों के बाद एसटीएफ और क्राइम ब्रांच इन्हें अंजाम देने वाले बदमाशों के तार बड़े गैंगों से जुड़े होने की पड़ताल में जुट गई है।
करीब दो साल के दौरान शहर में कई ऐसी बड़ी चोरियों हुई जिसमें लाइसेंसी असलहे चोरी हुए। पुलिस एक भी वारदात का खुलासा नहीं कर पाई। लेकिन हाल-फिलहाल हुई वारदातों में बदमाशों ने असलहों पर हाथ साफ किया तो पुलिस का शक दूसरी ओर जाने लगा। क्राइम ब्रांच के सूत्रों का कहना है कि चोरी के असलहों का पता न चलने से संदेह हो रहा है कि कोई बाहरी गिरोह रेकी करके वारदातों को अंजाम दे रहा है। गैंग के सदस्य स्थानीय साथियों के जरिए लाइसेंसी असलहा रखने वालों के घरों की रेकी करवाकर वारदात कर रहे हैं।

 

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