हो क्या रहा है सरकार में, सीएम के आदेश तक नहीं मानते अफसर

  • बदहाल यातायात व्यवस्था से नाराज सीएम ने एडीजी टै्रफिक को हटाने का दिया था आदेश
  • विपक्ष ने योगी सरकार पर साधा निशाना

गणेश जी वर्मा
लखनऊ। सरकार में लगता है सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। सूबे की ट्रैफिक व्यवस्था नाकाम रहने पर सीएम का पारा चढ़ा और उन्होंने एक सीओ को निलंबित करने और एडीजी को हटाने के आदेश कर दिये पर यूपी के गृह विभाग और डीजीपी कार्यालय पर लगता है सीएम के इन आदेशों पर कोई फर्क नहीं पड़ा क्योंकि 48 घंटे बीतने के बाद भी एडीजी को हटाने के आदेश जारी नहीं हो सके। पुलिस विभाग में इस बात की चर्चा हो रही है कि आखिर अफसरों की इतनी हिम्मत कैसे पड़ रही है कि वे सीएम तक के आदेश को नहीं मान रहे हैं। वहीं डीजीपी के पीआरओ कह रहे हैं कि शाम को बता पायेंगे कि आदेश हुए या नहीं। विपक्ष ने इस पर हमला बोलते हुए कहा है कि यह इस बात का सबूत है कि नौकरशाहों को सीएम के आदेश की चिंता नहीं है।
जिसे डीजीपी बनाने के लिये योगी सरकार ने डीजीपी की कुर्सी को लगभग 3 सप्ताह तक खाली रखा था आज वही डीजीपी अपने ही सीएम का आदेश नहीं मान रहे हैं। यदि ऐसा नही है तो अब तक एडीजी यातायात एमके बशाल को हटा दिया जाता लेकिन इस मामले में कोई अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है। यहां तक की डीजीपी साहब भी सीयूजी नम्बर छोडि़ए अपना पर्सनल नम्बर तक नहीं उठा रहे हैं। अपने ही सीएम का आदेश नहीं मानने वाले डीजीपी साहब पर भी कोई कार्रवाई होगी या नहीं इसको लेकर विभाग में खलबली मची है।  दरअसल, एडीजी ट्रैफिक बीते कुछ समय से लगातार छुट्टियों पर चल रहे थे। सीएम द्वारा ली गई कई बैठक में छुट्टी पर होने के चलते वह मौजूद नहीं रहे। लखनऊ के अलावा वाराणसी, इलाहाबाद, नोएडा, कानपुर और गाजियाबाद से लगातार खस्ताहाल ट्रैफिक की शिकायतें आ रही थीं। उस पर एडीजी ट्रैफिक का छुट्टी पर रहना सीएम को नागवार गुजर गया। लिहाजा सीएम ने उन्हें हटाने का आदेश दिया लेकिन 48 घंटे बीतने के बाद भी सीएम के आदेश का पालन नहीं किया गया है। इससे सरकार की किरकिरी हो रही है। विपक्ष इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साध रहा है। सपा ने सीएम योगी को कमजोर मुख्यमंत्री बताया है। माना जा रहा है कि जिन जिलों से ट्रैफिक के अफसरों के खिलाफ शिकायतें मिली है उनको हटाने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, गोरखपुर, इलाहाबाद, कानपुर समेत 10 जिलों में ई-चालान व्यवस्था की शुरुआत जल्द की जाएगी।

योगी आदित्यनाथ बेहद कमजोर और कठपुतली मुख्यमंत्री हैं। भाजपा ने उनको नफरत फैलाने के लिए नियुक्त किया है। उनकी डोर कहीं और बंधी हैं। यही वजह है कि प्रदेश सरकार के बाबू से लेकर अफसर तक उनकी बात नहीं सुनते हैं।
-सुनील सिंह साजन, प्रवक्ता सपा

आम आदमी पार्टी पहले ही कह चुकी है कि यूपी में योगी की नहीं मोदी की चल रही है। दोनों में अन्दर खाने बड़ा मतभेद हैं। मोदी के आदमी योगी की चलने नहीं देते हैं। नतीजा सामने है, यूपी की व्यवस्था ध्वस्त है और जनता तकलीफ में कराह रही है। -वैभव माहेश्वरी, प्रवक्ता, आम आदमी पार्टी

क्या कहना है डीजीपी पीआरओ का
डीजीपी के पीआरओ विवेक त्रिपाठी का कहना है कि इस मामले में फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता है। शाम को इस मामले की जानकारी प्रेस कॉफ्रेंस के जरिए दी जाएगी।

कैबिनेट बैठक में कई प्रस्तावों पर लगी मुहर

लखनऊ। (4पीएम न्यूज़ नेटवर्क) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी के साथ ही मल्टीस्क्रीन सिनेमाघरों को अनुदान देने संबंधी कई प्रस्तावों पर मुहर लगी। कैबिनेट बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा, सुरेश खन्ना, श्रीकांत शर्मा समेत कई अन्य मंत्रीगण उपस्थित रहे।

आलोक वर्मा का जवाब लीक होने पर भडक़े चीफ जस्टिस गोगोई, बोले आप सुनवाई के लायक नहीं

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। भ्रष्टïाचार के आरोप पर छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा का जवाब मीडिया में लीक होने पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई नाराज हो गए। उन्होंने इस मामले की सुनवाई टालते हुए कहा कि आप सुनवाई के लायक नहीं है। आज सुबह कोर्ट में सुनवाई शुरू होते ही चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के वकील फली नरीमन से कहा कि जो बातें आलोक वर्मा के जवाब में हैं, वही चीजें बाहर कैसे आईं। अगली सुनवाई 29 को होगी।

सेना के आयुध डिपो में धमाका छह की मौत, 10 जख्मी

  • वाहन से विस्फोटक पदार्थ का बाक्स उतारने के दौरान हुआ हादसा
  • महाराष्टï्र के वर्धा जिले में स्थित है डिपो, बचाव कार्य जारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। महाराष्ट्र के वर्धा जिले में स्थित आयुध डिपो के पास आज सुबह हुए विस्फोट में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई जबकि 10 लोग जख्मी हो गए। रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि निष्क्रिय करने के लिए आयुध (विस्फोटक पदार्थ)को वाहनों से उतारने के दौरान विस्फोट हुआ।
वर्धा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निखिल पिंगले ने बताया कि हादसे के दौरान वहां कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले 10-15 मजदूर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि आयुध उतारने के दौरान एक बक्से में विस्फोट हुआ। हादसा खुली जगह में हुआ। चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो अन्य ने अस्पताल में दम तोड़ा। उन्होंने बताया कि मरने वालों में आयुध फैक्टरी के कर्मचारी और मजदूर दोनों हैं। घायलों को सावंगी गांव के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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