राजा भैया ने बनायी पार्टी, कौन होगा ठाकुर वोटों का मालिक, योगी या राजा

  • आरक्षण के खिलाफ आवाज उठाकर राजा भैया ने खेला सवर्ण कार्ड
  • सीएम योगी के सामने क्षत्रिय वोटों को एकजुट रखने की होगी चुनौती

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजा भैया के राजनीतिक पार्टी के ऐलान से राजनीतिक गलियारों में हडक़ंप मच गया है। आज राजा भैया ने अपनी पार्टी के ऐलान के साथ ही आरक्षण के मुद्दे पर जिस तरह से हमला किया, उसने एक बार फिर यूपी में ऊंची जातियों को भडक़ा दिया है और यह साफ कर दिया है कि इस मुद्दे पर राजा भैया अभी और आक्रामक होंगे। राजा भैया क्षत्रियों में खासे लोकप्रिय हैं। उनके इस तरह पार्टी बनाने और फिर चुनाव लडऩे की घोषणा से भाजपा के क्षत्रिय चेहरे सीएम योगी के सामने भी इस बात की चुनौती रहेगी कि वह क्षत्रियों को राजा भैया के साथ जाने से रोकंे। राजा भैया के ये कदम भाजपा के लिए परेशानी भरे साबित हो सकते हैं।
पिछले काफी समय से आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा का परंपरागत वोट माना जाने वाला ब्राह्मïण, क्षत्रिय और वैश्य समुदाय नाराज था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जिस तरह भाजपा ने एससी-एसटी अधिनियम को प्रभावी बनाने के लिए अध्यादेश को संसद में रखा उससे यह वर्ग खुद को ठगा महसूस कर रहा था। इस वर्ग के लोगों का मानना था कि ऊंची जातियां परंपरागत रूप से भाजपा के साथ जाती हैं मगर भाजपा के इस फैसले से इन्हीं जातियों को नुकसान हो रहा है। भाजपा ने इस डैमेज को कंट्रोल करने की काफी कोशिश की। अप्रत्यक्ष रूप से कहा गया कि सीएम योगी क्षत्रियों का चेहरा हैं। यूपी में लंबे समय के बाद कोई क्षत्रिय सीएम बना है और भाजपा इस बात से गदगद थी कि इस बार क्षत्रिय वोट उसको मिलेगा मगर लोकसभा चुनाव से ठीक पहले राजा भैया की इस घोषणा ने भाजपा की परेशानी बढ़ा दी है। जब से मायावती ने राजा भैया पर पोटा लगाया था तब से क्षत्रिय समुदाय में राजा भैया एक हीरो की तरह स्थापित हुए थे। राजा भैया यूं तो निर्दलीय थे मगर सपा से उनका झुकाव जगजाहिर था और वह सपा सरकार में मंत्री भी बने थे। विगत दिनों राज्यसभा चुनाव में वोट डालने से पहले सीएम योगी से उनकी मुलाकात चर्चा का विषय बन गई थी और लोगों को लगने लगा था कि राजा भैया भी भाजपा खेमे में जा सकते हैं मगर आज राजा भैया ने अपनी पार्टी के ऐलान के साथ इन अटकलों पर विराम लगा दिया है। यही नहीं पार्टी के गठन की घोषणा करते समय जिस तरह राजा भैया ने आरक्षण के मुद्दे पर सवाल खड़े किए हंै उससे जाहिर है कि आने वाले समय में भाजपा को राजा भैया के यह तीखे सवाल और चुभेंगे। राजा भैया खासतौर से क्षत्रियों को आरक्षण के इस संवेदनशील मुद्दे पर एकजुट रखना चाहते हैं और सीएम योगी के लिए यह अग्निपरीक्षा का समय है कि वह क्षत्रियों को यह समझा सकें की असल में उनके मुद्दे का समाधान भाजपा ही कर सकती है। जाहिर है भाजपा के ठाकुर नेता के सामने दूसरा ठाकुर नेता ताल ठोक कर मैदान में आ गया है और चुनाव से पहले जहां वोटों की मारामारी है वहां क्षत्रिय
वोटों का बंटवारा भाजपा को नुकसान पहुंचाएगा।

एससी-एसटी एक्ट के प्रावधान प्राकृतिक न्याय के खिलाफ: राजा भैया

प्रतापगढ़ के कुड़ा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने नई पार्टी का ऐलान करते हुए कहा कि पार्टी बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। दल का नाम और झंडे के लिए चुनाव आयोग को लिखा गया है। हमने तीन नामों को सुझाया है, जिसमें जनसत्ता पार्टी, जनसत्ता दल और जनसत्ता लोकतांत्रिक पार्टी का नाम शामिल है। उन्होंने कहा कि कुछ मुद्दे ऐसे हैं, जिस पर सियासी पार्टिया सदन और बाहर कहीं भी नहीं बोलती हैं। ऐसा ही एक मुद्दा एससी-एसटी एक्ट है। एक्ट में संसद ने प्रावधान किया कि गिरफ्तारी के बाद जांच होगी। यह प्राकृतिक न्याय के खिलाफ है। आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति आईएएस या अधिकारी है, धन सम्पन्न है, उसे आरक्षण की क्या जरूरत है। ये आरक्षण उसी जाति के किसी दूसरे पात्र को मिले तो बेहतर है। राम मंदिर मुद्दे पर उन्होंने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ हैं। जवाब उन दलों को देना चाहिये जो मंदिर की सियासत करती हैं। किसी भी दल से गठबंधन के सवाल पर राजा भैया ने कहा कि ये दूसरी पार्टियों को तय करना है कि हमारे मुद्दों पर कौन साथ आना चाहता है।

सीएम योगी ने किया पुलिस लाइन का औचक निरीक्षण, महकमे में हडक़ंप

  • पुलिसकर्मियों के आवास के साथ अन्य सुविधाओं का लिया जायजा
  • निर्माणाधीन भवनों को जल्द पूरा करने का दिया निर्देश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज पुलिस लाइन का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री के निरीक्षण की सूचना पर पुलिस महकमे में हडक़ंप मच गया। आनन-फानन में अधिकारी मौके पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के आवास के साथ अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया और जल्द ही निर्माणाधीन भवनों को पूरा करने के
निर्देश दिए।
सीएम योगी आदित्यनाथ बिना पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के आज पुलिस लाइन पहुंचे। उनके साथ डीजीपी ओपी सिंह तथा आईजी जोन सुजीत पाण्डेय व एसएसपी लखनऊ कलानिधि नैथानी थे। मुख्यमंत्री सबसे पहले अस्तबल पहुंचे और घोड़ों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन बैरक के बारे में पूछताछ की। पुलिस लाइन में सीएम ने रजिस्टर भी चेक किया। उन्होंने महिला पुलिस कर्मी से कामकाज के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पुलिस लाइन की मेस का भी जायजा लिया। साफ सफाई और अस्पताल का भी निरीक्षण किया। सीएम ने पुलिस लाइन में साफ सफाई के निर्देश दिए।

सीबीआई विवाद: सीवीसी की रिपोर्ट में वर्मा को क्लीन चिट नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

  • कहा, कुछ सवालों की जांच जरूरी, वर्मा के जवाब के बाद लिया जाएगा फैसला

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। सीबीआई बनाम सीबीआई विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा को लेकर सीवीसी की रिपोर्ट पर अहम टिप्पणी की और उनसे जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा है कि सीवीसी रिपोर्ट में आलोक वर्मा को क्लीन चिट नहीं दी गई है। इस रिपोर्ट पर बेंच ने आलोक वर्मा से जवाब मांगा है। आलोक वर्मा के वकील की मांग पर सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट ने सीवीसी रिपोर्ट की कॉपी दी है। वर्मा से सीलबंद लिफाफे में अपना जवाब सौंपने का कहा है। कोर्ट ने कहा कि वर्मा के जवाब के बाद फैसला लिया जाएगा। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने रिपोर्ट को लेकर कहा, सीवीसी रिपोर्ट में वर्मा पर उठाए गए सवालों को लेकर जांच किए जाने की जरूरत है। कोर्ट ने आलोक वर्मा को लेकर सीवीसी रिपोर्ट की कॉपी राकेश अस्थाना को सौंपने से इनकार कर दिया।

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